OYO की पैरेंट कंपनी OYO की होल्डिंग कंपनी प्रिज़्म को अपने आगामी ₹6,650 करोड़ के प्रारंभिक सार्वजनिक निर्गम (IPO) के लिए भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) से मंजूरी मिल गई है। यह कदम कंपनी के लंबे समय से चल रहे सार्वजनिक सूचीकरण (लिस्टिंग) प्रयासों में एक महत्वपूर्ण प्रगति को दर्शाता है।
प्रिज़्म, जो कि OYO की पैरेंट इकाई है, को SEBI से अपने IPO के लिए औपचारिक मंजूरी प्राप्त हो गई है। यह मंजूरी कंपनी के लिए एक बड़ा नियामक मील का पत्थर है, जिससे वह अपने पूंजी बाजार में प्रवेश की प्रक्रिया को आगे बढ़ा सकती है।
कंपनी इस IPO के माध्यम से ₹6,650 करोड़ तक की नई इक्विटी शेयर जारी करने की योजना बना रही है। इस मंजूरी के बाद प्रिज़्म अब अपने सार्वजनिक निर्गम की अगली रणनीतिक तैयारी में तेजी ला सकेगी।
यह प्रिज़्म का पहली बार का प्रयास नहीं है। OYO की पैरेंट कंपनी ने पिछले कुछ वर्षों में कई बार शेयर बाजार में सूचीबद्ध होने की कोशिश की है:
यह नवीनतम मंजूरी प्रिज़्म का तीसरा और अब तक का सबसे संगठित प्रयास माना जा रहा है।
दिसंबर 2025 में प्रिज़्म ने अपने Draft Red Herring Prospectus (DRHP) को कन्फिडेंशियल फाइलिंग रूट के तहत दाखिल किया। इस प्रक्रिया में कंपनी को शुरुआती चरण में वित्तीय और परिचालन जानकारी गोपनीय रखने की अनुमति मिलती है।
इसके बाद 20 दिसंबर 2025 को आयोजित एक एक्स्ट्राऑर्डिनरी जनरल मीटिंग (EGM) में शेयरधारकों ने IPO प्रस्ताव को मंजूरी दी। यह आंतरिक स्वीकृति कंपनी के सार्वजनिक निर्गम की दिशा में एक आवश्यक कदम था।
कन्फिडेंशियल रूट का उपयोग आजकल बड़ी कंपनियाँ इसलिए करती हैं ताकि वे बाजार की स्थिति और समय के अनुसार अपनी लिस्टिंग रणनीति को बेहतर ढंग से नियंत्रित कर सकें।
प्रस्तावित IPO पूरी तरह से ₹6,650 करोड़ की नई इक्विटी जारी करने पर आधारित होगा। इसमें कोई बड़ा ऑफर फॉर सेल (OFS) शामिल नहीं होगा, जिससे जुटाई गई पूंजी सीधे कंपनी के विस्तार और विकास में उपयोग की जा सकेगी।
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार इस IPO के माध्यम से प्रिज़्म का संभावित मूल्यांकन लगभग $7–8 बिलियन तक हो सकता है। हालांकि अंतिम वैल्यूएशन कई कारकों पर निर्भर करेगा, जैसे:
इसलिए अंतिम मूल्यांकन में बदलाव की संभावना बनी रहती है।
कंपनी जुलाई की शुरुआत तक अपना अपडेटेड Draft Red Herring Prospectus (DRHP) दाखिल करने की योजना बना रही है। इस दस्तावेज़ में निम्नलिखित जानकारी शामिल होगी:
DRHP की समीक्षा और स्वीकृति के बाद कंपनी IPO के अंतिम चरणों में प्रवेश करेगी, जिसमें प्राइस बैंड तय करना, रोडशो आयोजित करना और सार्वजनिक सब्सक्रिप्शन शामिल होगा।
इस बड़े IPO को संभालने के लिए प्रिज़्म ने कई प्रमुख निवेश बैंकों और वित्तीय संस्थानों को बुक-रनिंग लीड मैनेजर्स के रूप में नियुक्त किया है:
ये संस्थान IPO की संरचना, निवेशक संबंध और नियामक अनुपालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएँगे।
यह IPO ऐसे समय में आ रहा है, जब भारत का प्राथमिक बाजार तेजी से सक्रिय हो रहा है, और कई बड़ी कंपनियाँ तथा स्टार्टअप्स सार्वजनिक सूचीकरण की ओर बढ़ रहे हैं। प्रिज़्म के लिए यह कदम केवल पूंजी जुटाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पारदर्शिता, कॉर्पोरेट गवर्नेंस और दीर्घकालिक विकास रणनीति को भी मजबूत करेगा।
OYO के लिए यह IPO अंतरराष्ट्रीय विस्तार, बैलेंस शीट सुधार और प्रतिस्पर्धात्मक स्थिति मजबूत करने में सहायक हो सकता है।
निष्कर्ष:
प्रिज़्म का ₹6,650 करोड़ का IPO कंपनी के इतिहास में एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। कई वर्षों के प्रयासों और बाजार की अनिश्चितताओं के बाद कंपनी अब अपने सार्वजनिक सूचीकरण के सबसे करीब पहुँचती दिखाई दे रही है। SEBI की मंजूरी, मजबूत वित्तीय सलाहकारों की टीम और स्पष्ट रोडमैप के साथ यह IPO भारतीय स्टार्टअप और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में एक बड़ा इवेंट बनने की क्षमता रखता है।