डिजिटल पेमेंट्स प्लेटफॉर्म PhonePe ने अपने IPO के लिए सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (SEBI) के पास अपडेटेड ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (UDRHP) जमा किया है। UDRHP के अनुसार IPO में केवल ऑफर-फॉर-सेल (OFS) रहेगा। इसमें प्रमोटर WM डिजिटल कॉमर्स होल्डिंग्स और मौजूदा शेयरधारकों की ओर से 5.06 करोड़ इक्विटी शेयरों को बिक्री के लिए रखा जाएगा। नए शेयर जारी नहीं होंगे। इसलिए ऑफर से मिलने वाली पूरी रकम शेयर बिक्री करने वालों को मिलेगी।
फोनपे ने सितंबर 2025 में IPO के लिए SEBI के पास कॉन्फिडेंशियल तरीके से ड्राफ्ट जमा किया था। कहा गया था, कि मेगा IPO लगभग 12,000 करोड़ रुपये का रहेगा। कॉन्फिडेंशियल रूट कंपनियों को लिस्टिंग पर अंतिम फैसले पर पहुंचने तक गोपनीयता की सुविधा देता है। अगर जरूरी हो तो वे बाद में बाजार की स्थितियों के आधार पर महत्वपूर्ण जानकारी का खुलासा किए बिना ड्राफ्ट को वापस भी ले सकती हैं। कॉन्फिडेंशियल प्री-फाइलिंग कंपनियों को सेंसिटिव बिजनेस डिटेल्स या फाइनेंशियल मेट्रिक्स और रिस्क्स को गोपनीय रखने की इजाजत देती है, खासकर कॉम्पिटीटर्स से। SEBI ने 20 जनवरी 2026 को PhonePe के कॉन्फिडेंशियल DRHP को मंजूरी दी।
WM डिजिटल कॉमर्स होल्डिंग्स का मालिकाना हक वॉलमार्ट इंटरनेशनल होल्डिंग्स इंक के पास है। इसकी PhonePe में 71.77 प्रतिशत हिस्सेदारी है। यह OFS के जरिए 4.59 करोड़ शेयर बेच रही है। यह कंपनी की कुल पेड अप इक्विटी का 9.06 प्रतिशत है। OFS में बाकी 47.17 लाख शेयर निवेशक टाइगर ग्लोबल PIP 9-1 और माइक्रोसॉफ्ट ग्लोबल फाइनेंस अनलिमिटेड कंपनी की ओर से रहेंगे। माइक्रोसॉफ्ट ग्लोबल फाइनेंस अनलिमिटेड कंपनी माइक्रोसॉफ्ट कॉरपोरेशन की सब्सिडियरी है। टाइगर ग्लोबल और माइक्रोसॉफ्ट, फोनपे से एग्जिट करेंगी।
वर्तमान में जनरल अटलांटिक सिंगापुर PPIL, फोनपे में 8.98 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ सबसे बड़ी पब्लिक शेयरहोल्डर है। इसके बाद 5.73 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ हेडस्टैंड है। इसके अलावा फोनपे में रिबिट कैपिटल, टीवीएस कैपिटल, टेनसेंट और कतर इनवेस्टमेंट अथॉरिटी जैसों का भी पैसा लगा हुआ है।
PhonePe को अप्रैल-सितंबर 2025 के दौरान 1,444.4 करोड़ रुपये का घाटा हुआ। एक साल पहले कंपनी ने इसी अवधि में 1,203.2 करोड़ रुपये का घाटा देखा था। अप्रैल-सितंबर 2025 में ऑपरेशंस से रेवेन्यू सालाना आधार पर 22.2 प्रतिशत बढ़कर 3,918.5 करोड़ रुपये हो गया, जो एक साल पहले 3,207.5 करोड़ रुपये था। वित्त वर्ष 2025 के दौरान फोनपे का घाटा 1,727.4 करोड़ रुपये रहा। एक साल पहले घाटा 1,996.1 करोड़ रुपये था। रेवेन्यू 40.5 प्रतिशत बढ़कर 7,114.8 करोड़ रुपये हो गया, जो वित्त वर्ष 2024 में 5,064.1 करोड़ रुपये था।
PhonePe IPO को मैनेज करने वाले मर्चेंट बैंकर कोटक महिंद्रा कैपिटल कंपनी, जेपी मॉर्गन इंडिया, सिटीग्रुप ग्लोबल मार्केट्स इंडिया, मॉर्गन स्टेनली इंडिया कंपनी, एक्सिस कैपिटल, गोल्डमैन सैक्स (इंडिया) सिक्योरिटीज, जेफरीज इंडिया और जेएम फाइनेंशियल हैं। PhonePe ऐप की शुरुआत अगस्त 2016 में हुई थी।