रिलायंस इंडस्ट्रीज की चौथी तिमाही की कमाई: नेट प्रॉफिट 13% घटकर 16,971 करोड़ रहा

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27 Apr 2026
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News Synopsis

रिलायंस इंडस्ट्रीज ने FY26 की चौथी तिमाही में मुनाफे में गिरावट दर्ज की है। कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 13% घटकर 16,971 करोड़ रुपए रह गया। जबकि पिछले साल इसी तिमाही में यह 19,407 करोड़ रुपए था। हालांकि कारोबार के स्तर पर कंपनी ने बेहतर परफॉर्म किया है। ऑपरेशंस से होने वाली इनकम 13% बढ़कर 2.98 लाख करोड़ रुपए पहुंच गई है। तिमाही आधार पर भी मुनाफा दबाव में रहा और यह दिसंबर तिमाही के 18,645 करोड़ रुपए के मुकाबले 8% कम है। इसके साथ ही कंपनी के बोर्ड ने वित्त वर्ष 2026 के लिए प्रति शेयर 6 रुपए के डिविडेंड की सिफारिश की है।

ऑपरेटिंग परफॉर्मेंस में हल्की कमजोरी

रिलायंस इंडस्ट्रीज के ऑपरेटिंग परफॉर्मेंस में इस तिमाही में हल्की गिरावट देखने को मिली। कंपनी का EBITDA (यानी ऑपरेशनल कमाई) सालाना आधार पर 0.3% घटकर 48,588 करोड़ रुपए रह गया। इसके साथ ही मुनाफे का मार्जिन भी दबाव में रहा और यह 200 बेसिस पॉइंट घटकर 14.9% पर आ गया।

कंपनी को किन चुनौतियों का सामना करना पड़ा?

कंपनी के चेयरमैन और एमडी मुकेश अंबानी Mukesh Ambani ने कहा कि FY26 के दौरान कंपनी को कई बाहरी चुनौतियों का सामना करना पड़ा। इनमें जियोपॉलिटिकल टेंशन्स, क्रूड ऑयल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और वैश्विक व्यापार में बदलाव शामिल हैं। उनका कहना है, कि इन कारणों से दुनियाभर के कारोबार प्रभावित हुए। हालांकि कंपनी के डाइवर्स बिजनेसिस और भारत पर मजबूत फोकस ने इन चुनौतियों से निपटने में मदद की।

O2C, डिजिटल और रिटेल से ग्रोथ, लेकिन एनर्जी बिजनेस बना दबाव

इस तिमाही में कंपनी की टोटल रेवेन्यू में बढ़त उसके मुख्य बिजनेस से आई। O2C (ऑयल-टू-केमिकल्स), डिजिटल सर्विसेज और रिटेल-तीनों ही सेगमेंट्स में डबल-डिजिट ग्रोथ देखने को मिली। यानी इन बिज़नेस ने कंपनी की कमाई को मजबूत बनाए रखने में अहम भूमिका निभाई। हालांकि ऑपरेटिंग स्तर पर एक चुनौती भी रही। जहां डिजिटल और रिटेल बिजनेस ने अच्छा परफॉर्म किया, वहीं एनर्जी बिजनेस में आई गिरावट ने कुल परफॉर्मेंस पर दबाव डाला। यानी कंपनी के कुछ मजबूत सेगमेंट्स की ग्रोथ को एनर्जी सेगमेंट की कमजोरी ने आंशिक रूप से संतुलित कर दिया।

Reliance Jio की कमाई में अच्छी बढ़त

रिलायंस जियो ने इस तिमाही में मजबूत परफॉर्म किया है। कंपनी की ऑपरेटिंग रेवेन्यू सालाना आधार पर 13% बढ़कर 44,928 करोड़ रुपए हो गई। इस बढ़त के पीछे नए ग्राहकों का जुड़ना, प्रति यूजर कमाई (ARPU) में सुधार और डिजिटल सर्विस की बढ़ती मांग जैसे बड़े कारण रहे। इसी के साथ कंपनी का मुनाफा भी 13% बढ़कर 7,935 करोड़ रुपए पहुंच गया, जो इसके मजबूत बिज़नेस परफॉर्मेंस को दिखाता है। कंपनी का EBITDA 18% बढ़ा, जो यह दिखाता है, कि ऑपरेटिंग स्तर पर भी परफॉर्मेंस बेहतर हुआ है। इसके साथ ही मार्जिन में 230 बेसिस पॉइंट का सुधार हुआ।

सब्सक्राइबर ग्रोथ बनी मजबूत

रिलायंस जियो के सब्सक्राइबर आंकड़े भी पॉजिटिव रहे। मासिक चर्न रेट 1.7% पर स्थिर रहा, यानी बहुत कम ग्राहक कंपनी छोड़ रहे हैं। इसके साथ ही इस तिमाही में 9.1 मिलियन (करीब 91 लाख) नए यूजर जुड़े, जो यह दिखाता है, कि कंपनी की सर्विस की मांग लगातार बनी हुई है।

भविष्य की दिशा और लिस्टिंग प्लान

मुकेश अंबानी का कहना है, कि Jio भारत के डिजिटल इकोसिस्टम को बदलने में अहम भूमिका निभा रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि Jio Platforms की लिस्टिंग की दिशा में प्रगति हो रही है, जो कंपनी के लिए एक बड़ा माइलस्टोन साबित हो सकता है, और आगे के विस्तार में मदद करेगा।

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