मार्केट वैल्यू के लिहाज से देश की सबसे बड़ी कंपनी Reliance Industries की वित्त वर्ष 2025-26 की तीसरी तिमाही में कुल कमाई (टोटल इनकम) 2.74 लाख करोड़ रुपए रही। यह पिछले साल के मुकाबले करीब 1% ज्यादा है। पिछले साल की समान तिमाही में कंपनी ने 2.48 लाख करोड़ रुपए की कमाई की थी।
टोटल इनकम में से कर्मचारियों की सैलरी, टैक्स, कच्चे माल की कीमत जैसे खर्चे निकाल दें तो कंपनी के ओनर्स के पास 18,645 करोड़ रुपए शुद्ध मुनाफे (कंसॉलिडेटेड नेट प्रॉफिट) के रूप में बचे। यह 2024-25 की अक्टूबर-दिसंबर तिमाही से 1% ज्यादा है। पिछले साल कंपनी को 18,540 करोड़ रुपए का मुनाफा हुआ था।
तीसरी तिमाही में रिलायंस ने प्रोडक्ट और सर्विस से 2.94 लाख करोड़ रुपए का राजस्व यानी रेवेन्यू जनरेट किया। सालाना आधार पर यह 10.5% बढ़ा है। अक्टूबर-दिसंबर तिमाही 2024 में कंपनी ने 2.67 लाख करोड़ रुपए का रेवेन्यू जनरेट किया था।
रिलायंस जियो (जियो प्लेटफॉर्म), रिटेल, डिजिटल, ऑयल टू केमिकल्स (O2C) और ऑयल एंड गैस। यहां हम एक-एक कर सभी का तीसरी तिमाही का परफॉर्मेंस बता रहे हैं...
रिलायंस जियो
सालाना आधार पर (कंसॉलिडेटेड)
> मुनाफा Q3FY25 के 6,861 करोड़ रुपए के मुकाबले 11.2% बढ़कर Q3FY26 में 7,629 करोड़ रुपए रहा।
> रेवेन्यू 12.7% बढ़कर ₹37,262 करोड़ रहा। पिछले साल की समान तिमाही में ये ₹33,074 करोड़ रहा था।
> कंपनी का तीसरी तिमाही में एवरेज रेवेन्यू पर यूजर यानी ARPU ₹211.4 से 1.08% बढ़कर ₹213.7 रहा।
ऑयल टू केमिकल से लेकर अदर बिजनेस
सालाना आधार पर (कंसॉलिडेटेड)
ऑयल-टू-केमिकल: रेवेन्यू ₹1.49 लाख करोड़ से 8.7% बढ़कर ₹1.62 लाख करोड़ रहा।
ऑयल & गैस: रेवेन्यू ₹6,370 करोड़ से 8.4% घटकर ₹5,833 करोड़ रहा।
रिटेल: रेवेन्यू ₹90,351 से 8.3% बढ़कर ₹97,912 करोड़ रहा।
डिजिटल: रेवेन्यू ₹39,733 करोड़ से 12.3% बढ़कर ₹44,653 करोड़ रहा।
अदर बिजनेस: रेवेन्यू ₹12,236 करोड़ से 46% बढ़कर ₹17,868 करोड़ रहा।
16 जनवरी को FY26 की तीसरी तिमाही के नतीजों से पहले रिलायंस इंडस्ट्रीज का शेयर 0.15% बढ़कर 1,461 के स्तर पर बंद हुआ। बीते 5 दिन में कंपनी का शेयर 0.17% चढ़ा है। एक महीने में 5% और 6 महीने में 2% गिरा है। इस साल यानी 1 जनवरी से अब तक 7% गिरा है। वहीं कंपनी के शेयर में एक साल में 15% की तेजी रही। रिलायंस का मार्केट कैप 19.72 लाख करोड़ रुपए।
रिलायंस भारत की सबसे बड़ी प्राइवेट सेक्टर कंपनी है। ये अभी हाइड्रोकार्बन एक्सप्लोरेशन और प्रोडक्शन, पेट्रोलियम रिफाइनिंग और मार्केटिंग, पेट्रोकेमिकल्स, एडवांस मटेरियल और कंपोजिट, रिन्यूएबल एनर्जी, डिजिटल सर्विस और रिटेल सेक्टर में काम करती है।