TikTok ने US में एक क्राउड-सोर्स्ड डिबंकिंग सिस्टम शुरू किया, जो ऑनलाइन गलत सूचनाओं से निपटने के लिए कम्युनिटी-ड्रिवेन एप्रोच अपनाने वाला लेटेस्ट टेक प्लेटफ़ॉर्म बन गया है।
फ़ुटनोट्स, एक ऐसा फ़ीचर जिसका टेस्ट इस पॉपुलर वीडियो-शेयरिंग ऐप ने अप्रैल में शुरू किया था, जाँचे-परखे यूजर्स को ऐसी कंटेंट के लिए लिखित कॉन्टेक्स्ट सुझाने की अनुमति देता है, जो गलत या भ्रामक हो सकती है, मेटा और एक्स पर कम्युनिटी नोट्स की तरह।
प्लेटफ़ॉर्म के हेड एडम प्रेसर Adam Presser ने कहा "फ़ुटनोट्स लोगों को कंटेंट में प्रासंगिक जानकारी जोड़ने की अनुमति देकर टिकटॉक कम्युनिटी के कलेक्टिव नॉलेज का उपयोग करता है।"
उन्होंने कहा "आज से फ़ुटनोट्स पायलट प्रोग्राम में अमेरिकी यूजर्स शार्ट वीडियो पर फ़ुटनोट्स लिखना और उनकी रेटिंग करना शुरू कर सकते हैं, और हमारा अमेरिकी कम्युनिटी उपयोगी के रूप में रेट किए गए वीडियो को देखना शुरू कर देगा, और उन्हें रेटिंग भी देगा।"
टिकटॉक ने कहा कि लगभग 80,000 अमेरिकी यूजर्स, जिन्होंने कम से कम छह महीने तक अकाउंट बनाए रखा है, फ़ुटनोट्स योगदानकर्ता के रूप में योग्य हो गए हैं। वीडियो शेयरिंग ऐप के लगभग 170 मिलियन अमेरिकी यूजर्स हैं।
टिकटॉक ने कहा कि यह फीचर प्लेटफ़ॉर्म के मौजूदा अखंडता उपायों को और मज़बूत करेगी, जैसे कि वेरिफ़िएड न की जा सकने वाली कंटेंट को लेबल करना और प्लेटफ़ॉर्म पर पोस्ट की सटीकता का आकलन करने के लिए एएफपी जैसे फ़ास्ट-चेकिंग ऑर्गनाइजेशन के साथ साझेदारी करना।
इस क्राउड-सोर्स्ड वेरिफिकेशन सिस्टम को एलन मस्क के प्लेटफ़ॉर्म एक्स ने पॉपुलर बनाया था, लेकिन रिसर्चर ने झूठ से निपटने में इसकी प्रभावशीलता पर बार-बार सवाल उठाए हैं।
इस महीने की शुरुआत में एक स्टडी में पाया गया कि एक्स के 90 प्रतिशत से ज़्यादा कम्युनिटी नोट्स कभी प्रकाशित नहीं होते, जिससे इसकी प्रभावशीलता की प्रमुख सीमाओं पर प्रकाश डाला गया।
डिजिटल डेमोक्रेसी इंस्टीट्यूट ऑफ़ द अमेरिकाज़ (DDIA) के स्टडी ने जनवरी 2021 और मार्च 2025 के बीच एक्स द्वारा प्रकाशित 1.76 मिलियन नोट्स के संपूर्ण पब्लिक डेटासेट का एनालाइज किया।
टिकटॉक ने आगाह किया कि किसी फ़ुटनोट को पब्लिक होने में कुछ समय लग सकता है, क्योंकि योगदानकर्ता शुरुआत करते हैं, और इस फीचर से अधिक परिचित होते हैं।
एडम प्रेसर ने कहा "विभिन्न विषयों पर जितने अधिक फ़ुटनोट लिखे और रेट किए जाते हैं, यह सिस्टम उतनी ही अधिक स्मार्ट और इफेक्टिव बनती है।"
टेक प्लेटफ़ॉर्म तेज़ी से कम्युनिटी-ड्रिवेन मॉडल को प्रोफेशनल फैक्ट-चेकिंग ऑप्शन के रूप में देख रहे हैं।
इस साल की शुरुआत में मेटा ने United States में अपने थर्ड-पार्टी फैक्ट-चेकिंग प्रोग्राम को समाप्त कर दिया था, जिसके चीफ एग्जीक्यूटिव मार्क ज़करबर्ग ने कहा था, कि इससे "बहुत ज़्यादा सेंसरशिप" हो गई है।
इस फ़ैसले को व्यापक रूप से राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प को खुश करने के प्रयास के रूप में देखा गया, जिनके रूढ़िवादी समर्थक लंबे समय से शिकायत करते रहे हैं, कि टेक प्लेटफ़ॉर्म पर फैक्ट-चेकिंग से अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर अंकुश लगता है, और राइट-विंग कंटेंट पर सेंसरशिप लगती है।
प्रोफेशनल फैक्ट-चेकर्स इस दावे का पुरज़ोर खंडन करते हैं।
इसके ऑप्शन के रूप में ज़करबर्ग ने कहा कि मेटा के प्लेटफ़ॉर्म, फ़ेसबुक और इंस्टाग्राम "कम्युनिटी नोट्स" का इस्तेमाल करेंगे।
स्टडीज से पता चला है, कि कम्युनिटी नोट्स कुछ झूठों, जैसे टीके से जुड़ी गलत जानकारी को दूर करने में कारगर हो सकते हैं, लेकिन रिसर्चर ने लंबे समय से चेतावनी दी है, कि यह उन विषयों पर सबसे अच्छा काम करता है, जहाँ व्यापक सहमति हो।
कुछ रिसर्चर ने यह भी चेतावनी दी है, कि कम्युनिटी नोट्स के यूजर्स पक्षपातपूर्ण मान्यताओं के कारण राजनीतिक विरोधियों को निशाना बनाने के लिए प्रेरित हो सकते हैं।