भारत का संगीत उद्योग तेजी से बदल रहा है। देश की अलग-अलग भाषाओं में बनने वाले गीत अब केवल अपने पारंपरिक क्षेत्रों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में भी श्रोताओं तक पहुंच रहे हैं। Spotify की हालिया Loud & Clear रिपोर्ट से पता चलता है कि तेलुगु, हरियाणवी, तमिल, मराठी, बंगाली और मलयालम जैसी भारतीय भाषाओं के संगीत की लोकप्रियता तेजी से बढ़ रही है।
स्ट्रीमिंग मंचों के बढ़ते प्रभाव ने क्षेत्रीय और स्वतंत्र कलाकारों के लिए नए अवसर पैदा किए हैं। अब किसी कलाकार को केवल बड़े फिल्मी बैनर या पारंपरिक संगीत कंपनियों पर निर्भर रहने की जरूरत नहीं है। डिजिटल मंचों के माध्यम से कलाकार सीधे श्रोताओं तक पहुंच सकते हैं और भारत के साथ-साथ दूसरे देशों में भी अपना प्रशंसक वर्ग बना सकते हैं।
Spotify के 2025 लाउड एंड क्लियर आंकड़ों के अनुसार, भारत की कई क्षेत्रीय भाषाओं के संगीत से दुनिया भर में मिलने वाली रॉयल्टी में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है।
तेलुगु संगीत की रॉयल्टी में साल-दर-साल 120 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई। इसके बाद मराठी संगीत रहा, जिसकी रॉयल्टी में लगभग 50 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। बंगाली संगीत की रॉयल्टी भी करीब 40 प्रतिशत बढ़ी।
मलयालम संगीत से मिलने वाली रॉयल्टी में 30 प्रतिशत से अधिक, हिंदी संगीत में करीब 30 प्रतिशत और तमिल संगीत में लगभग 20 प्रतिशत की वृद्धि हुई।
इन आंकड़ों से पता चलता है कि श्रोता अब केवल बॉलीवुड के लोकप्रिय गीतों तक सीमित नहीं हैं। वे देश की अलग-अलग भाषाओं में बनने वाले संगीत को भी सुन रहे हैं और इन गीतों की पहुंच भारत के बाहर भी बढ़ रही है।
हरियाणवी संगीत ने Spotify पर खास तौर पर मजबूत प्रदर्शन किया है। फरवरी 2023 से फरवरी 2026 के बीच हरियाणवी भाषा के गीतों की स्ट्रीमिंग करीब सात गुना बढ़ गई।
Spotify India के ध्रुवांक वैद्य के अनुसार, हरियाणवी और मलयालम संगीत के श्रोताओं का आधार पहले से मौजूद था। लेकिन स्ट्रीमिंग मंचों ने कलाकारों को इन श्रोताओं तक अधिक प्रभावी तरीके से पहुंचने में मदद की है। इससे कलाकारों के लिए अपने संगीत को कमाई के अवसर में बदलना भी आसान हुआ है।
Spotify अपने RADAR कार्यक्रम का विस्तार मलयालम संगीत तक भी कर रहा है। इससे पहले यह कार्यक्रम पंजाबी और तमिल संगीत के उभरते कलाकारों पर केंद्रित रहा है। इसका उद्देश्य नए कलाकारों को पहचान दिलाना और उन्हें बड़े श्रोता वर्ग तक पहुंचने में मदद करना है।
भारतीय संगीत की बढ़ती अंतरराष्ट्रीय लोकप्रियता Spotify की रिपोर्ट का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। 2025 में भारतीय कलाकारों द्वारा कमाई गई कुल रॉयल्टी का 40 प्रतिशत से अधिक हिस्सा भारत के बाहर के श्रोताओं से आया।
2025 के दौरान दुनिया भर के श्रोताओं ने भारतीय कलाकारों के संगीत को करीब 335 अरब बार स्ट्रीम किया। कुल मिलाकर यह संगीत 20 अरब घंटे से अधिक सुना गया।
ये आंकड़े बताते हैं कि भारतीय संगीत अब केवल भारत की भाषाई और सांस्कृतिक सीमाओं के भीतर लोकप्रिय नहीं है। अलग-अलग देशों के श्रोता भारतीय कलाकारों और उनकी अलग-अलग भाषाओं में बने संगीत को भी सुन रहे हैं।
तमिल संगीत ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई बड़ी उपलब्धियां हासिल की हैं। फिल्म Coolie के संगीत, जिसे अनिरुद्ध रविचंदर ने तैयार किया है, ने केवल 10 दिनों में 100 मिलियन से अधिक स्ट्रीम हासिल कर लीं। इस संगीत को न्यूयॉर्क के टाइम्स स्क्वायर में लगे बिलबोर्ड के जरिए भी प्रचारित किया गया।
साई अभ्यंकर और साई स्मृति का गीत Aasa Kooda भी बेहद लोकप्रिय रहा और इसे 238 मिलियन स्ट्रीम मिलीं।
केरल में जन्मे रैपर Hanumankind ने भी अपने गीत Big Dawgs के जरिए दुनिया भर में पहचान बनाई। इस गीत ने 360 मिलियन से अधिक स्ट्रीम हासिल कीं और Spotify की एक वैश्विक सूची में पहला स्थान भी प्राप्त किया।
Spotify के आंकड़े यह भी बताते हैं कि भारत में स्वतंत्र कलाकारों की भूमिका तेजी से बढ़ रही है। 2025 में Spotify की Top 50 – India सूची में शामिल करीब 90 प्रतिशत गीत भारतीय कलाकारों द्वारा बनाए गए थे।
भारत में I-Pop यानी Indian Pop संगीत का महत्व भी बढ़ रहा है। Spotify की 2025 की सालाना शीर्ष 10 सूची में शामिल आधे गीत ऐसे संगीत से थे, जो बॉलीवुड फिल्मों के लिए बनाए गए साउंडट्रैक का हिस्सा नहीं थे।
इस बदलाव से पता चलता है कि श्रोता अब फिल्मों और बड़े संगीत लेबल के माध्यम से ही नए कलाकारों की खोज नहीं कर रहे हैं। स्ट्रीमिंग मंच कलाकारों को सीधे अपने श्रोताओं तक पहुंचने का अवसर दे रहे हैं।
यह बदलाव अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी दिखाई दे रहा है। Spotify की 2025 Global Impact List में भारत से सबसे अधिक निर्यात किए गए शीर्ष 15 गीतों में से 11 गीत ऐसे स्वतंत्र कलाकारों के थे, जो फिल्मी साउंडट्रैक से जुड़े नहीं थे।
यह आंकड़ा दर्शाता है कि स्वतंत्र कलाकार बिना किसी बड़ी फिल्म के सहारे भी भारतीय संगीत को अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने में सक्षम हो रहे हैं।
Spotify की रिपोर्ट में भारतीय महिला कलाकारों के लिए भी सकारात्मक तस्वीर सामने आई है। 2025 में भारत के भीतर महिला कलाकारों के संगीत की स्ट्रीमिंग में सालाना आधार पर 27 प्रतिशत की वृद्धि हुई।
वहीं, भारत के बाहर उनके संगीत की स्ट्रीमिंग में 7 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई।
इन आंकड़ों से संकेत मिलता है कि महिला संगीतकारों को भारत के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय श्रोताओं तक पहुंचने के लिए भी नए अवसर मिल रहे हैं। डिजिटल स्ट्रीमिंग के कारण कलाकारों के लिए भौगोलिक सीमाओं से बाहर जाकर अपना संगीत पेश करना पहले की तुलना में आसान हुआ है।
Spotify के आंकड़े बताते हैं कि भारत का संगीत उद्योग पहले से अधिक विविध और डिजिटल होता जा रहा है। क्षेत्रीय भाषाओं के गीतों को मजबूत पहचान मिल रही है, स्वतंत्र कलाकार तेजी से आगे बढ़ रहे हैं और बॉलीवुड से बाहर तैयार किया गया संगीत भी भारत के साथ-साथ दुनिया भर के श्रोताओं तक पहुंच रहा है।
स्ट्रीमिंग मंच उभरते कलाकारों को नए श्रोताओं तक पहुंचने, अंतरराष्ट्रीय प्रशंसक वर्ग तैयार करने और अपने संगीत से रॉयल्टी कमाने का अवसर दे रहे हैं। इससे छोटे शहरों और क्षेत्रीय भाषाओं से आने वाले कलाकारों के लिए भी राष्ट्रीय और वैश्विक स्तर पर पहचान बनाने की संभावनाएं बढ़ी हैं।
Spotify की नवीनतम रिपोर्ट भारतीय क्षेत्रीय संगीत की बढ़ती वैश्विक ताकत को सामने लाती है। तेलुगु, हरियाणवी, तमिल, मलयालम, मराठी और बंगाली जैसी भाषाओं के संगीत में तेज वृद्धि यह दिखाती है कि भारतीय श्रोता और अंतरराष्ट्रीय दर्शक दोनों ही अब अधिक विविध संगीत सुन रहे हैं।
2025 में भारतीय कलाकारों की अरबों स्ट्रीम और विदेशों से आने वाली 40 प्रतिशत से अधिक रॉयल्टी यह संकेत देती है कि भारतीय संगीत तेजी से वैश्विक बाजार का हिस्सा बन रहा है। साथ ही, स्वतंत्र कलाकारों और महिला संगीतकारों की बढ़ती पहुंच यह दिखाती है कि स्ट्रीमिंग मंच भारत के संगीत उद्योग को अधिक विविध, खुला और वैश्विक बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।