चेक ऑटोमोबाइल कंपनी Skoda Auto ने भारत में अपना नया परफॉर्मेंस-केंद्रित ‘G.O.A.T’ अभियान लॉन्च किया है। इस अभियान के जरिए कंपनी ने अपने वाहनों की ड्राइविंग क्षमता और मोटरस्पोर्ट डीएनए को प्रदर्शित किया है। “Greatest On A Track” नाम से पेश किए गए इस अभियान के तहत कंपनी ने कोयंबटूर के CoASTT रेसिंग सर्किट पर पांच अलग-अलग Skoda मॉडलों के साथ रिकॉर्ड-तोड़ मल्टी-कार रिले चुनौती पूरी की। कंपनी का कहना है कि यह अभियान केवल स्पीड ही नहीं, बल्कि हैंडलिंग, ब्रेकिंग, स्थिरता और परफॉर्मेंस के संतुलन को भी दर्शाता है।
Skoda Auto ने भारतीय बाजार में अपना नया ‘G.O.A.T’ अभियान शुरू किया है, जो कंपनी की परफॉर्मेंस-आधारित पहचान को और मजबूत करता है।
आमतौर पर G.O.A.T का मतलब “Greatest Of All Time” माना जाता है, लेकिन Skoda ने इसे नया अर्थ देते हुए “Greatest On A Track” नाम दिया है। इसके साथ कंपनी “S.O.A.T” यानी “Skoda On A Track” शब्द का भी इस्तेमाल कर रही है।
अभियान की शुरुआत के लिए Skoda ने तमिलनाडु के कोयंबटूर स्थित CoASTT रेसिंग सर्किट को चुना, जहां कंपनी ने पांच अलग-अलग मॉडलों के साथ एक विशेष मल्टी-कार रिले चैलेंज आयोजित किया।
इस रिकॉर्ड प्रयास की निगरानी India Book of Records और Asia Book of Records दोनों ने की।
इस अभियान में Skoda की पांच अलग-अलग कारों ने हिस्सा लिया, जो अलग-अलग सेगमेंट और ड्राइविंग विशेषताओं का प्रतिनिधित्व करती हैं।
इस रिले रन में शामिल मॉडल थे:
हर कार को अलग-अलग ड्राइवरों ने लगातार टाइम्ड रिले सेशन में चलाया। यहां तक कि पिट लेन में ड्राइवर बदलने का समय भी आधिकारिक टाइमिंग में शामिल किया गया।
Skoda ने पूरी रिले चुनौती को 12 मिनट और 30.97 सेकंड में पूरा किया।
यह इवेंट चुनौतीपूर्ण ट्रैक परिस्थितियों में कंपनी के वाहनों की बहुमुखी क्षमता और स्थिर प्रदर्शन को दिखाने के लिए आयोजित किया गया था।
सभी पांच कारों में से Skoda Octavia RS ने 3.8 किलोमीटर लंबे CoASTT रेसिंग सर्किट पर सबसे तेज लैप टाइम दर्ज किया।
रिकॉर्ड किए गए लैप टाइम इस प्रकार रहे:
इन आंकड़ों ने यह साबित किया कि Skoda की नियमित पैसेंजर कारें भी रेस ट्रैक पर मजबूत हैंडलिंग और स्थिरता देने में सक्षम हैं।
Octavia RS ने एक बार फिर खुद को कंपनी की सबसे परफॉर्मेंस-ओरिएंटेड कारों में से एक साबित किया।
इस अभियान की सबसे दिलचस्प बात इसमें शामिल वाहनों की विविधता रही।
इस फ्लीट में शामिल थे:
हालांकि सभी वाहनों की बॉडी स्टाइल, आकार और उपयोगकर्ता वर्ग अलग-अलग थे, फिर भी सभी ने ट्रैक पर प्रभावशाली लैप टाइम दिए।
Skoda के अनुसार यह अभियान केवल स्पीड दिखाने के लिए नहीं था। कंपनी का उद्देश्य अपने वाहनों में मौजूद इन खूबियों को दिखाना था:
कंपनी का मानना है, कि ये खूबियां केवल हाई-परफॉर्मेंस मॉडल्स तक सीमित नहीं हैं, बल्कि उसके पूरे लाइनअप में मौजूद हैं।
इस अभियान पर बात करते हुए Ashish Gupta ने कहा कि कंपनी का मोटरस्पोर्ट डीएनए भारत में बिकने वाले हर Skoda मॉडल में मौजूद है।
उन्होंने कहा कि Skoda की इंजीनियरिंग फिलॉसफी रोजमर्रा की कारों में भी बेहतर ड्राइविंग अनुभव देने पर केंद्रित है।
Skoda लंबे समय से मजबूत बिल्ड क्वालिटी, हाईवे स्थिरता, रिस्पॉन्सिव स्टीयरिंग और टर्बो पेट्रोल इंजनों के लिए जानी जाती है।
यह नया अभियान कंपनी की इसी पहचान को और मजबूत करता है।
यह नया अभियान Skoda के लंबे मोटरस्पोर्ट इतिहास को भी सामने लाता है।
कंपनी पिछले 100 वर्षों से अधिक समय से मोटरस्पोर्ट गतिविधियों में शामिल रही है, और उसने कई प्रतिष्ठित परफॉर्मेंस कारें विकसित की हैं।
Skoda के प्रदर्शन इतिहास में सबसे महत्वपूर्ण पड़ाव 1975 में आया था, जब कंपनी ने मशहूर Skoda 130 RS लॉन्च की थी।
इसके बाद RS बैज कंपनी की परफॉर्मेंस पहचान का अहम हिस्सा बन गया।
आज भी Skoda की मौजूदा भारतीय लाइनअप में ये खूबियां दिखाई देती हैं:
इन्हीं खूबियों ने भारत में Skoda को ड्राइविंग पसंद करने वाले ग्राहकों के बीच लोकप्रिय बनाया है।
G.O.A.T अभियान ऐसे समय में आया है, जब Skoda Auto India देशभर में तेजी से विस्तार कर रही है।
कंपनी का सेल्स और सर्विस नेटवर्क अब 182 शहरों में 330 से ज्यादा टचपॉइंट्स तक पहुंच चुका है।
यह विस्तार मेट्रो शहरों से बाहर भी अपनी मौजूदगी मजबूत करने की कंपनी की रणनीति का हिस्सा है।
भारत में वर्तमान Skoda लाइनअप में शामिल हैं:
कंपनी भारतीय बाजार में प्रीमियम फीचर्स, सुरक्षा और ड्राइविंग अनुभव पर खास ध्यान दे रही है।
सामान्य विज्ञापन अभियानों की तुलना में Skoda ने अपने वाहनों की क्षमता दिखाने के लिए वास्तविक रेस ट्रैक चुनौती का इस्तेमाल किया।
कंपनी ने प्रोफेशनल रेसिंग सर्किट पर कई मॉडलों को उतारकर पूरे लाइनअप की परफॉर्मेंस क्षमता को प्रदर्शित करने की कोशिश की।
G.O.A.T अभियान कंपनी की ब्रांड पहचान को मजबूत करने और उत्साही ड्राइवर्स के साथ-साथ आम ग्राहकों को आकर्षित करने की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
भारतीय ऑटोमोबाइल बाजार में बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बीच इस तरह के अभियान कंपनियों को केवल फीचर्स ही नहीं, बल्कि ड्राइविंग अनुभव के आधार पर भी अलग पहचान दिलाने में मदद करते हैं।