NPCI ने UPI वन वर्ल्ड लॉन्च किया

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17 Feb 2026
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News Synopsis

AI Summit 2026: भारत घूमने आने वाले विदेशी मेहमानों के लिए अब शॉपिंग और पेमेंट करना बहुत आसान हो गया है। नई दिल्ली में चल रहे 'इंडिया AI इम्पैक्ट समिट 2026' के मौके पर NPCI ने विदेशी पर्यटकों के लिए अपनी खास सेवा 'UPI One World' को लॉन्च कर दिया है।

NPCI ने दिल्ली के भारत मंडपम में चल रहे एआई समिट में हिस्सा लेने आए 40 से ज्यादा देशों के मेहमानों के लिए 'UPI One World' वॉलेट लॉन्च किया है। इसकी सबसे अच्छी बात यह है, कि इसके लिए किसी भारतीय सिम कार्ड या लोकल बैंक अकाउंट की जरूरत नहीं है। विदेशी मेहमान अपने देश के कार्ड से इस वॉलेट में पैसे डाल सकेंगे और भारत के किसी भी कोने में QR कोड स्कैन करके पेमेंट कर सकेंगे।

क्या है 'UPI One World' और यह कैसे काम करेगा?

अक्सर विदेशी लोगों को भारत आकर छुट्टा पैसों या विदेशी मुद्रा (Foreign Exchange) को बदलने में काफी परेशानी होती थी। 'UPI One World' इसी समस्या का समाधान करता है। अब विदेशी मेहमान सीधे अपने मोबाइल से किसी भी दुकानदार या रेस्टोरेंट में डिजिटल पेमेंट कर सकेंगे। NPCI का कहना है, कि यह दुनिया का सबसे बड़ा रियल-टाइम पेमेंट सिस्टम है, और वे चाहते हैं, कि दुनिया इसे खुद अनुभव करे।

'UPI One World' ऐप कैसे काम करेगा?

विदेशी मेहमान इस सर्विस को दिल्ली एयरपोर्ट या AI समिट में लगे NPCI काउंटर से ले सकते हैं। उन्हें बस अपने इंटरनेशनल डेबिट या क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल करके इस डिजिटल वॉलेट में पैसे लोड करने होंगे। एक बार पैसा लोड होने के बाद, वे भारत किसी भी जगह, कहीं भी जरूरत के अनुसार दुकान पर लगे UPI QR कोड को स्कैन करके पेमेंट कर सकते हैं।

'UPI One World' के नियम क्या हैं?

> लोकल नंबर की जरूरत नहीं, इसके लिए विदेशी मोबाइल नंबर ही काफी है।

> एक बार में वॉलेट में अधिकतम ₹25,000 लोड किए जा सकते हैं।

> पूरे महीने में कुल ₹50,000 तक का इस्तेमाल किया जा सकता है।

> सबसे खास बात यह है, कि अगर यात्रा खत्म होने के बाद वॉलेट में पैसे बच जाते हैं, तो उन्हें वापस उसी कार्ड या खाते में भेजा जा सकता है, जिससे वे लिए गए थे।

NPCI द्वारा 'UPI One World' ऐसे समय में आया है, जब भारत में UPI के जरिए लेनदेन ने सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक केवल जनवरी 2026 में ही UPI के जरिए 21.70 बिलियन ट्रांजेक्शन हुए हैं। एआई समिट में आए दुनिया भर के नीति निर्माताओं और टेक लीडर्स को यह सेवा देकर भारत अपनी 'मेड इन इंडिया' टेक्नोलॉजी का लोहा मनवा रहा है।

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