स्कोडा ऑटो वोक्सवैगन इंडिया ने अपने इंडियन प्रोडक्शन लाइनों से 500,000वीं स्कोडा कार तैयार करके एक ऐतिहासिक मैन्युफैक्चरिंग उपलब्धि हासिल की है, जो कि एक काइलैक है। यह उपलब्धि, पुणे और छत्रपति संभाजी नगर (पूर्व में औरंगाबाद) में VW ग्रुप के मैन्युफैक्चरिंग प्लांट से आउटपुट को मिलाकर, स्कोडा की ग्लोबल ग्रोथ स्ट्रेटेजी में भारत की महत्वपूर्ण भूमिका की पुष्टि करती है।
Skoda ने 2001 में पहली ऑक्टेविया के साथ भारत में अपना ऑपरेशन शुरू किया था, तब से यह ब्रांड देश के प्रीमियम ऑटोमोटिव क्षेत्र में एक प्रमुख खिलाड़ी के रूप में विकसित हुआ है। ऑक्टेविया, लॉरा, सुपर्ब और कोडियाक जैसे प्रतिष्ठित मॉडलों ने कुशाक, स्लाविया और हाल ही में पेश की गई सब-4-मीटर एसयूवी, काइलाक जैसे नए एंटरनट के लिए मार्ग प्रशस्त किया है। यह यात्रा यूरोपीय इंजीनियरिंग में अपनी जड़ों के प्रति सच्चे रहते हुए इंडियन कस्टमर्स की बदलती प्राथमिकताओं के साथ तालमेल बिठाने की स्कोडा की क्षमता को दर्शाती है।
स्कोडा ऑटो के प्रोडक्शन और लॉजिस्टिक्स बोर्ड के मेंबर एंड्रियास डिक Andreas Dick ने कहा "भारत में 500,000 कारों के प्रोडक्शन की उपलब्धि हासिल करना भारत के प्रति हमारी अटूट कमिटमेंट और ऑपरेशनल एक्सीलेंस की स्ट्रेटेजिक विज़न का गौरवपूर्ण प्रमाण है। लोकल इंजीनियरिंग टैलेंट को बढ़ावा देकर और ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग प्रोसेस को शामिल करके, हमने एक ऐसा इकोसिस्टम बनाया है, जो एजाइल, स्केलेबल और डायनामिक रूप से बदलते एनवायर्नमेंटल के प्रति उत्तरदायी है, जो हाई इंटरनेशनल स्टैंडर्ड्स को पूरा करता है। यह उपलब्धि वर्ल्ड-क्लास इनोवेशन और भारत की बढ़ती इंडस्ट्रियल शक्ति के बीच तालमेल को दर्शाती है।"
गौरतलब है, कि स्कोडा का इंडियन प्रोडक्शन नेटवर्क भी ब्रांड की ग्लोबल महत्वाकांक्षाओं में योगदान दे रहा है। ग्रुप ने वियतनाम में अपने नए लॉन्च किए गए प्लांट में भारत में निर्मित पार्ट्स और कंपोनेंट्स को असेंबल करना शुरू कर दिया है, जहाँ कुशाक और स्लाविया जैसे मॉडल अब दक्षिण-पूर्व एशियाई मार्केट्स के लिए स्थानीय रूप से उत्पादित किए जाएँगे। यह पहल भारत सरकार के 'मेक इन इंडिया, फॉर द वर्ल्ड' विजन के अनुरूप एक प्रमुख एक्सपोर्ट और मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में भारत के उभरने को पुख्ता करती है।
स्कोडा ऑटो फॉक्सवैगन इंडिया के सीईओ और एमडी पीयूष अरोड़ा Piyush Arora ने कहा "यह केवल 500,000 कारों के निर्माण के बारे में नहीं है, बल्कि 500,000 कनेक्शन बनाने और उनका पोषण करने के बारे में है। हमारी प्रोडक्शन लाइनों से निकलने वाली हर कार, बेजोड़ क्वालिटी के साथ यूरोपीय इंजीनियरिंग के डीएनए को शेयर करती है, जिसे सटीकता के साथ तैयार किया जाता है, सुप्रीम कम्फर्ट, सेफ्टी, टेक्नोलॉजी और ड्राइविंग डायनामिक प्रदान करता है। यह उपलब्धि हमारे कस्टमर्स के लिए उतनी ही है, जितनी हमारे कर्मचारियों के लिए। क्योंकि हम यहाँ जो निर्माण कर रहे हैं, वह केवल मोबिलिटी नहीं है, यह इस बात पर विश्वास है, कि भारत डोमेस्टिक और इंटरनेशनल मार्केट्स के लिए क्या बना सकता है। भारत ग्रुप की ग्रोथ स्ट्रेटेजी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। मुझे यह बताते हुए खुशी हो रही है, कि हमने यह मैन्युफैक्चरिंग कदम उसी वर्ष हासिल किया है, जब स्कोडा ऑटो ग्लोबल स्तर पर 130 साल की लिगेसी और भारत में 25 साल की उपस्थिति का जश्न मना रहा है।"
स्कोडा के 500,000 व्हीकल्स में से लगभग 70% का प्रोडक्शन पुणे प्लांट में किया गया, जबकि शेष का प्रोडक्शन छत्रपति संभाजी नगर में किया गया। यह उपलब्धि ऐसे समय में मिली है, जब स्कोडा ऑटो ग्लोबल स्तर पर ऑटोमोटिव एक्सीलेंस के 130 वर्ष और भारत में ऑपरेशन के 25 वर्ष पूरे होने का जश्न मना रहा है।
इस साल की शुरुआत में स्कोडा ने मार्च 2025 में 7,422 व्हीकल्स की डिलीवरी करते हुए अपनी अब तक की बेस्ट मंथली सेल भी दर्ज की। कंपनी इस सफलता का श्रेय वर्ल्ड-क्लास इंजीनियरिंग, समर्पित वर्कफोर्स और इंडियन कंस्यूमर्स के अटूट भरोसे को देती है।