भारत की फिनटेक कंपनी Razorpay ने कारोबारियों के लिए WhatsApp पर एक नया AI आधारित अकाउंट मैनेजर RAY लॉन्च किया है। यह सेवा IndusInd Bank के साथ साझेदारी में शुरू की गई है। इसकी मदद से व्यवसाय अब केवल संदेश या वॉइस नोट भेजकर अपने भुगतान की जानकारी देख सकते हैं, लेन-देन का विश्लेषण कर सकते हैं, सहायता प्राप्त कर सकते हैं और कुछ भुगतान-संबंधी काम भी कर सकते हैं।
इस नई सुविधा का उद्देश्य कारोबारियों को बार-बार Razorpay के डैशबोर्ड में लॉग इन करने की जरूरत कम करना है। यानी किसी भुगतान का विवरण देखने, रिफंड शुरू करने या भुगतान लिंक बनाने जैसे काम अब WhatsApp बातचीत के माध्यम से किए जा सकते हैं।
Razorpay के अनुसार, Bajaj Finance इस सुविधा का इस्तेमाल शुरू करने वाले शुरुआती व्यवसायों में शामिल है। कंपनी ने यह भी बताया कि RAY के साथ अब तक व्यवसायों की 20,000 से अधिक बातचीत हो चुकी है। हालांकि, कंपनी ने यह नहीं बताया कि कितने अलग-अलग व्यवसाय इस सेवा का इस्तेमाल कर रहे हैं।
RAY को एक ऐसे AI अकाउंट मैनेजर के रूप में तैयार किया गया है, जो WhatsApp के जरिए व्यवसायों के वित्तीय और भुगतान संबंधी सवालों का जवाब दे सकता है। कारोबारी सामान्य भाषा में सवाल पूछ सकते हैं और उन्हें अपने भुगतान से जुड़ी जानकारी मिल सकती है।
उदाहरण के लिए, कोई कारोबारी पिछले दिन के भुगतान का सारांश मांग सकता है या पिछले कुछ महीनों के लेन-देन का विश्लेषण करने के लिए कह सकता है। RAY इन सवालों का जवाब बातचीत के रूप में देता है, जिससे उपयोगकर्ता को अलग-अलग स्क्रीन या रिपोर्ट खोजने की जरूरत नहीं पड़ती।
RAY की एक महत्वपूर्ण सुविधा यह है कि व्यवसाय केवल लिखित संदेशों तक सीमित नहीं रहेंगे। वे WhatsApp पर वॉइस नोट के जरिए भी अपनी जरूरत बता सकते हैं।
इससे उन छोटे और मध्यम व्यवसायों के लिए सुविधा बढ़ सकती है जो लगातार मोबाइल पर काम करते हैं और हर छोटे काम के लिए कंप्यूटर या भुगतान डैशबोर्ड खोलना नहीं चाहते।
RAY के लॉन्च का सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह है कि यह केवल सवालों का जवाब देने वाला AI चैटबॉट नहीं है। Razorpay के अनुसार, अब यह कुछ कामों को कारोबारी की ओर से शुरू भी कर सकता है।
इसमें पेमेंट लिंक बनाना और रिफंड शुरू करना जैसे काम शामिल हैं। पहले इन कार्यों के लिए कारोबारी को Razorpay के डैशबोर्ड में जाकर अलग-अलग चरण पूरे करने पड़ सकते थे। अब वे WhatsApp बातचीत के जरिए RAY को ऐसा करने के लिए कह सकते हैं।
RAY भुगतान, सेटलमेंट, रिफंड और सहायता से जुड़े अलग-अलग कामों को एक ही बातचीत के माध्यम से संभालने की दिशा में काम करता है।
इसका अर्थ है कि कारोबारी किसी भुगतान की स्थिति जानने से लेकर उससे जुड़ी समस्या का समाधान खोजने तक एक ही AI सहायक का इस्तेमाल कर सकते हैं।
कारोबारियों के लिए केवल भुगतान प्राप्त करना ही महत्वपूर्ण नहीं होता, बल्कि यह जानना भी जरूरी होता है कि पैसा उनके खाते में कब पहुंचेगा। RAY इस जरूरत को भी ध्यान में रखता है।
सहायक से कारोबारी अपने सेटलमेंट की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। इसके अलावा, यदि किसी आने वाले सेटलमेंट के आसपास बैंक अवकाश है, तो RAY इसकी जानकारी देकर कारोबारी को पहले से सतर्क कर सकता है।
उदाहरण के तौर पर, यदि किसी कारोबारी का सेटलमेंट बैंक अवकाश के कारण प्रभावित हो सकता है, तो RAY उसे पहले से सूचना देकर जल्दी सेटलमेंट का विकल्प भी पेश कर सकता है।
RAY का एक और महत्वपूर्ण पहलू इसका सक्रिय सहायता मॉडल है। यानी कारोबारी को हर समस्या के बारे में खुद पूछने की जरूरत नहीं हो सकती।
सिस्टम भुगतान की स्थिति से जुड़े संकेतों को देखकर उपयोगी जानकारी और सुझाव दे सकता है। उदाहरण के लिए, यह भुगतान की सफलता दर में सुधार के संभावित तरीकों की जानकारी दे सकता है या किसी आने वाली समस्या के बारे में पहले से चेतावनी दे सकता है।
Razorpay ने RAY को अपने AI Agent Platform पर तैयार किया है। कंपनी के अनुसार, इसमें अलग-अलग कामों के लिए कई स्वतंत्र AI एजेंट बनाने के बजाय एक ही बुद्धिमान एजेंट को अलग-अलग क्षमताओं से जोड़ा गया है।
यह एजेंट जरूरत के अनुसार भुगतान, सेटलमेंट, रिफंड और ग्राहक सहायता से जुड़े टूल और जानकारी का इस्तेमाल कर सकता है। इससे एक ही बातचीत में कारोबारी की जरूरत को समझने, जानकारी खोजने, अगला कदम सुझाने और कुछ मामलों में कार्रवाई करने की क्षमता मिलती है।
वित्तीय सेवाओं में गलत जानकारी देना गंभीर समस्या बन सकता है। इसलिए Razorpay का कहना है कि RAY के जवाबों को रीयल-टाइम मूल्यांकन प्रणाली के जरिए जांचा जाता है।
कंपनी के अनुसार, यह व्यवस्था गलत या काल्पनिक AI जवाबों यानी हैलुसिनेशन की संभावना को कम करने के लिए बनाई गई है। इससे भुगतान और वित्तीय जानकारी जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में AI के इस्तेमाल को अधिक भरोसेमंद बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
बड़े व्यवसायों के पास अक्सर वित्तीय मामलों को संभालने के लिए अलग टीमें या अकाउंट मैनेजर होते हैं। छोटे और बढ़ते व्यवसायों के लिए ऐसा समर्थन हमेशा उपलब्ध नहीं होता।
RAY इसी अंतर को कम करने की कोशिश करता है। WhatsApp जैसे पहले से परिचित मंच पर भुगतान संबंधी जानकारी और सहायता उपलब्ध होने से छोटे कारोबारियों को अपने वित्तीय काम संभालने में कम समय लग सकता है।
पारंपरिक तरीके में कारोबारी को भुगतान की जानकारी देखने या रिफंड जैसे काम करने के लिए किसी वेबसाइट या डैशबोर्ड में लॉग इन करना पड़ता है। RAY इस प्रक्रिया को बातचीत आधारित बनाने की कोशिश कर रहा है।
इससे वित्तीय सेवाओं का इस्तेमाल तकनीकी रूप से कम जटिल हो सकता है, खासकर उन कारोबारियों के लिए जो अपना अधिकांश काम मोबाइल फोन से करते हैं।
इस सेवा में IndusInd Bank बैंकिंग साझेदार के रूप में काम कर रहा है, जबकि Razorpay भुगतान और तकनीकी मंच उपलब्ध करा रहा है। यह साझेदारी बैंकिंग, भुगतान और AI तकनीक को एक ही अनुभव में जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
IndusInd Bank पहले से ही WhatsApp के जरिए कई बैंकिंग सेवाएं उपलब्ध कराता है, इसलिए इस साझेदारी से कारोबारियों के लिए डिजिटल बैंकिंग और भुगतान अनुभव को और अधिक बातचीत आधारित बनाने की संभावना है।
RAY का नया रूप Razorpay की व्यापक AI रणनीति का हिस्सा दिखाई देता है। कंपनी इससे पहले भी AI एजेंट के जरिए व्यवसायों के लिए भुगतान, कैश फ्लो और भुगतान भेजने जैसे वित्तीय कामों को आसान बनाने की दिशा में कदम उठा चुकी है। जून 2026 में RazorpayX ने AI एजेंट आधारित कनेक्टेड बैंकिंग प्लेटफॉर्म की घोषणा की थी।
अब WhatsApp पर RAY का विस्तार यह संकेत देता है कि कंपनी AI को केवल विश्लेषण और सहायता तक सीमित रखने के बजाय वास्तविक वित्तीय कार्यों में भी इस्तेमाल करना चाहती है।
Razorpay और IndusInd Bank द्वारा WhatsApp पर RAY AI अकाउंट मैनेजर लॉन्च करना भारत में व्यवसायिक भुगतान और डिजिटल बैंकिंग के अनुभव में एक नया बदलाव ला सकता है। कारोबारी अब संदेश या वॉइस नोट के जरिए भुगतान की जानकारी मांगने, लेन-देन का विश्लेषण करने, सेटलमेंट की स्थिति जानने और कुछ भुगतान-संबंधी काम शुरू करने में सक्षम होंगे।
RAY की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह केवल जानकारी देने वाला सहायक नहीं है, बल्कि कुछ परिस्थितियों में कारोबारी की ओर से कार्रवाई भी कर सकता है। 20,000 से अधिक बातचीत के शुरुआती आंकड़े बताते हैं कि इस तरह की बातचीत आधारित AI सहायता में व्यवसायों की रुचि है।
अगर Razorpay इस तकनीक को सुरक्षित, सटीक और भरोसेमंद तरीके से बड़े पैमाने पर लागू करने में सफल होता है, तो AI आधारित वित्तीय सहायकों का इस्तेमाल आने वाले समय में छोटे से लेकर बड़े व्यवसायों तक तेजी से बढ़ सकता है।