अभी तक भारत समेत दुनियाभर के लाखों लोग ट्रांसलेशन करने के लिए गूगल ट्रांसलेट टूल का इस्तेमाल करते आ रहे हैं, लेकिन अब उन्हें एक नया विकल्प मिलने वाला है, जिसका नाम ChatGPT Translate है, अमेरिकन एआई कंपनी OpenAI ने बिना कोई ऑफिसियल ऐलान किए अपने इस टूल को लाइव कर दिया है।
ओपनएआई ने अपनी चैटजीपीटी वेबसाइट पर एक नया ट्रांसलेशन इंटरफेस लॉन्च किया है, यह नया फीचर अलग वेबपेज में खुलता है, और देखने में काफी हद तक गूगल ट्रांसलेट जैसा ही लगता है, यूजर्स इसमें टेक्स्ट टाइप कर सकते हैं, या किसी दूसरी वेबसाइट से कॉपी-पेस्ट करके अनुवाद कर सकते हैं, पहली नजर में यह एक साधारण ट्रांसलेशन टूल है, लेकिन इसकी खास बात यह है, कि असली AI इस्तेमाल अनुवाद के बाद शुरू होता है, जहां यूजर ट्रांसलेट किए गए टेक्स्ट को अलग-अलग स्टाइल और टोन में सुधार सकता है।
इस नए "Translate with ChatGPT" फीचर को सबसे पहले X (पुराना नाम ट्विटर) पर AIRPM के लीड इंजीनियर तिबोर ब्लाहो ने नोटिस किया, हैरानी की बात यह है, कि OpenAI ने इस फीचर को लेकर न तो कोई ब्लॉग पोस्ट जारी की और न ही सोशल मीडिया पर कोई जानकारी दी, यहां तक कि कंपनी के कर्मचारियों की ओर से भी इसका कोई जिक्र नहीं हुआ, फिलहाल यह फीचर सिर्फ वेब ब्राउजर पर उपलब्ध है, और ऐप के लिए कोई अलग इंटरफेस नजर नहीं आता।
इस ट्रांसलेशन पेज में दो बड़े टेक्स्ट बॉक्स दिए गए हैं, जैसा कि आप इस आर्टिकल के साथ अटैच की गई इमेज में भी देख पा रहे होंगे, बाएं बॉक्स में टेक्स्ट डालने का ऑप्शन है, जो डिफॉल्ट रूप से "Detect language" पर सेट रहता है, दाएं बॉक्स में अनुवाद यानी ट्रांसलेट किया गया कंटेंट दिखाई है, जहां ड्रॉप-डाउन मेन्यू से भाषा चुनी जा सकती है, हालांकि यहां भाषाओं की संख्या सीमित है।
ओपनएआई ने अपने इस फीचर में फिलहाल कुल मिलाकर करीब 50 भाषाओं का ही सपोर्ट दिया है, इनमें इंग्लिश, फ्रेंच, जर्मन, हिंदी, स्पेनिश, जापानी और कोरियन जैसी प्रमुख भाषाएं शामिल हैं, इसके अलावा बंगाली, गुजराती, मराठी, तमिल, तेलुगु और उर्दू जैसी कुछ भारतीय भाषाओं का भी सपोर्ट दिया गया है।
वेबसाइट पर यह भी लिखा है, कि यूजर टेक्स्ट के अलावा इमेज या वॉयस के जरिए भी अनुवाद कर सकते हैं, लेकिन फिलहाल इमेज अपलोड करने का कोई ऑप्शन नहीं दिखता, वॉयस ट्रांसलेशन भी सिर्फ मोबाइल ब्राउजर पर माइक्रोफोन ऑन करने पर ही काम करता है, ऐसा माना जा रहा है, कि ये फीचर्स अभी डेवलपमेंट स्टेज में हैं।
कुल मिलाकर अभी तक यह फीचर दिखने में गूगल ट्रांसलेट जैसा ही लग रहा है, यह सीधे तौर पर गूगल ट्रांसलेट को टक्कर देता है, लेकिन फिलहाल भाषाओं के मामले में काफी पीछे है, गूगल ट्रांसलेट करीब 243 भाषाओं में ट्रांसलेशन की सुविधा देता है, और उसमें इमेज, डॉक्यूमेंट, कैमरा-फीड और रियल-टाइम बातचीत जैसे फीचर्स पहले से मौजूद हैं, इसके मुकाबले ओपनएआई का नया ट्रांसलेशन इंटरफेस अभी काफी बेसिक है, लेकिन टेक्स्ट को स्टाइल और टोन के हिसाब से सुधारने की सुविधा इसे थोड़ा अलग जरूर बनाती है।