रिलायंस इंडस्ट्रीज़ के शेयर 4% से ज़्यादा गिरकर 10 महीने के निचले स्तर पर पहुँचे

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06 Apr 2026
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News Synopsis

देश की सबसे बड़ी कंपनी Reliance Industries के शेयरों में जबरदस्त गिरावट देखने को मिल रही है, कारोबारी सत्र के दौरान कंपनी के शेयर 10 महीनों से ज्यादा समय के लोअर लेवल पर पहुंच गए हैं, खास बात तो ये है, कि सप्ताह के पहले ही कारोबारी दिन के कुछ ही घंटों में कंपनी के मार्केट कैप में 81 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा का नुकसान हो चुका था, वैसे शेयर बाजार एक बार फिर से बढ़त बना चुका है, उसके बाद भी रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों में 3.50 फीसदी से ज्यादा की गिरावट देखने को मिल रही है, जोकि कारोबारी सत्र के दौरान 4.50 फीसदी की गिरावट तक पहुंच गई थी, आइए आपको भी बताते हैं, कि आखिर रिलायंस इंडस्ट्री के शेयर बाजार में किस तरह के आंकड़े देखने को मिल रहे हैं।

कंपनी के शेयरों में बड़ी गिरावट

देश की सबसे बड़ी कंपनी Reliance Industries के शेयर बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज पर बड़ी गिरावट के साथ कारोबार कर रहा है, दोपहर 1 बजकर 15 मिनट पर रिलायंस इंडस्ट्रीज का शेयर 3.81 फीसदी गिरावट के साथ 1299.40 रुपए पर कारोबार कर रहा है, जबकि कारोबारी सत्र के दौरान कंपनी का शेयर 4.50 फीसदी की गिरावट के साथ 1,290 रुपए के साथ लोअर लेवल पर पहुंच गया था, वैसे कंपनी का शेयर मामूली डेढ़ रुपए की तेजी के साथ 1351.60 रुपए पर ओपन हुआ था, जोकि शुरुआती कारोबारी सत्र के दौरान 1360.80 रुपए के साथ दिन के हाई पर भी चला गया, लेकिन उसके बाद कंपनी के शेयरों में लगातार गिरावट देखने को मिल रही है।

कंपनी को 81 हजार करोड़ रुपए का नुकसान

खास बात तो ये है, कि शेयरों में गिरावट आने की वजह से कंपनी के मार्केट कैप को मोटा नुकसान हो चुका है, और 18 लाख करोड़ रुपए से नीचे आ चुका है, पिछले हफ्ते जब शेयर बाजार बंद हुआ था, तब कंपनी का मार्केट कैप 18,28,034.07 करोड़ रुपए था, जोकि कारोबारी सत्र के दौरान घटकर 1,746,695.20 करोड़ रुपए पर आ गया, इसका मतलब है, कि रिलायंस इंडस्ट्रीज के मार्केट कैप को 81,338.87 करोड़ रुपए का नुकसान हो चुका है, अनुमान है, कि कंपनी के मार्केट कैप में और भी ज्यादा कमी देखने को मिल सकती है, खास बात तो ये है, कि कंपनी का शेयर अपने 52 हफ्तों के पीक से 19 फीसदी से ज्यादा नीचे आ चुका है।

रिलायंस के शेयरों में गिरावट का कारण

RIL के शेयर दबाव में हैं, और पिछले पांच ट्रेडिंग दिनों में 8 प्रतिशत गिर गए हैं, इसकी वजह सरकार का पेट्रोल, डीज़ल और एविएशन टर्बाइन फ़्यूल (ATF, या जेट फ़्यूल) पर एक्सपोर्ट ड्यूटी लगाने का फैसला है, जिससे मार्जिन को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं, 27 मार्च 2026 को केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा था, कि सरकार डीजल पर 21.5 रुपए प्रति लीटर और ATF पर 29.5 रुपए प्रति लीटर की ड्यूटी लगाएगी, ताकि घरेलू खपत के लिए इन उत्पादों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जा सके।

मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज (MOFSL) के विश्लेषकों का अनुमान है, कि कुल ग्रॉस रिफाइनिंग मार्जिन (GRM) पर लगभग 2 डॉलर प्रति बैरल का असर पड़ेगा, हालांकि हाल के HSD GRM 50-60 डॉलर प्रति बैरल की रेंज में रहे हैं, और RIL समेत रिफाइनर, इजराइल-ईरान वॉर से पहले के मुकाबले ज़्यादा मुनाफा कमा रहे हैं, फिर भी असल रिफाइनिंग मुनाफा हेडलाइन GRM से कम हो सकता है।

इसके अलावा RIL ने घरेलू LPG की कमी को देखते हुए प्रोपेन को LPG प्रोडक्शन की तरफ मोड़ दिया है, और इसका असर मुनाफे पर पड़ने की संभावना है, ब्रोकरेज फर्म ने कहा कि कच्चे तेल की कीमतों में तेज बढ़ोतरी के बावजूद RIL ने रिटेल फ्यूल की कीमतों में कोई बढ़ोतरी नहीं की है, हालांकि MOFSL के एनालिस्टों ने RIL पर ‘BUY’ रेटिंग दोहराई है, जिसका टारगेट प्राइस 1,750 रुपए है।

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