TCS को लगा झटका, प्रॉफिट में हुई बड़ी गिरावट

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29 May 2026
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TCS ने यूरोप में लॉन्च किया SovereignSecure Cloud, बढ़ाई क्लाउड टेक्नोलॉजी क्षमता

Tata Consultancy Services (TCS) ने यूरोपीय संघ में अपने SovereignSecure Cloud की शुरुआत करके अपनी वैश्विक क्लाउड और डिजिटल संप्रभुता रणनीति को और मजबूत किया है। यह पहल सरकारों, सार्वजनिक क्षेत्र के संगठनों और रेगुलेटेड इंडस्ट्रीज को डेटा पर बेहतर नियंत्रण, अनुपालन और डिजिटल सुरक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से शुरू की गई है, साथ ही नवाचार और गति को भी बनाए रखा गया है।

TCS का SovereignSecure Cloud यूरोपीय बाजार में लॉन्च

Tata Consultancy Services ने अपने क्लाउड पोर्टफोलियो का विस्तार करते हुए यूरोप में SovereignSecure Cloud™ लॉन्च किया है। यह उन्नत क्लाउड समाधान विशेष रूप से उन क्षेत्रों के लिए बनाया गया है जो अत्यधिक रेगुलेटेड हैं, जैसे सरकारी संस्थान, वित्तीय सेवाएं, स्वास्थ्य संगठन और महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर प्रदाता।

इस ऑफरिंग का मुख्य उद्देश्य यूरोपीय उद्यमों को डिजिटल स्वायत्तता (Digital Autonomy) प्रदान करना है, साथ ही सख्त क्षेत्रीय डेटा सुरक्षा कानूनों और नियामक ढांचों का पालन सुनिश्चित करना है।

डेटा संप्रभुता और सीमापार डेटा प्रवाह को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच, यह समाधान सुरक्षित, स्केलेबल और लचीला क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर प्रदान करता है।

डिजिटल संप्रभुता और अनुपालन पर मुख्य फोकस

SovereignSecure Cloud प्लेटफॉर्म यूरोप में बढ़ती डिजिटल संप्रभुता की मांग को पूरा करने पर केंद्रित है। यह उद्यमों को निम्न लाभ प्रदान करता है:

  • संवेदनशील डेटा पर पूर्ण नियंत्रण बनाए रखना
  • EU नियामक और गवर्नेंस फ्रेमवर्क का पालन करना
  • साइबर सुरक्षा को मजबूत करना
  • नवाचार और नियंत्रण के बीच संतुलन बनाना
  • जटिल भू-राजनीतिक वातावरण में व्यापार निरंतरता सुनिश्चित करना

इसके साथ ही यह प्लेटफॉर्म आधुनिक डिजिटल व्यवसायों की आवश्यकताओं जैसे गति, स्केलेबिलिटी और इंटरऑपरेबिलिटी को भी बनाए रखता है।

बेहतर नियंत्रण के लिए मल्टी-लेयर क्लाउड आर्किटेक्चर

SovereignSecure Cloud एक संरचित मल्टी-लेयर आर्किटेक्चर पर आधारित है, जिसे अलग-अलग आवश्यकताओं के अनुसार लचीलापन और नियंत्रण प्रदान करने के लिए डिज़ाइन किया गया है।

1. Sovereign Cloud Layer

यह लेयर हाइपरस्केल क्लाउड प्रदाताओं के माध्यम से प्रदान की जाती है, जो स्केलेबिलिटी और प्रदर्शन सुनिश्चित करती है तथा EU नियमों के भीतर सुरक्षित संचालन की अनुमति देती है।

2. National Sovereign Cloud Layer

यह लेयर देश-विशिष्ट आवश्यकताओं को पूरा करती है, जिसमें डेटा लोकलाइजेशन और राष्ट्रीय स्तर पर अनुपालन शामिल है। यह एकीकृत नियंत्रण प्रणाली के तहत संचालन को सक्षम बनाती है।

3. Enterprise Cloud Services Layer

यह लेयर EU-विशिष्ट TCS Enterprise Cloud Framework का उपयोग करती है, जो क्लाउड वातावरण में ऑर्केस्ट्रेशन और गवर्नेंस प्रदान करती है। यह व्यवसायों को वर्कलोड और जोखिम के आधार पर संप्रभुता के स्तर को गतिशील रूप से लागू करने की सुविधा देती है।

AI एकीकरण और डिजिटल स्वायत्तता पर जोर

SovereignSecure Cloud केवल एक पारंपरिक क्लाउड प्लेटफॉर्म नहीं है, बल्कि यह एक AI-सक्षम इकोसिस्टम है। इसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस क्षमताओं का उपयोग किया गया है, जो निर्णय लेने, संचालन स्वचालन और सुरक्षा निगरानी को बेहतर बनाती हैं।

सॉवरेन क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर और AI को मिलाकर यह प्लेटफॉर्म उद्यमों को डिजिटल स्वायत्तता प्रदान करता है, जिससे वे स्वतंत्र रूप से संचालन कर सकें और साथ ही नियमों का पालन भी सुनिश्चित कर सकें।

यूरोप में TCS नेतृत्व का दृष्टिकोण

Tata Consultancy Services के यूरोप प्रमुख साप्तागिरी चापलापल्ली ने कहा कि यूरोपीय संगठन वर्तमान में सप्लाई चेन जोखिम और संप्रभुता से जुड़े मुद्दों को संतुलित करते हुए अत्याधुनिक तकनीकों का लाभ उठाना चाहते हैं।

उन्होंने कहा कि SovereignSecure Cloud एक व्यावहारिक दृष्टिकोण प्रदान करता है, जो लचीलापन, अनुपालन और मजबूती सुनिश्चित करता है, जिससे ग्राहक वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बने रह सकते हैं।

Sovereignty Consulting और Delivery Framework

Tata Consultancy Services ने EU में Sovereignty Consulting and Delivery Framework भी पेश किया है, जिसका उद्देश्य संगठनों को “Minimum Viable Sovereign Enterprise” बनाना है।

यह फ्रेमवर्क नियंत्रण और लचीलापन के बीच संतुलन स्थापित करने में मदद करता है। यह सभी वर्कलोड पर समान नियम लागू करने के बजाय उन्हें जोखिम और महत्व के आधार पर वर्गीकृत करता है और उसी अनुसार संप्रभुता का स्तर लागू करता है।

यूरोप में सॉवरेन क्लाउड की बढ़ती आवश्यकता

यूरोप में डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन तेज होने के साथ-साथ सॉवरेन क्लाउड समाधानों की मांग भी बढ़ रही है। सरकारें और उद्यम निम्न पर ध्यान दे रहे हैं:

  • डेटा सुरक्षा और गोपनीयता
  • राष्ट्रीय सुरक्षा अनुपालन
  • बाहरी निर्भरता में कमी
  • बेहतर परिचालन स्थिरता

SovereignSecure Cloud इन सभी आवश्यकताओं को एकीकृत रूप में पूरा करता है।

यूरोप में TCS की मजबूत उपस्थिति

Tata Consultancy Services पिछले 45 वर्षों से यूरोप में मजबूत उपस्थिति बनाए हुए है। कंपनी के क्षेत्र में 58 कार्यालय हैं और यह विभिन्न उद्योगों को सेवाएं प्रदान करती है, जैसे:

  • बैंकिंग और वित्तीय सेवाएं
  • मैन्युफैक्चरिंग
  • टेलीकॉम
  • रिटेल
  • ट्रैवल और लॉजिस्टिक्स

इसके अलावा TCS के पास यूरोप में 10 डेटा सेंटर और 21 डिलीवरी लोकेशन का मजबूत नेटवर्क है।

रणनीतिक महत्व

SovereignSecure Cloud का लॉन्च TCS की क्लाउड रणनीति में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह कंपनी की स्थिति को सुदृढ़ करता है और निम्न लाभ प्रदान करता है:

  • यूरोप में उपस्थिति का विस्तार
  • AI-सक्षम क्लाउड क्षमताओं का विकास
  • डिजिटल स्वायत्तता समाधान को बढ़ावा
  • सरकारों के डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन में सहयोग
  • सुरक्षित और स्केलेबल क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर

निष्कर्ष:

Tata Consultancy Services द्वारा यूरोप में SovereignSecure Cloud का विस्तार वैश्विक डिजिटल रणनीति में एक बड़ा कदम है। यह समाधान सॉवरेन इंफ्रास्ट्रक्चर, AI और मल्टी-लेयर क्लाउड आर्किटेक्चर को मिलाकर सरकारों और उद्यमों को डिजिटल स्वायत्तता प्रदान करता है।

बढ़ती सुरक्षा और अनुपालन आवश्यकताओं के बीच यह लॉन्च TCS को वैश्विक क्लाउड बाजार में और मजबूत स्थिति प्रदान करता है।

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टाटा ग्रुप की दिग्गज आईटी कंपनी Tata Consultancy Services (TCS) ने बताया कि भारत में लागू हुए नए लेबर कोड्स का कंपनी पर सीधा असर पड़ा है। इन कानूनों की वजह से कंपनी को अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ा। यही खर्च Q3 FY26 के नतीजों में दिखाया गया है।

TCS ने इस खर्च को ₹2,128 करोड़ के एक्सेप्शनल आइटम के रूप में दर्ज किया है। यह तिमाही अक्टूबर से दिसंबर के बीच की है। इतना बड़ा अतिरिक्त खर्च जुड़ने से कंपनी के मुनाफे पर दबाव बना।

Q3 में 14 फीसदी गिरा नेट प्रॉफिट

मौजूदा वित्त वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही में TCS का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 14 फीसदी गिरकर ₹10,657 करोड़ रह गया। कंपनी ने साफ किया कि यह गिरावट मुख्य रूप से एक्सेप्शनल खर्चों की वजह से हुई है।

वेतन की परिभाषा बदली, ग्रेच्युटी खर्च बढ़ा

TCS ने बताया कि उसने कानूनी सलाह और उपलब्ध जानकारी के आधार पर नए श्रम कानूनों के असर का आकलन किया है। कंपनी के मुताबिक ₹1,816 करोड़ का अतिरिक्त खर्च ग्रेच्युटी से जुड़ा है। वहीं ₹312 करोड़ की लागत लॉन्ग-टर्म कम्पेन्सेटेड एब्सेन्सेस की वजह से आई है। यह पूरा असर वेज (वेतन) की परिभाषा में बदलाव के कारण पड़ा है।

भारत के चार नए श्रम कानून- Code on Wages, Industrial Relations Code, Code on Social Security और Occupational Safety, Health and Working Conditions Code 21 नवंबर से लागू हुए हैं।

कानूनी विवाद से ₹1,010 करोड़ का झटका

TCS ने अमेरिका में चल रहे एक कानूनी विवाद के चलते ₹1,010 करोड़ का एक और एक्सेप्शनल आइटम दर्ज किया है। यह मामला कंप्यूटर साइंसेज कॉर्पोरेशन की ओर से दायर किया गया है। इसमें ट्रेड सीक्रेट्स और गोपनीय जानकारी के दुरुपयोग के आरोप लगाए गए हैं।

TCS ने कहा कि बाहरी वकीलों से सलाह लेने के बाद कंपनी को अपने पक्ष में मजबूत केस होने का भरोसा है। वह फिफ्थ सर्किट कोर्ट के फैसले को पलटने के लिए कानूनी विकल्पों का पूरा इस्तेमाल करेगी।

रिस्ट्रक्चरिंग लागत में तेज गिरावट

पिछले साल TCS ने रिस्ट्रक्चरिंग और छंटनी का फैसला लिया था। उसी प्रक्रिया से जुड़ा खर्च कंपनी अभी भी दर्ज कर रही है। Q3 FY26 में इस मद में ₹253 करोड़ की एक्सेप्शनल लागत दिखाई गई है। कंपनी ने बताया कि यह रकम उन कर्मचारियों को दिए गए टर्मिनेशन बेनिफिट्स से जुड़ी है, जो तय नीति के तहत दिए गए।

अगर इसे पिछली तिमाही से तुलना करें, तो तस्वीर साफ हो जाती है। पिछली तिमाही में यही खर्च ₹1,135 करोड़ था। इस लिहाज से ताजा तिमाही में रिस्ट्रक्चरिंग का खर्च करीब 77 फीसदी कम हो गया है। इसका मतलब यह है, कि छंटनी और संगठन में बदलाव का सबसे भारी वित्तीय असर अब कंपनी पीछे छोड़ चुकी है।

AI-फर्स्ट ट्रांसफॉर्मेशन पर कंपनी का जोर

TCS के चीफ HR ऑफिसर Sudeep Kunnumal ने कहा कि कंपनी के कर्मचारी ही AI-फर्स्ट एंटरप्राइज बनने की रणनीति का केंद्र हैं। उनके मुताबिक फिलहाल 2.17 लाख से ज्यादा कर्मचारी एडवांस्ड AI स्किल्स से लैस हैं, जो बड़े पैमाने पर क्लाइंट्स के लिए वैल्यू डिलीवर कर रहे हैं।
उन्होंने यह भी बताया कि कंपनी ने हायर-ऑर्डर स्किल्स वाले फ्रेश ग्रेजुएट्स की भर्ती दोगुनी की है, ताकि नेक्स्ट-जेन टैलेंट पूल तेजी से तैयार किया जा सके। उनका कहना है, कि AI के दौर में जिम्मेदार इनोवेशन और टिकाऊ ग्रोथ के लिए यही सबसे बड़ी ताकत है।

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