तेल से लेकर टेलीकॉम तक का कारोबार करने वाली कंपनी Reliance Industries के शेयर 17 मार्च को निवेशकों की नज़र में रहने की उम्मीद है। इसकी वजह यह है, कि कंपनी ने घोषणा की कि उसने दक्षिण कोरिया की Samsung C&T Corporation के साथ एक पक्का, लंबे समय का सप्लाई और खरीद समझौता किया है। यह समझौता FY2029 के दूसरे छमाही से शुरू होकर 15 साल की अवधि तक ग्रीन अमोनिया की सप्लाई के लिए है।
यह समझौता, जिसकी कीमत US$3 बिलियन से ज़्यादा है, दुनिया भर में ग्रीन अमोनिया की खरीद के सबसे बड़े, पक्के और लंबे समय के समझौतों में से एक है।
यह समझौता दुनिया के एनर्जी सेक्टर में एक नया पैमाना तय करता है। इसके साथ ही भारत ग्रीन फ्यूल का एक्सपोर्ट करने वाले देश के तौर पर उभर रहा है। ये फ्यूल देश में ही बनी एक पूरी वैल्यू चेन के ज़रिए तैयार किए जाते हैं, जिसमें ज़रूरी क्लीन-एनर्जी उपकरणों का देश में ही निर्माण भी शामिल है। यह सब भारत के National Green Hydrogen Mission के मुताबिक है।
ग्रीन अमोनिया, ऐसा अमोनिया है, जिसे जीवाश्म ईंधन के बजाय सौर या पवन ऊर्जा जैसी रिन्यूएबल एनर्जी का इस्तेमाल करके बनाया जाता है। इसे ग्रीन हाइड्रोजन (रिन्यूएबल बिजली का इस्तेमाल करके बनाया गया हाइड्रोजन) को हवा से मिलने वाली नाइट्रोजन के साथ मिलाकर बनाया जाता है। इस प्रक्रिया में ज़्यादातर कार्बन नहीं निकलता, इसलिए यह काफी हद तक कार्बन-मुक्त होती है।
पारंपरिक अमोनिया के विपरीत—जिसे आमतौर पर प्राकृतिक गैस का उपयोग करके बनाया जाता है, और जिससे काफी ज़्यादा कार्बन उत्सर्जन होता है, ग्रीन अमोनिया को एक स्वच्छ ईंधन और ऊर्जा वाहक माना जाता है।
अमोनिया नाइट्रोजन और हाइड्रोजन से बना एक रासायनिक यौगिक है। यह एक रंगहीन गैस है, जिसकी गंध बहुत तेज़ और तीखी होती है, और इसका उपयोग उद्योगों में बड़े पैमाने पर किया जाता है।
फर्टिलाइज़र: ज़्यादातर अमोनिया का इस्तेमाल यूरिया और अमोनियम नाइट्रेट जैसे फर्टिलाइज़र बनाने में होता है, जो फसलों को बढ़ने में मदद करते हैं।
इंडस्ट्रियल केमिकल्स: इसका इस्तेमाल प्लास्टिक, एक्सप्लोसिव, टेक्सटाइल और क्लीनिंग प्रोडक्ट्स बनाने में होता है।
रेफ्रिजरेशन: कुछ औद्योगिक कूलिंग सिस्टम में अमोनिया का उपयोग रेफ्रिजरेंट के रूप में किया जाता है।
अमोनिया को वैश्विक कृषि के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है, और भविष्य के स्वच्छ ईंधन तथा हाइड्रोजन वाहक के रूप में भी इसकी संभावनाओं को तलाशा जा रहा है।
कंपनी ने कहा कि RIL एक पूरी तरह से इंटीग्रेटेड 'न्यू एनर्जी' प्लेटफ़ॉर्म डेवलप कर रही है। इसमें रिन्यूएबल एनर्जी, एनर्जी स्टोरेज, ग्रीन हाइड्रोजन, और डाउनस्ट्रीम ग्रीन फ़्यूल और केमिकल्स शामिल हैं। इस प्लेटफ़ॉर्म को ज़रूरी क्लीन-एनर्जी टेक्नोलॉजी की इन-हाउस मैन्युफ़ैक्चरिंग का भी सपोर्ट मिल रहा है।
RIL के न्यू एनर्जी इकोसिस्टम का एक मुख्य आधार भारत में ज़रूरी क्लीन एनर्जी टेक्नोलॉजी का स्वदेशीकरण करना है। इसमें सोलर मॉड्यूल, बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS), और इलेक्ट्रोलाइज़र सिस्टम शामिल हैं। यह भारत सरकार के आत्मनिर्भरता और घरेलू मैन्युफ़ैक्चरिंग में लीडरशिप के विज़न के अनुरूप है।
इन क्षमताओं को एक ही इकोसिस्टम में इंटीग्रेट करके RIL का लक्ष्य ग्लोबल मार्केट के लिए किफ़ायती, स्केलेबल और भरोसेमंद ग्रीन एनर्जी समाधान उपलब्ध कराना है। साथ ही इसका मकसद भारत के इंडस्ट्रियल बेस को भी मज़बूत करना है।
Samsung C&T के साथ किया गया यह समझौता, RIL के न्यू एनर्जी प्लेटफ़ॉर्म के विस्तार में मदद करने वाली कई लंबी अवधि की ऑफ़टेक पार्टनरशिप की श्रृंखला में पहला कदम है।
Reliance Industries के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर अनंत अंबानी Anant Ambani ने कहा "हमें Samsung C&T के साथ पार्टनरशिप करके गर्व महसूस हो रहा है। इस पार्टनरशिप के ज़रिए हम किफ़ायती और भरोसेमंद ग्रीन अमोनिया की सप्लाई करेंगे। यह पार्टनरशिप भारत की क्लीन-एनर्जी की यात्रा में एक अहम कदम है।"
"RIL की 'न्यू एनर्जी' पहल का मकसद न सिर्फ़ एनर्जी ट्रांज़िशन को आगे बढ़ाना है, बल्कि भारत के लिए एक मज़बूत इंडस्ट्रियल प्लेटफ़ॉर्म भी तैयार करना है। इसके लिए भारत के रिन्यूएबल संसाधनों को देश की मैन्युफ़ैक्चरिंग में लीडरशिप, विश्व-स्तरीय टैलेंट और इनोवेशन के साथ इंटीग्रेट किया जाएगा, ताकि बड़े पैमाने पर वैल्यू-एडेड ग्रीन फ़्यूल और केमिकल्स का उत्पादन किया जा सके।"
इस विज़न का मूल आधार कंपनी की वह कमिटमेंट है, जिसके तहत वह एनर्जी ट्रांज़िशन की ज़रूरी टेक्नोलॉजी—जैसे सोलर, बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम और इलेक्ट्रोलाइज़र—का एक मज़बूत 'मेक-इन-इंडिया' फ्रेमवर्क के तहत स्वदेशीकरण करने के लिए समर्पित है।
अनंत अंबानी ने कहा "इस तरह की पार्टनरशिप हमारे ग्रीन हाइड्रोजन इकोसिस्टम और गीगाफ़ैक्ट्रीज़ के विस्तार में मदद करेंगी। साथ ही ये भारत के उस लक्ष्य को हासिल करने में भी योगदान देंगी, जिसके तहत भारत ग्रीन हाइड्रोजन और उससे जुड़े उत्पादों का एक ग्लोबल हब बनना चाहता है।"
Reliance की गतिविधियाँ हाइड्रोकार्बन की खोज और उत्पादन, पेट्रोलियम रिफाइनिंग और मार्केटिंग, पेट्रोकेमिकल्स, एडवांस्ड मटीरियल और कंपोजिट, रिन्यूएबल्स (सोलर और हाइड्रोजन), रिटेल, डिजिटल सेवाएँ, और मीडिया और मनोरंजन तक फैली हुई हैं।
अपने New Energy बिज़नेस के ज़रिए, Reliance का कहना है, कि वह दुनिया के सबसे इंटीग्रेटेड क्लीन एनर्जी प्लेटफॉर्म में से एक बना रहा है: कच्छ में एक बड़े पैमाने का सोलर और स्टोरेज प्रोजेक्ट जो चौबीसों घंटे रिन्यूएबल बिजली देगा, और जामनगर में इंटीग्रेटेड ग्रीन हाइड्रोजन और अमोनिया उत्पादन को बढ़ावा देगा।
इसकी नींव धीरूभाई अंबानी ग्रीन एनर्जी गीगा कॉम्प्लेक्स ने रखी है। Reliance ने 2035 तक नेट कार्बन ज़ीरो का लक्ष्य हासिल करने का वादा किया है।
1938 में स्थापित Samsung C&T Trading & Investment Group 40 देशों में 70 से ज़्यादा ऑफ़िसों के साथ एक ग्लोबल बिज़नेस नेटवर्क चलाता है। यह कंपनी स्टील, केमिकल्स और नॉन-फेरस मेटल्स जैसे मुख्य इंडस्ट्रियल मटीरियल्स की ट्रेडिंग के साथ-साथ सोलर PV/ESS जैसे रिन्यूएबल एनर्जी प्रोजेक्ट्स के डेवलपमेंट में भी माहिर है।