गूगल क्लाउड और कॉग्निजेंट ने कंपनियों में एजेंटिक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (Agentic AI) के इस्तेमाल को तेज करने के लिए अपनी रणनीतिक साझेदारी का विस्तार किया है। इस सहयोग के तहत दोनों कंपनियां जेमिनी फ्रंटियर कैपेबिलिटी ग्रुप नाम से एक नई पहल शुरू कर रही हैं। इसका उद्देश्य AI से जुड़े शुरुआती प्रयोगों को वास्तविक कारोबारी कामकाज में इस्तेमाल होने वाले बड़े और भरोसेमंद समाधानों में बदलना है।
इस पहल में गूगल क्लाउड की AI तकनीक और कॉग्निजेंट की इंजीनियरिंग क्षमता, उद्योग संबंधी जानकारी तथा तकनीकी समाधान लागू करने के अनुभव को एक साथ लाया जाएगा। दोनों कंपनियां ऐसे AI एजेंट्स विकसित करने और लागू करने पर ध्यान देंगी, जो कारोबार से जुड़े जटिल कार्यों में सहायता कर सकें और सुरक्षा, विश्वसनीयता तथा बड़े स्तर पर इस्तेमाल की जरूरतों को पूरा करें।
नई पहल के तहत विशेषज्ञ टीमों को एक साथ लाया जाएगा, ताकि कंपनियों के लिए AI आधारित समाधान तैयार करने और उन्हें लागू करने की प्रक्रिया तेज हो सके। इस समूह में Google Cloud का AI प्लेटफॉर्म और Cognizant का सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग, कारोबारी बदलाव तथा विभिन्न उद्योगों में तकनीकी समाधान लागू करने का अनुभव शामिल होगा।
इसका प्रमुख उद्देश्य कंपनियों को उनकी मौजूदा तकनीकी व्यवस्था और कार्यप्रणाली में एजेंटिक AI शामिल करने में मदद देना है। इससे कारोबार से जुड़े कामों को अधिक व्यवस्थित बनाने और AI समाधानों को प्रयोग के स्तर से आगे ले जाने में सहायता मिल सकती है।
इस पहल को Cognizant के 18,000 से अधिक समर्पित कर्मचारी सहयोग देंगे। यह संख्या कंपनियों में AI तकनीक के विकास और इस्तेमाल को बढ़ाने के लिए किए जा रहे प्रयासों का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
यह समूह Cognizant की उस Gemini-केंद्रित टीम का विस्तार है, जिसे अप्रैल 2026 में शुरू किया गया था। नई पहल के जरिए दोनों कंपनियां अलग-अलग कारोबारी क्षेत्रों में उन्नत AI समाधानों को लागू करने की अपनी क्षमता मजबूत करना चाहती हैं।
इस दौरान एक प्रमुख चुनौती पर ध्यान दिया जाएगा: AI के शुरुआती परीक्षणों को ऐसे समाधानों में बदलना, जिन्हें वास्तविक कारोबारी परिस्थितियों में सुरक्षित और भरोसेमंद तरीके से इस्तेमाल किया जा सके।
कई कंपनियां AI तकनीक का परीक्षण कर रही हैं, लेकिन शुरुआती प्रयोगों से आगे बढ़कर उसे पूरे संगठन में लागू करना आसान नहीं होता। मौजूदा सॉफ्टवेयर के साथ तालमेल, डेटा की सुरक्षा, तकनीकी विश्वसनीयता और स्पष्ट नियमों के तहत संचालन जैसी चुनौतियां इसमें बाधा बन सकती हैं।
जेमिनी फ्रंटियर कैपेबिलिटी ग्रुप इन समस्याओं को दूर करने के लिए तकनीकी विशेषज्ञता, व्यवस्थित कार्यप्रणाली और कंपनियों की जरूरतों के अनुरूप AI ढांचे पर काम करेगा।
इसका लक्ष्य ऐसे AI एजेंट्स को लागू करने में मदद देना है, जो कई चरणों वाले कार्यों में सहायता कर सकें और कंपनी की सुरक्षा तथा प्रदर्शन संबंधी जरूरतों के अनुरूप काम करें।
दोनों कंपनियों के अधिकारियों ने उन्नत AI तकनीक को वास्तविक कारोबारी जरूरतों से जोड़ने में इंजीनियरिंग विशेषज्ञता और तकनीकी साझेदारी के महत्व पर जोर दिया है।
Cognizant के मुख्य कार्यकारी अधिकारी रवि कुमार एस के अनुसार, नई पहल कंपनी के प्रमुख इंजीनियरिंग विशेषज्ञों को उन्नत AI तकनीक को ग्राहकों के लिए वास्तविक इस्तेमाल में लाने पर ध्यान केंद्रित करने का अवसर देगी।
यह रणनीति Cognizant के उस प्रयास को दर्शाती है, जिसके तहत AI नवाचार को केवल परीक्षण परियोजनाओं तक सीमित रखने के बजाय व्यावहारिक कारोबारी समाधानों में बदला जाना है।
कंपनी अपनी इंजीनियरिंग क्षमता और उद्योग संबंधी अनुभव का इस्तेमाल करके ऐसे AI समाधान लागू करना चाहती है, जो जटिल कारोबारी व्यवस्थाओं में भी प्रभावी ढंग से काम कर सकें।
Google Cloud के मुख्य कार्यकारी अधिकारी थॉमस कुरियन ने बड़े स्तर पर AI एजेंट्स लागू करने में अनुभवी तकनीकी साझेदारों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया।
कंपनियों में AI का इस्तेमाल केवल उन्नत मॉडल उपलब्ध कराने से संभव नहीं होता। इसके लिए तकनीकी ढांचे की योजना, मौजूदा सॉफ्टवेयर के साथ एकीकरण और संचालन संबंधी विशेषज्ञता भी जरूरी है।
इस विस्तारित साझेदारी का उद्देश्य Google Cloud की AI तकनीक और Cognizant की समाधान लागू करने की क्षमता को जोड़कर इन जरूरतों को पूरा करना है।
Cognizant ने Google की AI तकनीकों पर कर्मचारियों को प्रशिक्षित करने के लिए भी निवेश किया है। कंपनी की घोषणा के अनुसार, उसके Build with Gemini कार्यशाला कार्यक्रम के माध्यम से 55,000 से अधिक कर्मचारियों को उन्नत AI प्लेटफॉर्म से जुड़ा व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जा चुका है।
इस प्रशिक्षण का उद्देश्य ऐसे पेशेवरों की संख्या बढ़ाना है, जो Gemini आधारित समाधानों को विकसित करने, मौजूदा तकनीकी प्रणालियों से जोड़ने और कारोबार में लागू करने का काम कर सकें।
विशेषज्ञ समूह और कर्मचारियों के प्रशिक्षण को एक साथ आगे बढ़ाकर Cognizant AI आधारित कारोबारी बदलाव की बढ़ती मांग को पूरा करने की अपनी क्षमता मजबूत करना चाहता है।
यह समूह कंपनियों की पुरानी तकनीकी प्रणालियों को आधुनिक बनाने और उन्हें नए AI प्लेटफॉर्म से जोड़ने में सहायता करेगा। इससे सॉफ्टवेयर विकास को अधिक प्रभावी बनाने और मौजूदा तकनीकी ढांचे की सीमाओं को दूर करने में मदद मिल सकती है।
दूसरा प्रमुख क्षेत्र सॉफ्टवेयर डेवलपर्स के काम को बेहतर बनाना है। AI आधारित इंजीनियरिंग उपकरण और कार्यप्रणालियां कोड लिखने, सॉफ्टवेयर विकसित करने और एप्लिकेशन तैयार करने में लगने वाले समय को कम करने में मदद कर सकती हैं।
इस क्षेत्र में AI एजेंट्स के जरिए कारोबारी प्रक्रियाओं को स्वचालित और व्यवस्थित बनाने पर ध्यान दिया जाएगा। ऐसे एजेंट्स को कई चरणों वाले कार्य करने, कारोबारी सॉफ्टवेयर के साथ काम करने और कर्मचारियों को बार-बार किए जाने वाले कार्यों में सहायता देने के लिए तैयार किया जा सकता है।
साइबर सुरक्षा भी इस पहल का प्रमुख हिस्सा होगी। कंपनियां AI की मदद से साइबर खतरों से निपटने और सुरक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने की दिशा में काम कर सकेंगी। इसके साथ ही कारोबारी प्रणालियों और डेटा की सुरक्षा के लिए जरूरी नियंत्रण बनाए रखना महत्वपूर्ण होगा।
नई पहल के तहत एक मानकीकृत और सुरक्षा-केंद्रित एजेंटिक AI ढांचे का इस्तेमाल करने की योजना है। यह ढांचा Model Context Protocol (MCP) पर आधारित होगा।
MCP एक ऐसा प्रोटोकॉल है, जो AI एप्लिकेशन को बाहरी उपकरणों और डेटा स्रोतों से एक समान तरीके से जुड़ने में मदद करता है। कंपनियों में इसका इस्तेमाल AI एजेंट्स को मौजूदा कारोबारी प्रणालियों के साथ जोड़ने में सहायक हो सकता है।
इसके अलावा, इस ढांचे में Google Cloud के Model Armor का भी उपयोग किया जाएगा। यह AI एप्लिकेशन और उनके साथ होने वाली बातचीत को दुर्भावनापूर्ण इनपुट तथा असुरक्षित सामग्री जैसे जोखिमों से बचाने के लिए सुरक्षा नियंत्रण उपलब्ध कराता है।
मानकीकृत एकीकरण और सुरक्षा उपायों को एक साथ अपनाने का उद्देश्य कंपनियों को AI एजेंट्स लागू करते समय तकनीकी जोखिम, संचालन और नियमों के पालन से जुड़ी चुनौतियों का बेहतर प्रबंधन करने में मदद देना है।
Cognizant और Google Cloud की विस्तारित साझेदारी कंपनियों में एजेंटिक AI के व्यावहारिक इस्तेमाल को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। Gemini Frontier Capability Group के माध्यम से दोनों कंपनियां AI तकनीक, इंजीनियरिंग विशेषज्ञता और कर्मचारियों के प्रशिक्षण को एक साथ लाकर बड़े स्तर पर AI समाधान लागू करने की योजना बना रही हैं।
पुरानी तकनीकी प्रणालियों के आधुनिकीकरण, सॉफ्टवेयर विकास, कारोबारी प्रक्रियाओं के स्वचालन और साइबर सुरक्षा पर इसका शुरुआती ध्यान रहेगा। हालांकि, इस पहल की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि कंपनियां AI समाधानों को अपनी मौजूदा प्रणालियों में कितनी प्रभावी ढंग से शामिल कर पाती हैं और सुरक्षा, विश्वसनीयता तथा संचालन पर कितना नियंत्रण बनाए रखती हैं।