भारत की प्रमुख फिनटेक कंपनियों में शामिल फोनपे अब पहली बार देश के बाहर अपना कारोबार शुरू करने की तैयारी कर रहा है। कंपनी को United Arab Emirates (UAE) के सेंट्रल बैंक से लाइसेंस मिल गया है। इसके साथ ही UAE PhonePe का पहला विदेशी बाजार बनने जा रहा है।
फोनपे के संस्थापक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी समीर निगम ने 9 सितंबर को मुंबई में आयोजित ग्लोबल फिनटेक फेस्टिवल 2026 Global Fintech Festival (GFF) 2026 के दौरान इस विस्तार की जानकारी दी। कंपनी के अनुसार, अब उसका अगला कदम मिले हुए लाइसेंस को संचालन में लाना और UAE में अपनी व्यावसायिक मौजूदगी स्थापित करना है।
यह विस्तार फोनपे के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि कंपनी अब तक मुख्य रूप से भारतीय बाजार पर केंद्रित रही है। UAE में प्रवेश के साथ PhonePe अपने डिजिटल भुगतान से जुड़े अनुभव को अंतरराष्ट्रीय बाजार में ले जाने की दिशा में पहला बड़ा कदम उठा रहा है।
UAE में प्रवेश PhonePe की वैश्विक विस्तार योजना का महत्वपूर्ण हिस्सा है। कंपनी आने वाले वर्षों में भारत से बाहर भी अपने भुगतान कारोबार को विकसित करना चाहती है और इसी रणनीति की शुरुआत UAE से की जा रही है।
PhonePe की योजना UAE में केवल व्यक्तिगत ग्राहकों के लिए सेवाएं उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है। कंपनी वहां आम उपभोक्ताओं के साथ-साथ कारोबारियों को भी डिजिटल भुगतान की सुविधाएं देने की तैयारी कर रही है।
इसका मतलब है कि PhonePe का इस्तेमाल रोजमर्रा के भुगतान, पैसे भेजने और अन्य वित्तीय सेवाओं के लिए किया जा सकता है। साथ ही, स्थानीय दुकानदारों और कारोबारियों के लिए भी भुगतान स्वीकार करने की सुविधाएं उपलब्ध कराने की योजना है।
UAE में PhonePe कई तरह की वित्तीय सेवाएं उपलब्ध कराने की तैयारी कर रहा है। इनमें कंपनी का अपना डिजिटल वॉलेट, गिफ्ट कार्ड और रेमिटेंस सेवाएं शामिल होंगी।
कंपनी UAE में स्थानीय दुकानों और कारोबारियों के भुगतान केंद्रों पर PhonePe के माध्यम से भुगतान की सुविधा देने की योजना बना रही है। इससे वहां रहने वाले लोग रोजमर्रा की खरीदारी के लिए डिजिटल भुगतान कर सकेंगे।
इसके अलावा, PhonePe के जरिए UAE से भारत पैसे भेजने की सुविधा भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। UAE और भारत के बीच मजबूत आर्थिक संबंध और बड़ी भारतीय आबादी को देखते हुए रेमिटेंस के क्षेत्र में PhonePe के लिए काफी संभावनाएं मौजूद हैं।
PhonePe की अंतरराष्ट्रीय रणनीति में रेमिटेंस को एक महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है। UAE में बड़ी संख्या में भारतीय रहते और काम करते हैं, जिसके कारण UAE से भारत नियमित रूप से पैसे भेजे जाते हैं।
PhonePe यदि अपनी डिजिटल भुगतान तकनीक को रेमिटेंस सेवाओं से जोड़ता है, तो UAE में रहने वाले भारतीयों के लिए भारत पैसे भेजने की प्रक्रिया अधिक सुविधाजनक हो सकती है।
कंपनी का उद्देश्य स्थानीय भुगतान सेवाओं और भारत-केंद्रित पैसे भेजने की जरूरत को एक ही डिजिटल मंच से जोड़ना हो सकता है। इससे PhonePe को UAE के वित्तीय और डिजिटल भुगतान बाजार में अपनी पहचान बनाने का अवसर मिलेगा।
UAE में विस्तार की तैयारी के साथ PhonePe अपने अंतरराष्ट्रीय भुगतान नेटवर्क को Visa के साथ साझेदारी के जरिए भी मजबूत कर रहा है। Global Fintech Festival 2026 में दोनों कंपनियों ने नए भुगतान विकल्पों की घोषणा की।
इन सुविधाओं का उद्देश्य ग्राहकों को संपर्क रहित भुगतान और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर QR के माध्यम से भुगतान के अधिक विकल्प देना है।
PhonePe की सीमा-पार QR भुगतान सेवा को चरणबद्ध तरीके से 14 अंतरराष्ट्रीय बाजारों में शुरू करने की योजना है। इनमें सिंगापुर, मलेशिया, थाईलैंड, वियतनाम, इंडोनेशिया, श्रीलंका, जापान, चीन और दक्षिण कोरिया जैसे बाजार शामिल हैं।
इस सुविधा के जरिए उपयोगकर्ता उन विदेशी दुकानों और कारोबारियों को भुगतान कर सकेंगे, जहां PhonePe की समर्थित QR भुगतान व्यवस्था उपलब्ध होगी।
विदेशों में इस सेवा का विस्तार PhonePe के लिए महत्वपूर्ण हो सकता है, क्योंकि इससे कंपनी को अलग-अलग देशों में सीमा-पार डिजिटल भुगतान का अनुभव हासिल होगा। यही अनुभव भविष्य में उसके व्यापक अंतरराष्ट्रीय कारोबार के विस्तार में मदद कर सकता है।
PhonePe और Visa की साझेदारी के तहत Smart Accept नाम की सुविधा भी पेश की गई है। इसका उद्देश्य ऐसे स्मार्टफोन को भुगतान स्वीकार करने वाली मशीन में बदलना है, जो संपर्क रहित कार्ड भुगतान स्वीकार कर सकें।
Smart Accept से कारोबारियों को अलग से भुगतान मशीन खरीदने की जरूरत कम हो सकती है। छोटे दुकानदारों और ऐसे कारोबारों के लिए यह सुविधा उपयोगी हो सकती है, जो कम लागत में कार्ड भुगतान स्वीकार करना चाहते हैं।
स्मार्टफोन के जरिए भुगतान स्वीकार करने की सुविधा से हार्डवेयर पर होने वाला खर्च कम हो सकता है। साथ ही ग्राहकों को कार्ड से भुगतान करने का एक अतिरिक्त विकल्प भी मिल सकता है।
PhonePe अंतरराष्ट्रीय बाजार में ऐसे समय प्रवेश कर रहा है, जब भारत में उसका कारोबार काफी बड़ा हो चुका है। कंपनी के आंकड़ों के अनुसार, जुलाई 2026 तक PhonePe के 71.5 करोड़ से अधिक पंजीकृत उपयोगकर्ता थे।
PhonePe का भुगतान स्वीकार करने वाला नेटवर्क भी देशभर में 5 करोड़ से अधिक कारोबारियों तक पहुंच चुका है। यह मजबूत घरेलू आधार कंपनी को डिजिटल भुगतान के क्षेत्र में व्यापक अनुभव देता है।
भारत में इतने बड़े उपयोगकर्ता और व्यापारी नेटवर्क के साथ काम करने से PhonePe को भुगतान प्रक्रिया, डिजिटल लेनदेन और ग्राहक व्यवहार को समझने का लंबा अनुभव मिला है। अब कंपनी इसी अनुभव को विदेशी बाजार में इस्तेमाल करने की कोशिश कर रही है।
UAE का लाइसेंस PhonePe की अंतरराष्ट्रीय यात्रा में एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। कंपनी ने एक साथ कई देशों में प्रवेश करने के बजाय शुरुआत UAE से करने का फैसला किया है। इससे वह एक विदेशी बाजार में अपने कारोबार और सेवाओं को विकसित करने के बाद आगे विस्तार की रणनीति तैयार कर सकती है।
UAE में डिजिटल वॉलेट, रेमिटेंस, गिफ्ट कार्ड और मर्चेंट भुगतान जैसी सेवाओं को एक साथ लाने की योजना है। वहीं Visa के साथ साझेदारी के जरिए QR भुगतान और संपर्क रहित कार्ड भुगतान की अंतरराष्ट्रीय क्षमताओं को भी मजबूत किया जा रहा है।
PhonePe का UAE विस्तार केवल एक नए देश में सेवा शुरू करने की कोशिश नहीं है, बल्कि कंपनी की लंबी अवधि की वैश्विक भुगतान रणनीति की शुरुआत भी है। UAE से प्राप्त अनुभव भविष्य में दूसरे अंतरराष्ट्रीय बाजारों में प्रवेश के लिए आधार तैयार कर सकता है।
भारत के बड़े डिजिटल भुगतान बाजार में अपनी मजबूत स्थिति बनाने के बाद PhonePe अब विदेशों में भी अपनी तकनीक और सेवाओं की संभावनाएं तलाश रहा है। UAE में लाइसेंस मिलने के साथ कंपनी ने इस दिशा में पहला औपचारिक कदम उठा दिया है।
UAE में PhonePe का आगामी विस्तार कंपनी के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है, क्योंकि यह उसका पहला विदेशी बाजार होगा। UAE के सेंट्रल बैंक से लाइसेंस मिलने के बाद कंपनी डिजिटल वॉलेट, रेमिटेंस, गिफ्ट कार्ड और मर्चेंट भुगतान जैसी सेवाएं शुरू करने की दिशा में आगे बढ़ रही है।
UAE और भारत के मजबूत आर्थिक संबंधों के बीच रेमिटेंस PhonePe के लिए एक अहम अवसर बन सकता है। इसके साथ Visa के साथ साझेदारी, सीमा-पार QR भुगतान और Smart Accept जैसी सुविधाएं कंपनी की अंतरराष्ट्रीय भुगतान क्षमता को मजबूत कर सकती हैं। भारत में बना बड़ा उपयोगकर्ता और व्यापारी आधार PhonePe को अपने वैश्विक विस्तार की शुरुआत के लिए मजबूत आधार प्रदान करता है।