भारत के प्राइमरी मार्केट में तेजी लगातार बनी हुई है। इसी कड़ी में SEBI ने Zepto और Dhoot Transmission समेत छह कंपनियों को अपने इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) लॉन्च करने की नियामकीय मंजूरी दे दी है। यह कदम निवेशकों के बढ़ते भरोसे और मजबूत डील पाइपलाइन गतिविधि का संकेत माना जा रहा है।
भारत के पूंजी बाजार के लिए एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम में छह कंपनियों को IPO योजनाओं के साथ आगे बढ़ने के लिए SEBI की मंजूरी मिल गई है। Zepto और Dhoot Transmission के अलावा Horizon Industrial Parks, Surgiwear, Crystal Crop Protection और Hotel Polo Towers भी इस सूची में शामिल हैं।
इन कंपनियों ने अक्टूबर से फरवरी के बीच अपने ड्राफ्ट IPO दस्तावेज जमा किए थे और इन्हें 4 से 8 मई के दौरान SEBI की ओर से “ऑब्जर्वेशंस” प्राप्त हुईं। नियामकीय भाषा में इसका मतलब है कि बाजार परिस्थितियों के अधीन रहते हुए कंपनियों को सार्वजनिक निर्गम (Public Offering) के साथ आगे बढ़ने की अनुमति मिल गई है।
सबसे चर्चित लिस्टिंग्स में से एक Zepto की है, जो भारत के सबसे तेजी से बढ़ते क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स में शामिल है। कंपनी अपने IPO के जरिए लगभग ₹11,000 करोड़ जुटाने की योजना बना रही है, जो इस सेगमेंट के सबसे बड़े ऑफर्स में से एक हो सकता है।
यदि यह IPO सफल रहता है, तो Zepto पब्लिक मार्केट में पहले से सूचीबद्ध प्रतिस्पर्धियों जैसे Zomato और Swiggy की श्रेणी में शामिल हो जाएगी। इस लिस्टिंग से क्विक कॉमर्स और फूड डिलीवरी सेक्टर में प्रतिस्पर्धा और तेज होने की उम्मीद है, साथ ही निवेशकों को हाई-ग्रोथ डिजिटल कंजम्प्शन ट्रेंड्स में निवेश का अवसर मिलेगा।
ऑटो कंपोनेंट निर्माता Dhoot Transmission भी लगभग 250 मिलियन डॉलर (करीब ₹2,258 करोड़) जुटाने के लक्ष्य के साथ शेयर बाजार में उतरने की तैयारी कर रही है। IPO संरचना में फ्रेश इक्विटी इश्यू और मौजूदा निवेशकों द्वारा ऑफर फॉर सेल (OFS) दोनों शामिल होंगे।
प्राइवेट इक्विटी फर्म Bain Capital द्वारा समर्थित कंपनी इस राशि का उपयोग विस्तार और अपनी मैन्युफैक्चरिंग क्षमताओं को मजबूत करने में करेगी। खास बात यह है कि प्रमोटर्स के OFS हिस्से के जरिए अपनी हिस्सेदारी घटाने की संभावना नहीं है।
Zepto और Dhoot Transmission दोनों ने IPO के लिए कॉन्फिडेंशियल प्री-फाइलिंग रूट अपनाया, जो अब कंपनियों के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रहा है।
इस प्रक्रिया के तहत कंपनियां अपने ड्राफ्ट दस्तावेज SEBI को समीक्षा के लिए भेज सकती हैं, बिना संवेदनशील कारोबारी जानकारी को तुरंत सार्वजनिक किए।
यह तरीका कंपनियों को IPO रणनीति, वैल्यूएशन अपेक्षाओं और डिस्क्लोजर को नियामकीय प्रतिक्रिया के आधार पर अंतिम रूप देने में अधिक लचीलापन प्रदान करता है।
ग्लोबल निवेश दिग्गज Blackstone समर्थित लॉजिस्टिक्स रियल एस्टेट प्लेटफॉर्म Horizon Industrial Parks पूरी तरह फ्रेश इक्विटी शेयर इश्यू के जरिए ₹2,600 करोड़ जुटाने की योजना बना रही है।
कंपनी के ड्राफ्ट प्रॉस्पेक्टस के अनुसार, जुटाई गई राशि में से लगभग ₹2,250 करोड़ का उपयोग मौजूदा कर्ज चुकाने के लिए किया जाएगा। इससे कंपनी की बैलेंस शीट मजबूत होने और भारत के तेजी से बढ़ते वेयरहाउसिंग व लॉजिस्टिक्स सेक्टर में आगे विस्तार करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
उत्तर प्रदेश स्थित Surgiwear ₹370 करोड़ तक के फ्रेश शेयर इश्यू और प्रमोटर घनश्याम दास अग्रवाल द्वारा समान आकार के OFS के साथ IPO लॉन्च करने जा रही है।
कंपनी इस फंड का उपयोग उन्नत मशीनरी खरीदने, कर्ज कम करने और सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्यों के लिए करेगी। इसकी लिस्टिंग घरेलू मेडिकल इक्विपमेंट निर्माताओं में निवेशकों की बढ़ती रुचि को भी दर्शाती है।
एग्रोकेमिकल कंपनी Crystal Crop Protection भी ₹600 करोड़ के फ्रेश इश्यू और प्रमोटर्स व निवेशकों द्वारा 74 लाख से अधिक शेयरों के OFS के साथ IPO बाजार में उतर रही है।
मुख्य निवेशकों में International Finance Corporation और IFC Emerging Asia Fund LP शामिल हैं, जो OFS के जरिए आंशिक एग्जिट ले सकते हैं।
फ्रेश इश्यू से प्राप्त राशि का उपयोग कर्ज चुकाने, अधिग्रहणों को फंड करने और रणनीतिक पहलों के लिए किया जाएगा। इसके अलावा कंपनी अपनी सहायक इकाई Saffire Crop Science में निवेश करेगी ताकि बाजार में अपनी स्थिति मजबूत कर सके।
हॉस्पिटैलिटी कंपनी Hotel Polo Towers ₹300 करोड़ के फ्रेश इश्यू और प्रमोटर्स द्वारा 71.2 लाख शेयरों के OFS के साथ IPO लाने की तैयारी में है।
कंपनी उत्तर-पूर्व, पूर्वी और उत्तरी भारत में ‘Polo’ और ‘Max’ ब्रांड्स के तहत अपस्केल और मिडस्केल होटलों की श्रृंखला संचालित करती है। IPO के जरिए कंपनी अपने नेटवर्क का विस्तार और हॉस्पिटैलिटी सेवाओं को मजबूत करना चाहती है, खासकर ऐसे समय में जब ट्रैवल और टूरिज्म सेक्टर में तेजी लौट रही है।
सभी छह कंपनियों के शेयर Bombay Stock Exchange और National Stock Exchange जैसे प्रमुख स्टॉक एक्सचेंजों पर सूचीबद्ध किए जाने का प्रस्ताव है।
टेक स्टार्टअप्स, मैन्युफैक्चरिंग कंपनियों, हॉस्पिटैलिटी और एग्रोकेमिकल कारोबारों सहित विविध क्षेत्रों की कंपनियों का IPO पाइपलाइन में शामिल होना भारत के बाजार की व्यापकता को दर्शाता है। यह नए और पारंपरिक दोनों सेक्टर्स में निवेशकों की मजबूत रुचि का भी संकेत देता है।
इन IPOs की मंजूरी वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद भारत के प्राइमरी मार्केट की मजबूती को दर्शाती है। कंपनियां विस्तार, कर्ज कम करने और शुरुआती निवेशकों को एग्जिट देने के लिए पूंजी बाजारों का तेजी से उपयोग कर रही हैं।
Zepto जैसी हाई-प्रोफाइल लिस्टिंग्स के साथ आने वाले महीनों में IPO बाजार में गतिविधियां और तेज हो सकती हैं, जिससे घरेलू और वैश्विक दोनों निवेशकों की भागीदारी बढ़ने की संभावना है।