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भारत के यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) इकोसिस्टम ने अप्रैल 2026 में अपनी मजबूत वृद्धि जारी रखी। Walmart समर्थित डिजिटल भुगतान कंपनी PhonePe ने एक बार फिर 10 अरब मासिक लेनदेन का आंकड़ा पार करते हुए अपनी नेतृत्व स्थिति को मजबूत किया है। यह भारत के तेजी से बढ़ते डिजिटल भुगतान बाजार में निरंतर विस्तार और उपयोगकर्ता अपनाने को दर्शाता है।
National Payments Corporation of India (NPCI) द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार PhonePe ने अप्रैल में 10.33 अरब से अधिक लेनदेन प्रोसेस किए। यह लगातार दूसरा महीना है जब कंपनी ने 10 अरब से अधिक मासिक लेनदेन का आंकड़ा पार किया है। इससे पहले मार्च में भी इसने यह उपलब्धि हासिल की थी।
इसी अवधि में पूरे UPI नेटवर्क में कुल 22.34 अरब लेनदेन दर्ज किए गए, जो मार्च के 22.64 अरब लेनदेन से थोड़ा कम है। हालांकि इस मामूली गिरावट के बावजूद, पीयर-टू-पीयर और मर्चेंट पेमेंट दोनों क्षेत्रों में मजबूत गति बनी रही, जो डिजिटल भुगतान अपनाने की निरंतर वृद्धि को दर्शाती है।
PhonePe ने कुल UPI लेनदेन वॉल्यूम में लगभग 46.2% हिस्सेदारी हासिल की, जो इसकी स्पष्ट बाजार नेतृत्व स्थिति को दर्शाती है।
वॉल्यूम के साथ-साथ मूल्य के मामले में भी PhonePe ने मजबूत प्रदर्शन किया। कंपनी ने लगभग ₹14.31 लाख करोड़ मूल्य के लेनदेन प्रोसेस किए और कुल UPI मूल्य हिस्सेदारी का लगभग 49.3% अपने नाम किया।
यह दोहरी बढ़त (वॉल्यूम और वैल्यू दोनों में) PhonePe के व्यापक उपयोगकर्ता आधार, व्यापक मर्चेंट नेटवर्क और शहरी एवं अर्ध-शहरी क्षेत्रों में बढ़ती स्वीकार्यता को दर्शाती है।
Google Pay ने UPI बाजार में अपनी दूसरी स्थिति बनाए रखी और अप्रैल में लगभग 7.36 अरब लेनदेन प्रोसेस किए। यह वॉल्यूम के हिसाब से लगभग 32.9% बाजार हिस्सेदारी के बराबर है।
मूल्य के आधार पर Google Pay की हिस्सेदारी लगभग 33.5% रही, जिसमें करीब ₹9.72 लाख करोड़ के लेनदेन शामिल थे। यह प्लेटफॉर्म विशेष रूप से मेट्रो शहरों और तकनीक-प्रेमी उपयोगकर्ताओं के बीच मजबूत पकड़ बनाए हुए है।
Paytm ने UPI इकोसिस्टम में तीसरे स्थान पर अपनी स्थिति बनाए रखी। कंपनी ने अप्रैल में लगभग 1.77 अरब लेनदेन प्रोसेस किए।
इसका बाजार हिस्सा वॉल्यूम के आधार पर लगभग 8% और मूल्य के आधार पर लगभग 6.7% रहा। हालांकि यह PhonePe और Google Pay से पीछे है, लेकिन छोटे और मध्यम व्यापारियों के बीच QR-आधारित भुगतान में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका बनी हुई है।
UPI इकोसिस्टम में कई नए और उभरते डिजिटल भुगतान प्लेटफॉर्म भी तेजी से अपनी जगह बना रहे हैं:
ये आंकड़े दर्शाते हैं, कि UPI इकोसिस्टम अब केवल बड़े खिलाड़ियों तक सीमित नहीं है, बल्कि कई नए प्लेटफॉर्म भी तेजी से विस्तार कर रहे हैं।
CRED ने अपेक्षाकृत कम वॉल्यूम के बावजूद उच्च मूल्य वाले लेनदेन में मजबूत प्रदर्शन किया। कंपनी ने लगभग 15.7 करोड़ लेनदेन प्रोसेस किए, जिनका कुल मूल्य ₹56,569 करोड़ रहा। इससे स्पष्ट होता है कि इसके उपयोगकर्ताओं का औसत ट्रांजैक्शन साइज अधिक है।
वहीं WhatsApp ने लगभग 13.9 करोड़ लेनदेन प्रोसेस किए। Axis Bank के UPI-आधारित ऐप्स ने भी अपेक्षाकृत छोटे लेकिन स्थिर लेनदेन योगदान दिया।
NPCI के आंकड़ों के अनुसार अप्रैल में UPI मर्चेंट लेनदेन मुख्य रूप से दैनिक जरूरतों से जुड़े क्षेत्रों में केंद्रित रहे।
प्रमुख श्रेणियां इस प्रकार रहीं:
यह वितरण दर्शाता है, कि UPI अब भारत में रोजमर्रा की उपभोग आदतों का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुका है।
निष्कर्ष: UPI इकोसिस्टम का निरंतर विस्तार
कुल लेनदेन में मामूली मासिक गिरावट के बावजूद, भारत का UPI इकोसिस्टम मजबूत संरचनात्मक वृद्धि दिखा रहा है। PhonePe की लगातार बढ़त, Google Pay और Paytm के बीच प्रतिस्पर्धा, तथा नए फिनटेक प्लेटफॉर्म्स का उदय इस बाजार को अत्यधिक प्रतिस्पर्धी बना रहा है।
मर्चेंट पेमेंट्स का लगातार विस्तार यह भी दर्शाता है, कि UPI भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था की रीढ़ बन चुका है।
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PhonePe IPO Update: डिजिटल पेमेंट कंपनी PhonePe ने अपने बहुप्रतीक्षित IPO को फिलहाल टालने का फैसला किया है। रिपोर्ट के मुताबिक कंपनी ने कहा कि वैश्विक जियोपॉलिटिकल तनाव और बाजार में बढ़ती अस्थिरता के चलते लिस्टिंग प्रक्रिया को अस्थायी रूप से रोक दिया गया है। हालांकि कंपनी ने स्पष्ट किया कि वह भारत में पब्लिक लिस्टिंग के लिए प्रतिबद्ध है।
PhonePe ने घोषणा की कि मौजूदा वैश्विक हालात और पूंजी बाजारों में अस्थिरता को देखते हुए IPO की प्रक्रिया फिलहाल स्थगित की जा रही है। कंपनी का कहना है, कि जैसे ही वैश्विक बाजारों में स्थिरता लौटेगी, वह सार्वजनिक लिस्टिंग की प्रक्रिया फिर से शुरू करेगी।
कंपनी के CEO Sameer Nigam ने कहा कि प्रभावित क्षेत्रों में जल्द शांति लौटने की उम्मीद है, और PhonePe भारत में पब्लिक लिस्टिंग के अपने लक्ष्य पर कायम है।
PhonePe को 20 जनवरी 2026 को भारतीय बाजार नियामक SEBI से IPO के लिए मंजूरी मिल चुकी है। यह मंजूरी 18 महीनों तक वैध रहेगी। यानी कंपनी के पास बाजार की परिस्थितियों के अनुसार IPO लॉन्च करने के लिए पर्याप्त समय है। यह इश्यू पूरी तरह Offer For Sale (OFS) के जरिए लाया जाएगा, जिसमें करीब 5.07 करोड़ शेयर बेचे जाएंगे। कंपनी के शेयरों को BSE और NSE पर सूचीबद्ध करने की योजना है।
इस इश्यू के लिए Kotak Mahindra Capital को बुक रनिंग लीड मैनेजर और Kfin Technologies को रजिस्ट्रार नियुक्त किया गया है। हालांकि अभी तक IPO की तारीख, प्राइस बैंड और लॉट साइज की घोषणा नहीं की गई है।
PhonePe भारत के सबसे बड़े डिजिटल फिनटेक प्लेटफॉर्म्स में से एक है, जो पेमेंट्स, डिजिटल डिस्ट्रीब्यूशन और फाइनेंशियल सर्विसेज के क्षेत्र में काम करता है। कंपनी का उद्देश्य भारत के डिजिटल इकोसिस्टम में फंड फ्लो को आसान बनाना और उपभोक्ताओं को विभिन्न सेवाओं तक पहुंच उपलब्ध कराना है। PhonePe उपभोक्ताओं और व्यापारियों को पेमेंट, लेंडिंग और इंश्योरेंस डिस्ट्रीब्यूशन जैसी सेवाएं देता है। इसके अलावा कंपनी ने Share.Market नाम से डिजिटल निवेश प्लेटफॉर्म लॉन्च किया है, जहां इक्विटी ट्रेडिंग, ETF, फ्यूचर्स-ऑप्शंस और म्यूचुअल फंड में निवेश की सुविधा मिलती है। वहीं Indus Appstore एंड्रॉयड ऐप मार्केटप्लेस के तौर पर विकसित किया गया है।
रिपोर्ट के मुताबिक 31 मार्च 2025 तक PhonePe के पास 618.4 मिलियन रजिस्टर्ड यूजर्स थे, जो भारत की कुल आबादी का करीब 43% हिस्सा है। वहीं कंपनी के प्लेटफॉर्म पर 4.48 करोड़ से ज्यादा रजिस्टर्ड मर्चेंट जुड़े हुए हैं, जो देश के कुल व्यापार और सेवा क्षेत्र के करीब 77-80% मर्चेंट बेस को कवर करते हैं। कंपनी का फोकस टियर-1 के साथ-साथ टियर-2 और टियर-3 शहरों में भी डिजिटल भुगतान और फाइनेंशियल सर्विसेज को बढ़ावा देने पर है।
वित्तीय प्रदर्शन की बात करें तो PhonePe अभी भी घाटे में है, लेकिन पिछले कुछ वर्षों में घाटा कम होता दिखाई दे रहा है। मार्च 2025 में कंपनी की कुल आय 7,631 करोड़ रुपये रही, जबकि शुद्ध घाटा 1,727 करोड़ रुपये रहा। इससे पहले मार्च 2024 में घाटा करीब 1,996 करोड़ रुपये था। सितंबर 2025 तक के आंकड़ों के मुताबिक कंपनी का घाटा 1,444 करोड़ रुपये रहा है। हालांकि EBITDA स्तर पर भी कंपनी अभी नकारात्मक है, लेकिन घाटे में कमी से यह संकेत मिलता है, कि कंपनी धीरे-धीरे ऑपरेशनल दक्षता बढ़ाने की दिशा में आगे बढ़ रही है।
PhonePe के प्रमोटर WM Digital Commerce Holdings Pte. Ltd. और Walmart International Holdings Inc. हैं। IPO से पहले कंपनी में प्रमोटर की हिस्सेदारी करीब 73.33% है। फिनटेक सेक्टर में PhonePe की मजबूत ब्रांड पहचान, बड़े यूजर बेस और डिजिटल पेमेंट्स में मार्केट लीडरशिप को देखते हुए बाजार में इसके IPO को लेकर काफी उत्सुकता बनी हुई है। अब निवेशकों की नजर इस बात पर होगी कि बाजार स्थिर होने के बाद कंपनी कब IPO लॉन्च करती है।