Om Power Transmission IPO: ओम पावर ट्रांसमिशन का ₹150 करोड़ का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए खुल चुका है। इस आईपीओ के तहत नए शेयर जारी होंगे और साथ ही ऑफर फॉर सेल विंडो के जरिए कंपनी के प्रमोटर्स अपनी हिस्सेदारी भी हल्की करेंगे। यहां इस आईपीओ से जुड़ी 10 अहम बातें बताई जा रही है, जिसे जान लें और फिर आईपीओ में निवेश से जुड़ा फैसला लें।
ओम पावर ट्रांसमिशन के ₹150 करोड़ के आईपीओ में ₹166-₹175 के प्राइस बैंड और 85 शेयरों के लॉट में पैसे लगा सकते हैं।
Om Power Transmission का आईपीओ आज 9 अप्रैल को खुला है, और 13 अप्रैल को बंद होगा। आईपीओ के तहत शेयरों का अलॉटमेंट 15 अप्रैल को फाइनल होगा। फिर बीएसई और एनएसई पर 17 अप्रैल को एंट्री होगी।
आईपीओ खुलने से पहले कंपनी ने 4 एंकर निवेशकों- मॉर्गन स्टैनले एशिया (सिंगापुर), क्राफ्ट एमर्जिंग मार्केट फंड पीसीसी-एलाइट कैपिटल फंड, क्राफ्ट एमर्जिंग मार्केट फंड पीसीसी-सिटाडेल कैपिटल फंड और सनराइज इंवेस्टमेंट ट्रस्ट- सनराइज इंवेस्टमेंट अपॉर्च्यूनिटीज फंड से ₹45 करोड़ जुटाए। इन्हें ₹175 के भाव पर 25.72 लाख शेयर जारी हुए हैं।
ग्रे मार्केट में ओम पावर ट्रांसमिशन के शेयर आईपीओ के अपर प्राइस बैंड से ₹7 यानी 4.00% की GMP (ग्रे मार्केट प्रीमियम) पर हैं। हालांकि मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक ग्रे मार्केट से मिले संकेतों की बजाय कंपनी के फंडामेंटल्स और फाइनेंशियल के आधार पर ही निवेश का फैसला लेना चाहिए।
ओम पावर ट्रांसमिशन के आईपीओ के तहत ₹133 करोड़ के नए शेयर जारी होंगे। इसके अलावा ₹10 की फेस वैल्यू वाले 10 लाख शेयरों की ऑफर फॉर सेल विंडो के तहत बिक्री होगी। ऑफर फॉर सेल विंडो के जरिए इसके प्रमोटर्स अपनी हिस्सेदारी हल्की करेंगे।
जारो इंस्टीट्यूट के आईपीओ का रजिस्ट्रार एमयूएफजी इनटाइम है, यानी कि शेयरों का अलॉटमेंट फाइनल होने के बाद इसकी साइट पर जारी अलॉटमेंट स्टेटस देख सकेंगे कि कितने शेयर मिले। इसके अलावा बीएसई की साइट पर भी स्टेटस देख सकेंगे।
ऑफर फॉर सेल का पैसा शेयर बेचने वाले शेयरहोल्डर यानी प्रमोटर संजय नामदेव सालुंके को मिलेगा। वहीं नए शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों में से ₹11.21 करोड़ मशीनरी और इक्विपमेंट की खरीदारी, ₹25.00 करोड़ कर्ज हल्का करने, ₹55 करोड़ लॉन्ग टर्म वर्किंग कैपिटल की जरूरतों और बाकी पैसे आम कॉरपोरेट उद्देश्यों पर खर्च होंगे।
जून 2011 में बनी ओम पावर ट्रांसमिशन एक पावर ट्रांसमिशन इंफ्रास्ट्रक्चर ईपीसी (इंजीनियरिंग, प्रोक्यूरमेंट एंड कंस्ट्रक्शन) कंपनी है। यह हाई वोल्टेज और एक्स्ट्रा हाई वोल्टेड ट्रांसमिशन लाइन्स, सबस्टेशंस और अंडरग्राउंड केबलिंग प्रोजेक्ट्स पर टर्न्की बेसिस पर काम करती है।
दिसंबर 2025 तक के आंकड़ों के हिसाब से ओम पावर ट्रांसमिशन के पास ₹744.60 करोड़ के 58 प्रोजेक्ट्स अभी पूरे नहीं हुए हैं, जिसमें से 51 ईपीसी प्रोजेक्ट्स और 7 ओएंडएम कॉन्ट्रैक्ट्स हैं। दिसंबर 2025 तक के आंकड़ों के हिसाब से कंपनी 124 सबस्टेशंस को ऑपरेट कर रही है, और मेंटेनेंस का काम देख रही है।
कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो यह लगातार मजबूत हो रही है। वित्त वर्ष 2023 में इसे ₹6.29 करोड़ का शुद्ध मुनाफा हुआ था, जो अगले वित्त वर्ष 2024 में उछलकर ₹7.41 करोड़ और फिर वित्त वर्ष 2025 में ₹22.08 करोड़ पर पहुंच गया। इस दौरान कंपनी की टोटल इनकम भी सालाना 52% से अधिक की चक्रवृद्धि दर (CAGR) से बढ़कर ₹281.65 करोड़ पर पहुंच गई। पिछले वित्त वर्ष 2026 की बात करें तो अप्रैल-दिसंबर 2025 में कंपनी को ₹23.37 करोड़ का शुद्ध मुनाफा और ₹276.50 करोड़ का टोटल इनकम हासिल हुआ। दिसंबर 2025 तिमाही के आखिरी में कंपनी पर ₹38.47 करोड़ का टोटल कर्ज था, जबकि रिजर्व और सरप्लस में ₹93.17 करोड़ पड़े थे।