भारत में कृत्रिम बुद्धिमत्ता यानी AI के बढ़ते इस्तेमाल और डिजिटल अर्थव्यवस्था के विस्तार के बीच केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने माइक्रोसॉफ्ट इंडिया और South Asia के अध्यक्ष पुनीत चंडोक से मुलाकात की। इस बैठक में भारत में डेटा सेंटर क्षमता बढ़ाने और इंडिया AI मिशन को आगे बढ़ाने को लेकर चर्चा हुई। सरकार का लक्ष्य भारत को AI के क्षेत्र में मजबूत बुनियादी ढांचे वाला और विश्वसनीय वैश्विक साझेदार बनाना है।
केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल Union Minister of Commerce and Industry Piyush Goyal के कार्यालय ने 11 सितंबर 2026 को सोशल मीडिया मंच X पर जानकारी साझा करते हुए कहा कि भारत वैश्विक तकनीकी निवेश के लिए एक पसंदीदा गंतव्य के रूप में उभर रहा है। बैठक में देश में डेटा सेंटर क्षमता के विस्तार और इंडिया AI मिशन India AI Mission को आगे बढ़ाने पर चर्चा हुई, ताकि भारत को AI के क्षेत्र में एक विश्वसनीय वैश्विक साझेदार बनाया जा सके।
यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब Microsoft भारत में अपनी क्लाउड और AI से जुड़ी बुनियादी सुविधाओं का लगातार विस्तार कर रही है। कंपनी का निवेश भारत में क्लाउड सेवाओं, AI, कौशल विकास और तकनीकी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
माइक्रोसॉफ्ट लंबे समय से भारत में अपनी तकनीकी मौजूदगी बढ़ा रही है। कंपनी के क्लाउड, AI और डेटा सेंटर से जुड़े विस्तार से भारत के डिजिटल ढांचे को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
दिसंबर 2025 में Microsoft ने भारत में 2026 से 2029 के बीच चार वर्षों के दौरान 17.5 अरब डॉलर के निवेश की घोषणा की थी। यह निवेश क्लाउड और AI बुनियादी ढांचे, कौशल विकास से जुड़ी पहलों और भारत में कंपनी के संचालन को बढ़ाने के लिए किया जाना है।
यह निवेश Microsoft की ओर से पहले घोषित किए गए 3 अरब डॉलर के निवेश के अतिरिक्त है। इससे संकेत मिलता है कि कंपनी भारत को अपने वैश्विक क्लाउड और AI विस्तार के लिए एक महत्वपूर्ण बाजार के रूप में देख रही है।
Microsoft भारत में अपने डेटा सेंटर नेटवर्क का भी विस्तार कर रही है। अगस्त 2026 में कंपनी ने हैदराबाद में अपने India South Central क्लाउड क्षेत्र को सामान्य उपयोग के लिए उपलब्ध कराया। इसके साथ ही भारत में Microsoft के परिचालन क्लाउड क्षेत्रों की संख्या बढ़कर चार हो गई।
डेटा सेंटर AI और क्लाउड सेवाओं के लिए बेहद महत्वपूर्ण आधारभूत ढांचा हैं। AI मॉडल को प्रशिक्षित करने, बड़ी मात्रा में डेटा को संसाधित करने और डिजिटल सेवाओं को तेज गति से उपलब्ध कराने के लिए शक्तिशाली कंप्यूटिंग क्षमता की जरूरत होती है। ऐसे में भारत में डेटा सेंटर क्षमता का विस्तार AI अर्थव्यवस्था के विकास में अहम भूमिका निभा सकता है।
पीयूष गोयल और Microsoft India प्रमुख के बीच बैठक का एक महत्वपूर्ण हिस्सा India AI Mission से जुड़ा रहा। भारत सरकार देश में घरेलू AI कंप्यूटिंग क्षमता बढ़ाने और AI के लिए जरूरी तकनीकी पारिस्थितिकी तंत्र तैयार करने पर जोर दे रही है।
India AI Mission को मार्च 2024 में मंजूरी दी गई थी। इसके लिए पांच वर्षों में 10,371.92 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है। इस मिशन का उद्देश्य भारत में AI के व्यापक और मजबूत पारिस्थितिकी तंत्र का निर्माण करना है।
मिशन के तहत कंप्यूटिंग बुनियादी ढांचे के साथ स्वदेशी AI मॉडल, डेटा सेट, स्टार्टअप सहायता और कौशल विकास जैसे क्षेत्रों पर ध्यान दिया जा रहा है। इसका उद्देश्य देश में AI से जुड़ी तकनीकी क्षमता को बढ़ाना और शोधकर्ताओं, संस्थानों तथा नए उद्यमों को आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराना है।
India AI Mission के तहत साझा कंप्यूटिंग सुविधा में 38,000 से अधिक GPU शामिल किए जा चुके हैं। इनका इस्तेमाल AI कंप्यूटिंग संसाधनों के रूप में स्टार्टअप, शोधकर्ताओं और शैक्षणिक संस्थानों को उपलब्ध कराने के लिए किया जा रहा है।
सरकार ने राष्ट्रीय AI कंप्यूटिंग क्षमता को और बढ़ाने के लिए अतिरिक्त 20,000 GPU जोड़ने की योजना भी घोषित की है। इससे देश में AI अनुसंधान, मॉडल विकास और नई AI आधारित सेवाओं के निर्माण को बढ़ावा मिल सकता है।
AI के क्षेत्र में केवल सॉफ्टवेयर और मॉडल विकसित करना ही पर्याप्त नहीं है। इसके लिए बड़े स्तर पर कंप्यूटिंग शक्ति, डेटा सेंटर, क्लाउड सेवाएं, डेटा और प्रशिक्षित विशेषज्ञों की भी जरूरत होती है।
भारत में डेटा सेंटर और GPU क्षमता बढ़ने से स्टार्टअप और शोध संस्थानों को महंगे विदेशी कंप्यूटिंग संसाधनों पर कम निर्भर रहना पड़ सकता है। इससे देश में AI नवाचार को बढ़ावा देने और घरेलू AI समाधानों के विकास में मदद मिल सकती है।
पीयूष गोयल ने बैठक के बाद कहा कि भारत वैश्विक तकनीकी निवेश के लिए एक पसंदीदा गंतव्य के रूप में उभर रहा है। डेटा सेंटर क्षमता बढ़ाने और India AI Mission को आगे बढ़ाने की चर्चा इसी व्यापक रणनीति का हिस्सा है।
भारत के लिए AI का महत्व केवल तकनीकी क्षेत्र तक सीमित नहीं है। स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि, वित्त, विनिर्माण, लॉजिस्टिक्स और सरकारी सेवाओं सहित कई क्षेत्रों में AI का इस्तेमाल बढ़ रहा है। ऐसे में मजबूत डिजिटल और कंप्यूटिंग बुनियादी ढांचा देश की आर्थिक क्षमता को भी प्रभावित कर सकता है।
Microsoft जैसी वैश्विक तकनीकी कंपनियों का निवेश भारत में नई तकनीक, कौशल विकास और रोजगार के अवसरों को बढ़ावा देने में मदद कर सकता है। साथ ही, इससे भारतीय कंपनियों और स्टार्टअप को वैश्विक तकनीकी पारिस्थितिकी तंत्र से जुड़ने के अवसर भी मिल सकते हैं।
इसी दौरान पीयूष गोयल ने Uruguay के विदेश मंत्री Mario Lubetkin से भी मुलाकात की। दोनों नेताओं के बीच भारत और Uruguay के बीच आर्थिक संबंधों को मजबूत करने और व्यापार एवं निवेश के अवसर बढ़ाने पर चर्चा हुई।
पीयूष गोयल ने सोशल मीडिया मंच X पर इस मुलाकात को उपयोगी बताते हुए कहा कि दोनों देशों के बीच व्यापार और निवेश संबंधों को गहरा करने, आर्थिक समानताओं का लाभ उठाने और India-MERCOSUR साझेदारी को आगे बढ़ाने के तरीकों पर चर्चा की गई।
MERCOSUR दक्षिण अमेरिका का एक प्रमुख व्यापारिक समूह है। भारत का इस समूह के साथ पहले से ही एक तरजीही व्यापार समझौता मौजूद है।
भारत और Uruguay के बीच आर्थिक संबंधों को मजबूत करने के साथ MERCOSUR के साथ साझेदारी को आगे बढ़ाना भारत के लिए दक्षिण अमेरिकी बाजारों तक पहुंच बढ़ाने की दृष्टि से महत्वपूर्ण हो सकता है। इससे व्यापार और निवेश के नए अवसर पैदा होने की संभावना है।
पीयूष गोयल और Microsoft India प्रमुख के बीच हुई बैठक भारत में AI और डिजिटल बुनियादी ढांचे के बढ़ते महत्व को दर्शाती है। एक ओर Microsoft अपने क्लाउड और डेटा सेंटर नेटवर्क का विस्तार कर रही है, वहीं दूसरी ओर सरकार India AI Mission के माध्यम से देश की घरेलू कंप्यूटिंग क्षमता को बढ़ाने का प्रयास कर रही है।
आने वाले वर्षों में डेटा सेंटर, GPU, क्लाउड कंप्यूटिंग और AI कौशल भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था के महत्वपूर्ण आधार बन सकते हैं। Microsoft का प्रस्तावित निवेश और सरकार की AI संबंधी पहल मिलकर भारत को वैश्विक AI और तकनीकी निवेश के एक प्रमुख केंद्र के रूप में मजबूत करने में भूमिका निभा सकते हैं।
इसके साथ ही Uruguay और MERCOSUR के साथ आर्थिक संबंधों को मजबूत करने की कोशिश यह दिखाती है कि भारत तकनीकी विकास के साथ-साथ नए अंतरराष्ट्रीय व्यापार और निवेश अवसरों पर भी ध्यान दे रहा है।