Snapchat ने AI से पूरी तरह बने वीडियो पर कसी लगाम, अब मिलेगा असली क्रिएटर्स को बढ़ावा

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01 Aug 2026
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News Synopsis

लोकप्रिय सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Snapchat ने अपनी कंटेंट रिकमेंडेशन (Content Recommendation) नीति में बड़ा बदलाव किया है। कंपनी ने घोषणा की है कि अब वह अपने Spotlight सेक्शन में पूरी तरह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से बनाए गए वीडियो को प्रमोट नहीं करेगी। यह फैसला ऐसे समय आया है जब सोशल मीडिया पर AI द्वारा तैयार किए गए कंटेंट की तेजी से बढ़ती संख्या को लेकर चिंताएं लगातार बढ़ रही हैं।

Snapchat का कहना है कि वह अब उन वीडियो को प्राथमिकता देगा जिन्हें इंसानों ने अपनी रचनात्मकता और मेहनत से तैयार किया है। हालांकि AI आधारित एडिटिंग टूल्स और क्रिएटिव फीचर्स का इस्तेमाल करने वाले कंटेंट पर कोई रोक नहीं होगी। कंपनी का मानना है कि यूजर्स मशीन द्वारा बनाए गए दोहराव वाले कंटेंट की बजाय मौलिक और वास्तविक कंटेंट देखना अधिक पसंद करते हैं।

क्या है 'AI Slop'? (What Is 'AI Slop'?)

हाल के समय में "AI Slop" शब्द काफी चर्चा में रहा है। इसका इस्तेमाल ऐसे डिजिटल कंटेंट के लिए किया जाता है जो पूरी तरह AI की मदद से तैयार किया गया हो और जिसमें मानवीय रचनात्मकता बहुत कम या बिल्कुल न हो।

AI Slop में क्या-क्या शामिल है? (What Does AI Slop Include?)

  • पूरी तरह AI से बने वीडियो

  • AI द्वारा लिखे गए लेख

  • मशीन से तैयार की गई तस्वीरें

  • AI आधारित आवाज़ की रिकॉर्डिंग

  • ऑटोमैटिक सोशल मीडिया पोस्ट

  • बार-बार दोहराया जाने वाला या कम गुणवत्ता वाला डिजिटल कंटेंट

जनरेटिव AI तकनीक ने कुछ ही मिनटों में टेक्स्ट, वीडियो, संगीत और तस्वीरें बनाना आसान कर दिया है। लेकिन इसके कारण इंटरनेट पर ऐसे कंटेंट की बाढ़ आ गई है जिसे कई लोग दोहराव वाला, कम रचनात्मक और भ्रम पैदा करने वाला मानते हैं।

Snapchat की नई कंटेंट रिकमेंडेशन नीति (Snapchat's New Content Recommendation Policy)

नई नीति के तहत Snapchat अब Spotlight सेक्शन में उन वीडियो को रिकमेंड नहीं करेगा जो पूरी तरह AI द्वारा बनाए गए हैं।

किन कंटेंट को मिलेगी प्राथमिकता? (Content That Will Be Prioritized)

  • इंसानों द्वारा बनाए गए मौलिक वीडियो

  • वास्तविक और रोचक कहानी

  • यूजर-जनरेटेड क्रिएटिव कंटेंट

  • AI की मदद से एडिट किए गए लेकिन मानवीय योगदान वाले वीडियो

Snapchat ने स्पष्ट किया है कि वह AI कंटेंट पर पूरी तरह प्रतिबंध नहीं लगा रहा है। यूजर्स पहले की तरह AI फिल्टर, फोटो एडिटिंग, इफेक्ट्स और अन्य AI टूल्स का इस्तेमाल कर सकेंगे। बदलाव केवल उन वीडियो के लिए है जो बिना किसी मानवीय रचनात्मकता के पूरी तरह AI से तैयार किए गए हैं।

Snapchat ने यह फैसला क्यों लिया? (Why Snapchat Is Making This Change)

कंपनी के अनुसार यह निर्णय यूजर्स की पसंद और कंटेंट की गुणवत्ता को ध्यान में रखकर लिया गया है।

पूरी तरह AI से बने वीडियो की प्रमुख समस्याएं (Common Problems with Fully AI-Generated Videos)

  • कम गुणवत्ता

  • बार-बार एक जैसे विषय

  • मौलिकता की कमी

  • कम दर्शक सहभागिता

  • मनोरंजन की सीमित क्षमता

Snapchat का मानना है कि Spotlight तब सबसे बेहतर काम करता है जब उसमें वास्तविक लोगों की कहानियां और रचनात्मक अभिव्यक्ति दिखाई देती है।

YouTube, LinkedIn और Substack भी उठा चुके हैं ऐसे कदम (Other Platforms Are Also Cracking Down on AI Content)

Snapchat अकेला ऐसा प्लेटफॉर्म नहीं है जिसने AI कंटेंट को लेकर नई नीति अपनाई है।

किन प्लेटफॉर्म्स ने बदले नियम? (Platforms Updating Their Policies)

  • YouTube – AI से बने वीडियो के लिए पारदर्शिता बढ़ाने और मौलिक कंटेंट को बढ़ावा देने पर जोर।

  • LinkedIn – प्रोफेशनल और व्यक्तिगत अनुभव वाले पोस्ट को प्राथमिकता, पूरी तरह AI आधारित पोस्ट को कम महत्व।

  • Substack – मौलिक लेखन को प्रोत्साहन और पूरी तरह AI से तैयार लेखों की दृश्यता कम करने की पहल।

यह बदलाव दिखाते हैं कि बड़ी टेक कंपनियां कंटेंट की गुणवत्ता और विश्वसनीयता बनाए रखने पर अधिक ध्यान दे रही हैं।

रिसर्च में सामने आई यूजर्स की पसंद (Research Shows Users Prefer Human-Created Content)

हालिया शोध बताते हैं कि अधिकांश लोग इंसानों द्वारा तैयार किए गए कंटेंट को AI कंटेंट की तुलना में अधिक पसंद करते हैं।

AI कंटेंट को लेकर यूजर्स की राय (How Users View AI Content)

  • कम भरोसेमंद

  • कम आकर्षक

  • कम रचनात्मक

  • अधिक दोहराव वाला

  • गुणवत्ता में कमजोर

भले ही AI शानदार तस्वीरें और वीडियो तैयार कर सकता है, लेकिन लोग अब भी वास्तविक अनुभव और व्यक्तिगत सोच वाले कंटेंट को अधिक महत्व देते हैं।

AI कंटेंट से सोशल मीडिया पर भरोसा हो सकता है कम (AI Content May Reduce Trust Across Social Media)

विशेषज्ञों का कहना है कि यदि सोशल मीडिया पर AI से बने कंटेंट की संख्या लगातार बढ़ती रही, तो लोग हर पोस्ट, फोटो, वीडियो और खबर की सच्चाई पर संदेह करने लगेंगे।

इससे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भरोसा कम हो सकता है और असली कंटेंट बनाने वाले क्रिएटर्स को पहचान मिलने में कठिनाई हो सकती है।

Snapchat का मानना है कि AI से पूरी तरह बने कंटेंट की रिकमेंडेशन कम करके वह अपने प्लेटफॉर्म पर भरोसा बनाए रख सकता है।

AI और मानवीय रचनात्मकता के बीच संतुलन बनाने की कोशिश (Balancing AI Innovation with Authentic Creativity)

हालांकि Snapchat ने पूरी तरह AI से बने वीडियो पर सख्ती दिखाई है, लेकिन कंपनी AI तकनीक में निवेश जारी रखे हुए है।

Snapchat के AI फीचर्स (Snapchat's AI Features)

  • AI इमेज जनरेशन

  • स्मार्ट फोटो एडिटिंग

  • AI क्रिएटिव फिल्टर

  • पर्सनलाइज्ड रिकमेंडेशन

  • AI चैट अनुभव

कंपनी का मानना है कि AI का उद्देश्य इंसानी रचनात्मकता को बेहतर बनाना होना चाहिए, न कि उसकी जगह लेना।

Snapchat क्रिएटर्स के लिए क्या बदलेगा? (What This Means for Snapchat Creators)

नई नीति के बाद मौलिक वीडियो और रचनात्मक कहानी साझा करने वाले क्रिएटर्स को Spotlight में अधिक दृश्यता मिलने की संभावना है।

वहीं, जो लोग केवल AI से तैयार वीडियो पर निर्भर हैं, उनके लिए अधिक दर्शकों तक पहुंचना पहले की तुलना में कठिन हो सकता है।

Snapchat चाहता है कि क्रिएटर्स AI को एक सहायक टूल के रूप में इस्तेमाल करें, लेकिन कंटेंट में उनकी अपनी रचनात्मकता और सोच भी स्पष्ट दिखाई दे।

निष्कर्ष (Conclusion)

Snapchat का पूरी तरह AI से बने वीडियो की रिकमेंडेशन कम करने का फैसला सोशल मीडिया उद्योग में एक महत्वपूर्ण बदलाव माना जा रहा है। कंपनी AI तकनीक का उपयोग जारी रखते हुए भी मौलिकता, भरोसे और मानवीय रचनात्मकता को प्राथमिकता देना चाहती है। YouTube, LinkedIn और Substack की तरह Snapchat भी अब ऐसे कंटेंट को बढ़ावा देगा जिसमें इंसानी योगदान और रचनात्मकता साफ दिखाई दे। जैसे-जैसे AI तकनीक तेजी से विकसित हो रही है, वैसे-वैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के सामने नवाचार और वास्तविकता के बीच संतुलन बनाए रखना सबसे बड़ी चुनौती बनता जा रहा है।

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