रेंटोमोजो लिमिटेड अपना IPO ला रही है। इसके लिए कंपनी ने कैपिटल मार्केट रेगुलेटर SEBI के पास ड्राफ्ट पेपर जमा किए हैं। ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) के अनुसार प्रस्तावित IPO में 150 करोड़ रुपये तक के नए इक्विटी शेयर जारी होंगे। साथ ही मौजूदा शेयरहोल्डर्स की ओर से 2,83,99,567 तक इक्विटी शेयरों का ऑफर-फॉर-सेल (OFS) रहेगा। रेंटोमोजो को गीतांश बामानिया ने शुरू किया था। यह कंपनी एक टेक्नोलॉजी-बेस्ड फुल-स्टैक डायरेक्ट-टू-कंज्यूमर (D2C) प्लेटफॉर्म चलाती है।
यह प्लेटफॉर्म लोगों को पूरे भारत में फर्नीचर और घरेलू अप्लायंसेज को किराए पर और सब्सक्रिप्शन बेसिस पर लेने की सर्विसेज देता है। रिपोर्ट के अनुसार Rentomojo फर्नीचर और अप्लायंसेज के लिए संगठित ऑनलाइन रेंटल सेगमेंट में सबसे बड़ी कंपनी है। इसका वित्त वर्ष 2025 में सब्सक्रिप्शन रेवेन्यू के आधार पर अनुमानित मार्केट शेयर 42-47 प्रतिशत है। रेंटोमोजो में एक्सेल, एडलवाइस, वैल्यूक्वेस्ट और चिराटे वेंचर्स का भी पैसा लगा हुआ है।
OFS में प्रमोटर गीतांश बामानिया के साथ-साथ एक्सेल इंडिया, एडलवाइस डिस्कवरी फंड, वैल्यूक्वेस्ट, मैडिसन इंडिया, चिराटे वेंचर्स और GMO पेमेंट गेटवे जैसे निवेशक शेयरों को बिक्री के लिए रखेंगे। कंपनी प्री-IPO राउंड में 30 करोड़ रुपये तक की रकम जुटा सकती है। अगर ऐसा हुआ तो IPO में नए शेयरों के इश्यू का साइज घट जाएगा।
Rentomojo में प्रमोटर्स की 21.51 प्रतिशत हिस्सेदारी है। 73.66 प्रतिशत शेयर आम शेयरधारकों के पास हैं। बाकी 4.83 प्रतिशत शेयर कर्मचारी ट्रस्टों के पास हैं। कंपनी में सबसे बड़ी आम शेयरधारक एक्सेल इंडिया IV (मॉरीशस) है। इसके पास 20.92 प्रतिशत हिस्सा है। एडलवाइस डिस्कवरी फंड के पास 10.53 प्रतिशत शेयर, चिराटे वेंचर्स के पास 10.28 प्रतिशत शेयर और वैल्यूक्वेस्ट के पास 8.92 प्रतिशत शेयर हैं।
कंपनी अपने IPO में नए शेयरों को जारी कर हासिल होने वाले पैसों का इस्तेमाल कर्ज चुकाने, अपने वेयरहाउस और एक्सपीरियंस स्टोर के लिए लीज रेंटल या लाइसेंस फीस देने, और आम कॉरपोरेट जरूरतों के लिए करने वाली है। 30 सितंबर 2025 तक 22 शहरों में कंपनी के 2.27 लाख से ज्यादा एक्टिव सब्सक्राइबर थे। इसके 21 वेयरहाउस हैं। वित्तीय मोर्चे पर पूरे वित्त वर्ष 2025 के लिए ऑपरेशंस से रेवेन्यू 265.96 करोड़ रुपये रहा। शुद्ध मुनाफा 43.11 करोड़ रुपये रहा।
जनवरी 2026 तक कंपनी पर कुल 179.5 करोड़ रुपये का कंसोलिडेटेड कर्ज था। अप्रैल-सितंबर 2025 को समाप्त छह महीने की अवधि में रेवेन्यू 176.6 करोड़ रुपये और मुनाफा 61.3 करोड़ रुपये रहा। IPO के लिए मोतीलाल ओसवाल इनवेस्टमेंट एडवाइजर्स, एक्सिस कैपिटल और IIFL कैपिटल सर्विसेज, बुक-रनिंग लीड मैनेजर है।
शेयर बाजार में निवेशकों के लिए जल्द ही बड़े मौके आने वाले हैं, मार्केट रेगुलेटर सिक्योरिटी एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया यानी SEBI ने 6 कंपनियों को IPO लाने की मंजूरी दे दी है, ये कंपनियां आईपीओ के जरिए बाजार से करीब ₹10,000 करोड़ जुटाए जाने की उम्मीद कर रही हैं, इन कंपनियों ने सितंबर से दिसंबर के बीच अपने ड्राफ्ट पेपर दाखिल किए थे, और अब मार्च में इन्हें हरी झंडी मिल गई है।
> SAEL इंडस्ट्रीज लिमिटेड
> विश्वराज एनवायरमेंट लिमिटेड
> सिमबायोटेक फार्म लिमिटेड
> पारसोल केमिकल्स
> नोपेपरफॉर्मस सॉल्यूशनस लिमिटेड
> शाह इंवेस्टर्स होम लिमिटेड
SAEL Industries
जिन 6 कंपनियों को सेबी से पब्लिक इश्यू के लिए रही झंडी मिली है, इनमें सबसे बड़ा IPO SAEL Industries Ltd का होगा, जो करीब ₹4,575 करोड़ जुटाने की योजना बना रही है, इसमें ₹3,750 करोड़ का फ्रेश इश्यू और ₹825 करोड़ का OFS शामिल है, कंपनी इस रकम का इस्तेमाल अपने सोलर प्रोजेक्ट्स और कर्ज चुकाने में करेगी।
Vishvaraj Environment
विश्वराज अपने आईपीओ से करीब ₹2,250 करोड़ जुटाएगी, ये इंफ्रा कंपनी आईपीओ से मिलने वाली रकमका इस्तेमाल पानी से जुड़े प्रोजेक्ट जैसे वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट, सीवेज सिस्टम और सोलर प्रोजेक्ट्स में निवेश किया जाएगा।
Symbiotec Pharmalab का प्लान
सिमबायोटिक का IPO करीब ₹2,180 करोड़ का होगा, इसमें बड़ा हिस्सा OFS का है, जबकि फ्रेश इश्यू से जुटी रकम का इस्तेमाल कर्ज चुकाने और कॉरपोरेट जरूरतों में किया जाएगा।
Prasol Chemicals
Prasol Chemicals करीब ₹500 करोड़ जुटाने की तैयारी में है।
> वहीं NoPaperForms Solutions Ltd को भी मंजूरी मिल गई है, हालांकि इसके इश्यू साइज का खुलासा अभी नहीं हुआ है।
> Shah Investor’s Home Ltd का IPO फ्रेश इश्यू के जरिए आएगा, जिससे जुटाई गई रकम वर्किंग कैपिटल में लगाई जाएगी।
> इस बीच Jindal Supreme India Ltd ने अपना IPO प्लान वापस ले लिया है।
इन सभी कंपनियों के शेयर BSE और NSE पर लिस्ट होंगे, एक साथ इतने IPO आने से बाजार में हलचल बढ़ेगी और निवेशकों को अलग-अलग सेक्टर में पैसा लगाने का मौका मिलेगा।