टाटा स्टारबक्स भारत में अपने विस्तार की गति तेज कर रहा है, और कंपनी हर साल 50 से 100 नए स्टोर खोलने की योजना बना रही है। यह कदम तब उठाया जा रहा है, जब कंपनी स्थायी लाभप्रदता के करीब पहुँच रही है। कंपनी को भारत के तेजी से बढ़ते कैफ़े बाज़ार और आउट-ऑफ-होम उपभोग प्रवृत्ति में लंबी अवधि की बड़ी संभावनाएँ दिखाई दे रही हैं।
टाटा कंज़्यूमर प्रोडक्ट्स ने भारत में स्टारबक्स नेटवर्क को बढ़ाने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है। कंपनी का लक्ष्य हर साल 50 से 100 नए आउटलेट जोड़ने का है, जो बाज़ार की स्थिति और संचालन क्षमता पर निर्भर करेगा। यह रणनीति भारत के बढ़ते कैफ़े बाज़ार में मजबूत विश्वास को दर्शाती है, जो शहरी और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में तेजी से फैल रहा है।
चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन ने बताया कि यह जॉइंट वेंचर दीर्घकालिक रूप से बड़े पैमाने पर विस्तार की संभावना देखता है। वार्षिक आम बैठक में साझा अनुमानों के अनुसार भारत में भविष्य में लगभग 8,000 स्टारबक्स स्टोर तक की क्षमता हो सकती है, जो बाजार के विशाल अवसर को दर्शाता है।
वर्तमान में टाटा स्टारबक्स भारत में 500 से अधिक स्टोर संचालित करता है। वित्त वर्ष 2026 में कंपनी ने 23 नए स्टोर जोड़े हैं, जो यह दर्शाता है कि विस्तार की गति स्थिर और नियंत्रित है।
पहले कंपनी ने 2028 तक 1,000 स्टोर तक पहुँचने का लक्ष्य रखा था। हालिया बयान से संकेत मिलता है, कि यह लक्ष्य अभी भी बरकरार है, लेकिन विस्तार अब लाभप्रदता के साथ संतुलित तरीके से किया जाएगा।
टाटा स्टारबक्स के लिए सबसे महत्वपूर्ण उपलब्धि इसका वित्तीय सुधार है। वित्त वर्ष 2026 में कंपनी ने EBITDA और EBIT दोनों स्तरों पर सकारात्मक प्रदर्शन दर्ज किया है, जो लाभप्रदता की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है।
यह संकेत देता है, कि कंपनी का मुख्य व्यवसाय अब अधिक कुशल हो रहा है और लागत नियंत्रण बेहतर हुआ है। आगे चलकर कंपनी का फोकस मार्जिन सुधार और विस्तार दोनों पर रहेगा।
वित्तीय परिणामों के अनुसार वित्त वर्ष 2026 में कंपनी का परिचालन राजस्व 7% बढ़कर ₹1,367 करोड़ हो गया। इसी अवधि में शुद्ध घाटा घटकर ₹49.47 करोड़ रह गया, जबकि पिछले वर्ष यह ₹135.7 करोड़ था।
यह सुधार बढ़ती बिक्री, बेहतर परिचालन दक्षता और ग्राहकों की बढ़ती मांग का परिणाम है।
भारत में कैफ़े संस्कृति पिछले कुछ वर्षों में तेज़ी से बढ़ी है। शहरीकरण, बदलती जीवनशैली और बढ़ती आय ने प्रीमियम कॉफी की मांग को बढ़ाया है। स्टारबक्स जैसे ब्रांड इस बदलाव का सीधा लाभ उठा रहे हैं।
कंपनी ने समान स्टोर बिक्री (Same Store Sales) में वृद्धि दर्ज की है, जो ग्राहकों की बढ़ती संख्या और दोबारा आने की प्रवृत्ति को दर्शाता है। यह वृद्धि नए उत्पादों, मौसमी लॉन्च और स्थानीय स्वाद के अनुसार मेनू बदलाव से समर्थित है।
कंपनी ने लागत घटाने और संचालन को बेहतर बनाने के लिए कई उपाय किए हैं। आपूर्ति श्रृंखला प्रबंधन में सुधार, खरीद प्रक्रिया में दक्षता और स्टोर संचालन में अनुकूलन इसके प्रमुख कारण हैं।
कंपनी का ध्यान अब केवल विस्तार पर नहीं, बल्कि लाभप्रदता बनाए रखते हुए वृद्धि पर है। नए स्टोर तभी खोले जाएंगे जब वे दीर्घकालिक रूप से लाभदायक साबित हों।
स्टारबक्स लगातार नए पेय पदार्थ और फूड आइटम लॉन्च कर रहा है। भारत के स्थानीय स्वाद को ध्यान में रखते हुए नए उत्पाद ग्राहकों को आकर्षित कर रहे हैं।
टाटा स्टारबक्स भारत को अपने सबसे संभावनाशील बाजारों में से एक मानता है। यहाँ हजारों स्टोरों की संभावना यह दिखाती है, कि भविष्य में विकास की व्यापक गुंजाइश है।
टाटा और स्टारबक्स के बीच साझेदारी वैश्विक विशेषज्ञता और स्थानीय बाजार समझ का संयोजन है, जो इस विस्तार रणनीति को मजबूत बनाती है।
निष्कर्ष:
टाटा स्टारबक्स अब उस चरण में प्रवेश कर रहा है, जहाँ विस्तार और लाभप्रदता दोनों को संतुलित किया जा रहा है। बेहतर वित्तीय प्रदर्शन, बढ़ती उपभोक्ता मांग और स्पष्ट विस्तार योजना के साथ कंपनी भारत में मजबूत भविष्य की ओर बढ़ रही है। हर साल 100 तक नए स्टोर खोलने की योजना इस बात का संकेत है, कि कंपनी भारतीय बाजार में अपने दीर्घकालिक विकास को लेकर अत्यंत आश्वस्त है।