भारत ने स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। प्रधानमंत्री सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना के तहत केवल 104 दिनों में 65 लाख से अधिक घरों में रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाए जा चुके हैं। यह उपलब्धि देश में सौर ऊर्जा को अपनाने वाले परिवारों की बढ़ती संख्या और स्वच्छ बिजली उत्पादन को प्रोत्साहित करने के सरकारी प्रयासों को दर्शाती है।
केंद्रीय नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने नई दिल्ली में आयोजित भारत रिन्यूएबल एनर्जी समिट एंड एक्सपो 2026 के दौरान इस उपलब्धि की जानकारी दी। वे ‘वैश्विक ऊर्जा परिवर्तन में रूफटॉप सोलर की भूमिका’ विषय पर आयोजित सत्र को संबोधित कर रहे थे।
मंत्री के अनुसार, अब हर छह दिनों में एक लाख से अधिक रूफटॉप सोलर इंस्टॉलेशन पूरे किए जा रहे हैं। यह रफ्तार दिखाती है कि देश के घरों में सौर ऊर्जा को लेकर रुचि बढ़ रही है। लोग बिजली की जरूरतों को पूरा करने के लिए पारंपरिक स्रोतों के साथ-साथ स्वच्छ और नवीकरणीय ऊर्जा के विकल्पों की ओर भी ध्यान दे रहे हैं।
प्रधानमंत्री सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना Pradhan Mantri Surya Ghar: Free Electricity Scheme देशभर के घरों में सोलर पैनल लगाने को प्रोत्साहित करने वाली एक महत्वपूर्ण सरकारी पहल बनकर उभरी है। इस योजना का उद्देश्य परिवारों को घर की छत पर सौर ऊर्जा प्रणाली लगाने के लिए आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना है, ताकि वे स्वयं बिजली का उत्पादन कर सकें।
104 दिनों में 65 लाख से अधिक इंस्टॉलेशन पूरे होना देश में विकेंद्रीकृत सौर ऊर्जा उत्पादन के विस्तार की दिशा में बड़ी प्रगति है। विकेंद्रीकृत बिजली उत्पादन का अर्थ है कि बिजली का उत्पादन बड़े बिजलीघरों तक सीमित रहने के बजाय घरों और अन्य स्थानीय स्थानों पर भी किया जाए।
रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाने की बढ़ती रफ्तार से पता चलता है कि परिवार अब सौर ऊर्जा के फायदों को समझने लगे हैं। घरों की छत पर सोलर पैनल लगाने से उपभोक्ता अपनी बिजली की जरूरत का एक हिस्सा स्वयं पूरा कर सकते हैं। इससे उन्हें बिजली की खपत और खर्च को बेहतर तरीके से प्रबंधित करने में मदद मिल सकती है।
इस योजना के प्रमुख उद्देश्यों में शामिल हैं:
घरों में रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाने के लिए प्रोत्साहित करना।
परिवारों को नवीकरणीय बिजली की उपलब्धता बढ़ाने में मदद करना।
पारंपरिक बिजली स्रोतों पर निर्भरता कम करना।
भारत के स्वच्छ ऊर्जा परिवर्तन को गति देना।
आवासीय क्षेत्रों में स्थानीय स्तर पर बिजली उत्पादन को बढ़ावा देना।
सरकार का प्रयास है कि अधिक से अधिक परिवार इस योजना से जुड़ें और सौर ऊर्जा देश की बिजली व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा बने।
भारत ने नवीकरणीय ऊर्जा के बुनियादी ढांचे के विस्तार में भी उल्लेखनीय प्रगति की है। कार्यक्रम में साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार, देश की कुल स्थापित गैर-जीवाश्म ईंधन आधारित बिजली उत्पादन क्षमता 310 गीगावाट (GW) तक पहुंच गई है। इसमें सौर ऊर्जा की हिस्सेदारी लगभग 172 GW है।
यह वृद्धि 2014 से पहले की स्थिति की तुलना में काफी बड़ी है। उस समय भारत की स्थापित सौर ऊर्जा क्षमता लगभग 3 GW थी। इसके बाद से देश में सौर ऊर्जा परियोजनाओं, सोलर पार्क और अन्य नवीकरणीय ऊर्जा सुविधाओं का विस्तार हुआ है।
सौर ऊर्जा क्षमता में बढ़ोतरी के पीछे सरकारी योजनाओं के साथ निजी क्षेत्र की भागीदारी और नवीकरणीय ऊर्जा के बुनियादी ढांचे में निवेश की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। देश के अलग-अलग हिस्सों में सौर ऊर्जा परियोजनाएं विकसित की जा रही हैं।
रूफटॉप सोलर सिस्टम भी इस बदलाव में अहम योगदान दे रहे हैं। इनके माध्यम से घरों को बिजली उत्पादन के लिए बड़े बिजलीघरों पर पूरी तरह निर्भर नहीं रहना पड़ता। बिजली का उत्पादन उसी स्थान के आसपास किया जा सकता है, जहां उसकी खपत होती है। इससे स्थानीय स्तर पर स्वच्छ ऊर्जा की उपलब्धता बढ़ाने में मदद मिलती है।
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने घरों में रूफटॉप सोलर तकनीक को बढ़ावा देने में सरकारी सब्सिडी के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार की आर्थिक सहायता के साथ दिल्ली सरकार की ओर से मिलने वाली अतिरिक्त मदद भी परिवारों के लिए सोलर सिस्टम लगाना आसान बना रही है।
सोलर पैनल लगाने में शुरुआती खर्च एक बड़ी चुनौती हो सकता है। ऐसे में केंद्र और राज्य सरकार की ओर से मिलने वाली आर्थिक सहायता इस खर्च का बोझ कम करने में मदद कर सकती है। इससे अधिक परिवार सौर ऊर्जा अपनाने के लिए आगे आ सकते हैं।
दिल्ली सरकार ने मार्च 2027 तक दो लाख घरों में रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाने का लक्ष्य तय किया है। इस लक्ष्य के माध्यम से राजधानी में नवीकरणीय ऊर्जा का इस्तेमाल बढ़ाने और स्थानीय स्तर पर बिजली उत्पादन को मजबूत करने का प्रयास किया जा रहा है।
पीएम सूर्य घर योजना के तहत मिलने वाली केंद्रीय सब्सिडी के साथ दिल्ली सरकार की अतिरिक्त आर्थिक सहायता भी इस लक्ष्य को पूरा करने में मदद कर सकती है। यदि अधिक परिवार इस पहल से जुड़ते हैं, तो राजधानी में सौर ऊर्जा की हिस्सेदारी बढ़ाने के प्रयासों को गति मिल सकती है।
रूफटॉप सोलर तकनीक में घरों और इमारतों की छत पर सोलर पैनल लगाए जाते हैं। ये पैनल सूर्य की रोशनी से बिजली पैदा करते हैं, जिसका इस्तेमाल घर की जरूरतों को पूरा करने के लिए किया जा सकता है।
इस व्यवस्था से परिवारों को ग्रिड से मिलने वाली बिजली पर अपनी निर्भरता कम करने में मदद मिल सकती है। हालांकि, वास्तविक बचत बिजली की खपत, सोलर सिस्टम की क्षमता, मौसम और उसकी तकनीकी व्यवस्था पर निर्भर करती है।
रूफटॉप सोलर के कुछ प्रमुख फायदे इस प्रकार हैं:
बिजली खर्च में कमी (Lower Electricity Expenses): घरों में सौर ऊर्जा का इस्तेमाल करने से पारंपरिक बिजली पर निर्भरता कम हो सकती है और बिजली बिल में बचत संभव है।
स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन (Clean Energy Generation): सौर ऊर्जा जीवाश्म ईंधन आधारित बिजली की जरूरत कम करने में मदद करती है।
ऊर्जा पर अधिक नियंत्रण (Energy Independence): परिवार अपनी बिजली की जरूरत का कुछ हिस्सा स्वयं पूरा कर सकते हैं।
स्थानीय स्तर पर बिजली उत्पादन (Decentralised Generation): बिजली का उत्पादन उसी स्थान के आसपास किया जा सकता है, जहां उसका इस्तेमाल होता है।
पर्यावरण को लाभ (Environmental Benefits): नवीकरणीय ऊर्जा का अधिक उपयोग बिजली क्षेत्र से होने वाले प्रदूषण और कार्बन उत्सर्जन को कम करने में योगदान दे सकता है।
पीएम सूर्य घर योजना के तहत तेजी से हो रही प्रगति दिखाती है कि सरकार सौर ऊर्जा को आम परिवारों तक पहुंचाने पर ध्यान दे रही है। आर्थिक सहायता, लोगों में जागरूकता और बिजली खर्च में बचत की संभावना इस योजना में भागीदारी बढ़ाने वाले महत्वपूर्ण कारक हैं।
भारत की कुल गैर-जीवाश्म ईंधन आधारित बिजली उत्पादन क्षमता 310 GW और सौर ऊर्जा क्षमता लगभग 172 GW तक पहुंचना देश के ऊर्जा क्षेत्र में हो रहे बदलाव को दर्शाता है। इस विस्तार में बड़े सौर ऊर्जा संयंत्रों के साथ घरों की छतों पर लगाए जा रहे सोलर पैनल भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
आने वाले समय में रूफटॉप सोलर सिस्टम का विस्तार भारत की स्वच्छ ऊर्जा संबंधी योजनाओं को आगे बढ़ाने में मदद कर सकता है। इसके लिए जरूरी है कि उपभोक्ताओं को योजना की पात्रता, सब्सिडी, आवेदन प्रक्रिया और इंस्टॉलेशन से जुड़ी सही जानकारी उपलब्ध हो, ताकि वे सोच-समझकर इस सुविधा का लाभ उठा सकें।
पीएम सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना के तहत केवल 104 दिनों में 65 लाख से अधिक रूफटॉप सोलर इंस्टॉलेशन पूरे होना भारत में घरेलू स्तर पर सौर ऊर्जा को अपनाने की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि है। देश की बढ़ती सौर ऊर्जा क्षमता, केंद्र और राज्य सरकारों की आर्थिक सहायता तथा दिल्ली का मार्च 2027 तक दो लाख घरों में सोलर सिस्टम लगाने का लक्ष्य इस क्षेत्र के विस्तार को दर्शाते हैं। परिवारों की बढ़ती भागीदारी से भारत को स्वच्छ, टिकाऊ और अधिक विकेंद्रीकृत ऊर्जा व्यवस्था विकसित करने में मदद मिल सकती है।