Reliance Industries Limited ने वित्त वर्ष 2025–26 में एक ऐतिहासिक वित्तीय उपलब्धि हासिल करते हुए $124 बिलियन (लगभग ₹10 लाख करोड़) का वार्षिक राजस्व पार कर लिया है। यह उपलब्धि हासिल करने वाली यह पहली भारतीय कंपनी बन गई है। कंपनी का यह प्रदर्शन इसके डिजिटल, रिटेल और ऊर्जा व्यवसायों की मजबूत वृद्धि का परिणाम है।
Reliance Industries Limited ने वित्त वर्ष 2025–26 में मजबूत वित्तीय नतीजे दर्ज किए हैं। कंपनी का कुल राजस्व $124 बिलियन से अधिक पहुंच गया, जबकि शुद्ध लाभ $10 बिलियन से ऊपर रहा।
यह वृद्धि कंपनी के विविधीकृत कारोबार, कुशल संचालन और लगातार विस्तार का परिणाम है। डिजिटल सेवाएं, रिटेल और ऑयल-टू-केमिकल्स (O2C) जैसे प्रमुख व्यवसायों ने इस ऐतिहासिक प्रदर्शन में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
चेयरमैन मुकेश अंबानी के नेतृत्व में Reliance Industries Limited ने एक लंबी परिवर्तन यात्रा पूरी की है। 1966 में धीरूभाई अंबानी द्वारा स्थापित यह कंपनी एक कपड़ा व्यापार व्यवसाय से शुरू होकर आज एक वैश्विक समूह बन चुकी है।
कंपनी ने ऊर्जा, टेलीकॉम, रिटेल और हरित ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में रणनीतिक विस्तार किया है। यह परिवर्तन इसे एक टेक्नोलॉजी-ड्रिवन और उपभोक्ता-केंद्रित वैश्विक कॉरपोरेशन के रूप में स्थापित करता है।
Jio Platforms इस समूह का सबसे बड़ा ग्रोथ इंजन बना हुआ है। मार्च 2026 तक जियो के कुल सब्सक्राइबर 524.4 मिलियन तक पहुंच गए, जिनमें लगभग 268 मिलियन 5G उपयोगकर्ता शामिल हैं।
जियो केवल टेलीकॉम तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक मजबूत डिजिटल इकोसिस्टम बना चुका है जिसमें JioMart, JioCinema और JioSaavn जैसी सेवाएं शामिल हैं। इसके अलावा AI और क्लाउड तकनीक में निवेश इसे भविष्य के लिए और मजबूत बनाते हैं।
Reliance Retail भारत की सबसे बड़ी रिटेल कंपनी है और समूह की वृद्धि में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
वित्त वर्ष 2025–26 में रिटेल कारोबार ने 8% वार्षिक वृद्धि दर्ज की, जबकि कुल राजस्व ₹3,70,026 करोड़ तक पहुंच गया, जो 11.8% की वृद्धि को दर्शाता है।
रिलायंस रिटेल का “न्यू कॉमर्स” मॉडल छोटे किराना स्टोर्स को डिजिटल सप्लाई नेटवर्क से जोड़कर उन्हें माइक्रो-फुलफिलमेंट सेंटर में बदल रहा है। इससे कंपनी की पहुंच ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में तेजी से बढ़ी है।
वैश्विक चुनौतियों जैसे तेल कीमतों में उतार-चढ़ाव और भू-राजनीतिक तनाव के बावजूद O2C व्यवसाय ने स्थिर प्रदर्शन किया।
इस खंड ने वित्त वर्ष 2025–26 में 10% EBITDA वृद्धि दर्ज की।
यह व्यवसाय भारत की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के साथ-साथ स्थिरता और सर्कुलर इकोनॉमी की दिशा में भी आगे बढ़ रहा है। कंपनी 2035 तक नेट कार्बन न्यूट्रल बनने का लक्ष्य रखती है।
वित्त वर्ष 2025–26 में Reliance Industries Limited ने:
यह लाभ भारत की तीन प्रमुख आईटी कंपनियों— Tata Consultancy Services, Infosys और HCL Technologies—की संयुक्त कमाई से भी अधिक है।
आने वाले वर्षों में रिलायंस हरित ऊर्जा और नई तकनीकों में बड़े निवेश कर रही है।
ये क्षेत्र कंपनी के लिए भविष्य में चौथे बड़े ग्रोथ इंजन के रूप में उभर सकते हैं। यह रणनीति भारत के ऊर्जा परिवर्तन और वैश्विक पर्यावरण लक्ष्यों के अनुरूप है।
निष्कर्ष:
Reliance Industries Limited का $124 बिलियन राजस्व पार करना भारतीय कॉरपोरेट इतिहास की एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। डिजिटल, रिटेल और ऊर्जा क्षेत्रों में मजबूत प्रदर्शन के साथ कंपनी लगातार नई ऊंचाइयों को छू रही है।
अपने विविधीकृत व्यवसाय मॉडल और भविष्य की तकनीकों में निवेश के कारण रिलायंस आने वाले वर्षों में वैश्विक स्तर पर अपनी मजबूत स्थिति बनाए रखने के लिए तैयार है।