स्नैपचैट भारत में तेजी से विज्ञापनदाताओं की संख्या में वृद्धि देख रहा है, जिसका मुख्य कारण जेन Z-फोकस्ड एंगेजमेंट फॉर्मेट, AI-संचालित विज्ञापन टूल्स और इमर्सिव डिजिटल अनुभव हैं।
स्नैपचैट ने पिछले दो वर्षों में भारत में अपने विज्ञापनदाताओं की संख्या में 10 गुना वृद्धि दर्ज की है, जो देश के डिजिटल विज्ञापन बाजार में इसके बढ़ते प्रभाव को दर्शाता है। इसी अवधि में, कंपनी ने यह भी बताया कि सभी चार तिमाहियों में लगातार खर्च करने वाले विज्ञापनदाताओं की संख्या तीन गुना बढ़ी है, जो प्लेटफॉर्म पर ब्रांड्स के मजबूत भरोसे को दर्शाता है।
कंपनी ने इस वृद्धि का श्रेय इमर्सिव विज्ञापन फॉर्मेट्स के बढ़ते उपयोग, चैट-आधारित विज्ञापन सतह के विस्तार, और AI-संचालित टार्गेटिंग, ऑप्टिमाइजेशन और मापने वाले टूल्स में निवेश को दिया है।
भारत स्नैपचैट के सबसे तेज़ी से बढ़ते बाजारों में से एक बन गया है, खासकर इसलिए क्योंकि ब्रांड्स अब युवा दर्शकों तक अधिक प्रभावी तरीके से पहुंचना चाहते हैं।
स्नैपचैट ने बताया कि भारत में उसकी वृद्धि कई नवाचार-आधारित कारकों से प्रेरित है, जिनमें शामिल हैं:
कंपनी एक ऐसे मल्टी-फॉर्मेट विज्ञापन इकोसिस्टम के रूप में खुद को स्थापित कर रही है, जो वीडियो, AR अनुभव और चैट के माध्यम से संवादात्मक एंगेजमेंट को जोड़ता है।
स्नैपचैट भारत में 25 करोड़ से अधिक उपयोगकर्ताओं तक पहुंच रखता है, जिससे यह देश के प्रमुख यूथ-फोकस्ड प्लेटफॉर्म्स में से एक बन गया है।
कंपनी ने बताया कि जेन Z भारत की कुल खपत में 43% योगदान देती है, और उनकी खरीद शक्ति 2035 तक 2 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचने की संभावना है।
यह जनसांख्यिकीय बदलाव ब्रांड्स को अपनी मार्केटिंग रणनीतियों को पुनः परिभाषित करने के लिए प्रेरित कर रहा है, ताकि वे उन प्लेटफॉर्म्स पर अधिक ध्यान दें जहां युवा दर्शक सक्रिय हैं।
उन्होंने बताया कि प्लेटफॉर्म एक ऐसा मल्टी-फॉर्मेट विज्ञापन सूट प्रदान करता है, जिसमें AR, वीडियो और चैट-आधारित हाई-अटेंशन विज्ञापन शामिल हैं, जो ब्रांड्स को केवल इंप्रेशन नहीं बल्कि वास्तविक एंगेजमेंट प्रदान करते हैं।
स्नैपचैट ने बताया कि भारत में विभिन्न प्रमुख क्षेत्रों में विज्ञापन अपनाने में वृद्धि हो रही है, जिनमें शामिल हैं:
इन क्षेत्रों में ब्रांड्स अधिक इंटरैक्टिव विज्ञापन फॉर्मेट्स की ओर बढ़ रहे हैं ताकि वे प्रतिस्पर्धी डिजिटल वातावरण में उपभोक्ताओं का ध्यान आकर्षित कर सकें।
स्विगी फूड मार्केटप्लेस के सीईओ रोहित कपूर ने कहा कि स्नैपचैट ब्रांड्स को ऐसे समय में उपभोक्ताओं तक पहुंचने में मदद करता है जब वे अधिक सक्रिय और संवादात्मक होते हैं।
ज़ोमैटो के मार्केटिंग हेड ने बताया कि स्नैपचैट का मल्टी-फॉर्मेट दृष्टिकोण अधिक इंटरैक्टिव ब्रांड अनुभव प्रदान करता है, जिससे दर्शकों के साथ गहरा जुड़ाव बनता है।
डब्ल्यूपीपी मीडिया साउथ एशिया के सीओओ ने कहा कि स्नैपचैट अब मीडिया प्लानिंग का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुका है, खासकर जेन Z की बढ़ती आर्थिक भूमिका के कारण।
स्नैपचैट के आंतरिक आंकड़ों के अनुसार:
ये आंकड़े दर्शाते हैं, कि स्नैपचैट के इमर्सिव विज्ञापन फॉर्मेट अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म की तुलना में बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं।
ऑगमेंटेड रियलिटी स्नैपचैट का सबसे प्रभावी विज्ञापन टूल बना हुआ है। कंपनी के अनुसार AR लेंस अन्य फॉर्मेट्स की तुलना में:
इसके अलावा चैट में दिखने वाले Sponsored Snaps:
स्नैपचैट ने अपने विज्ञापनदाताओं के लिए कई उन्नत टूल्स विकसित किए हैं, जिनमें शामिल हैं:
इनका उद्देश्य विज्ञापन अभियानों की प्रभावशीलता बढ़ाना और बेहतर डेटा-आधारित निर्णय लेने में मदद करना है।
निष्कर्ष:
भारत स्नैपचैट के लिए एक प्रमुख विकास बाजार के रूप में उभर रहा है। जेन Z की मजबूत उपस्थिति, AR आधारित इमर्सिव विज्ञापन और AI-संचालित तकनीकों के साथ कंपनी डिजिटल विज्ञापन क्षेत्र में अपनी पकड़ लगातार मजबूत कर रही है।