लॉजिस्टिक्स सॉल्यूशन मुहैया कराने वाली कंपनी Shadowfax Technologies का इनीशियल पब्लिक ऑफर (IPO) आज 20 जनवरी से बोली के लिए खुल गया है। कंपनी अपने आईपीओ से करीब ₹1,900 करोड़ रुपये जुटाने की तैयारी में है। हालांकि इस आईपीओ को लेकर फिलहाल ग्रे मार्केट में सीमित उत्साह देखने को मिल रहा है। ग्रे मार्केट में आईपीओ से संभावित लिस्टिंग गेन करीब 5% के आसपास आंका जा रहा है।
GMP क्या संकेत दे रहा है?
ग्रे मार्केट पर नजर रखने वाले प्लेटफॉर्म इनवेस्टगेन के मुताबिक शैडोफैक्स टेक्नोलॉजीज के शेयर मंगलवार सुबह को 6 रुपये के ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) के साथ कारोबार कर रहे थे। यह इसके 124 रुपये के आईपीओ प्राइस के मुकाबले लगभग 4.84% प्रीमियम को दिखाती है। हालांकि बाजार जानकार यह भी दोहराते हैं, कि GMP कोई ऑफिसियल आंकड़ा नहीं होता और यह पूरी तरह अटकलों पर आधारित रहता है।
शैडोफैक्स टेक्नोलॉजीज का यह IPO बुक-बिल्डिंग इश्यू है, जिसका कुल आकार ₹1,907.27 करोड़ है। इसमें ₹1,000 करोड़ का फ्रेश इश्यू और ₹907.27 करोड़ का ऑफर-फॉर-सेल शामिल है। आईपीओ के लिए प्राइस बैंड ₹118 से ₹124 प्रति शेयर तय किया गया है।
रिटेल निवेशकों के लिए एक लॉट में 120 शेयर रखे गए हैं। ऊपरी प्राइस बैंड पर आवेदन करने के लिए ₹14,880 का निवेश करना होगा। छोटे नॉन-इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (sNII) को कम से कम 14 लॉट के लिए आवेदन करना होगा, जिसके लिए करीब ₹2.08 लाख की जरूरत पड़ेगी। वहीं बड़े नॉन-इंस्टीट्यूशनल निवेशक (bNII) को न्यूनतम 68 लॉट के लिए आवेदन करना होगा, यानी करीब ₹10.11 लाख का निवेश।
शैडोफैक्स टेक्नोलॉजीज का आईपीओ 20 जनवरी से 22 जनवरी तक बोली के लिए खुला रहेगा। शेयरों का अलॉटमेंट 23 जनवरी को फाइनल होने की उम्मीद है। सफल निवेशकों के डिमैट अकाउंट में शेयर 27 जनवरी को क्रेडिट किए जाएंगे और असफल निवेशकों को उसी दिन रिफंड मिलेगा। कंपनी के शेयरों की लिस्टिंग 28 जनवरी को BSE और NSE पर होने की संभावना है।
इस आईपीओ में 75% हिस्सा क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIBs) के लिए आरक्षित है, जबकि 10% रिटेल निवेशकों और बाकी 15% नॉन-इंस्टीट्यूशनल निवेशकों (NIIs) के लिए रखा गया है। इस IPO के बुक रनिंग लीड मैनेजर ICICI सिक्योरिटीज है, और इश्यू का रजिस्ट्रार केफिन टेक्नोलॉजीज है।
ब्रोकरेज फर्म स्वास्तिक इनवेस्टमार्ट ने इस IPO पर न्यूट्रल रेटिंग दी है। ब्रोकरेज का कहना है, कि भारत में लास्ट-माइल लॉजिस्टिक्स और ई-कॉमर्स डिलीवरी सेगमेंट की मजबूत ग्रोथ से शैडोफैक्स को फायदा मिल रहा है, लेकिन कंपनी की प्रॉफिटेबिलिटी अभी कम है, और मार्जिन को लेकर स्पष्टता सीमित है।
स्वास्तिक इनवेस्टमार्ट के मुताबिक कंपनी के रेवेन्यू का बड़ा हिस्सा फ्लिपकार्ट (जो खुद निवेशक भी है) और मीशो से आता है। ऐसे में यह IPO हाई-रिस्क, लॉन्ग-टर्म निवेशकों के लिए ही ज्यादा उपयुक्त है, जबकि रुढ़िवादी निवेशकों को लिस्टिंग के बाद बेहतर प्राइस डिस्कवरी का इंतजार करना चाहिए।
ऑनलाइन फाइनेंशियल एनालिसिस प्लेटफॉर्म Capital Market ने इस IPO को 42/100 की रेटिंग दी है। प्लेटफॉर्म के मुताबिक Shadowfax भारत की उन चुनिंदा थर्ड-पार्टी लॉजिस्टिक्स (3PL) कंपनियों में से एक है, जो ई-कॉमर्स के लिए एंड-टू-एंड डिलीवरी के साथ-साथ क्विक कॉमर्स, फूड डिलीवरी और हाइपरलोकल जरूरतों के लिए लास्ट-माइल डिलीवरी भी देती है। साथ ही रिवर्स पिकअप, एक्सचेंज डिलीवरी और सेम-डे डिलीवरी जैसी वैल्यू-एडेड सर्विसेज में यह भारत की सबसे बड़ी 3PL कंपनियों में शामिल है।
हालांकि Capital Market ने कंपनी से जुड़े कुछ जोखिम भी गिनाए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक कंपनी का रेवेन्यू प्रोफाइल काफी कंसन्ट्रेटेड है। FY26 की पहली छमाही में कंपनी के सबसे बड़े क्लाइंट से लगभग आधी आय आई, जबकि टॉप-5 क्लाइंट्स से कुल राजस्व का करीब 75% हिस्सा मिला। इसके अलावा कंपनी का नॉन-एक्सक्लूसिव पार्टनर्स पर निर्भर रहना और नेटवर्क इंफ्रास्ट्रक्चर का असमान विस्तार भी भविष्य की ग्रोथ के लिए जोखिम बन सकता है।
शैडोफैक्स टेक्नोलॉजीज देश की एक प्रमुख लॉजिस्टिक्स सॉल्यूशन प्रोवाइडर कंपनी है, जो ई-कॉमर्स, क्विक कॉमर्स, फूड डिलीवरी और हाइपरलोकल बिजनेस के लिए डिलीवरी सॉल्यूशंस मुहैया कराती है।