भारत और फ्रांस ने उच्च शिक्षा, अनुसंधान, नवाचार और शैक्षणिक आवागमन के क्षेत्र में अपने सहयोग को और मजबूत करने पर चर्चा की है। दोनों देशों के बीच 28 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में हुई द्विपक्षीय बैठक में विश्वविद्यालयों, शोध संस्थानों, विद्यार्थियों, शिक्षकों और शोधकर्ताओं के बीच सहयोग बढ़ाने के विभिन्न तरीकों पर विचार किया गया। बैठक में केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रल्हाद जोशी और फ्रांस के उच्च शिक्षा, अनुसंधान एवं अंतरिक्ष मंत्री फिलिप बैप्टिस्ट शामिल हुए।
बैठक में फ्रांस के उच्च शिक्षण संस्थानों को भारत में शाखा परिसर खोलने के लिए विचार करने का निमंत्रण भी दिया गया। इनमें गुजरात की GIFT City के साथ-साथ वे स्थान शामिल हैं जहां फ्रांसीसी कंपनियां काम कर रही हैं और उन्हें विशेष तकनीकी मानव संसाधन की आवश्यकता है। दोनों देशों के अनुसार, ऐसे संस्थागत संबंध शिक्षा, शोध और उद्योग के बीच संपर्क को और मजबूत कर सकते हैं।
बैठक में फ्रांसीसी उच्च शिक्षण संस्थानों को भारत में अपने शाखा परिसर स्थापित करने की संभावनाओं पर विचार करने का निमंत्रण दिया गया। GIFT City, गुजरात को संभावित स्थानों में शामिल किया गया है। यह भारत का अंतरराष्ट्रीय वित्तीय और प्रौद्योगिकी केंद्र है, जहां शिक्षा और उद्योग के बीच संबंध विकसित करने की दिशा में पहले से काम हो रहा है।
भारत ने उन स्थानों को भी संभावित केंद्र के रूप में सामने रखा जहां फ्रांसीसी कंपनियों की मौजूदगी है और उन्हें विशेष तकनीकी कौशल वाले कर्मचारियों की जरूरत होती है। ऐसे परिसरों से विश्वविद्यालयों और उद्योगों के बीच सीधे संपर्क बढ़ाने तथा विद्यार्थियों को उद्योग की जरूरतों के अनुरूप शिक्षा और प्रशिक्षण देने के अवसर मिल सकते हैं।
भारत में विदेशी विश्वविद्यालयों के परिसर स्थापित करने के लिए UGC के 2023 नियम लागू हैं। अगस्त 2026 तक UGC ने विभिन्न विदेशी उच्च शिक्षण संस्थानों को भारत में परिसर स्थापित करने के लिए 16 Letter of Intent जारी किए थे।
बैठक में दोनों देशों ने विश्वविद्यालयों और शोध संस्थानों के बीच मौजूदा संबंधों को मजबूत करने तथा नए संस्थागत सहयोग विकसित करने पर चर्चा की। शिक्षा को भारत-फ्रांस संबंधों का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बताते हुए दोनों पक्षों ने ज्ञान और अनुभव के आदान-प्रदान को बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया।
भारत-फ्रांस नवाचार वर्ष 2026 को भी शिक्षा, शोध और नवाचार के क्षेत्र में नए सहयोग विकसित करने के अवसर के रूप में देखा गया। इसी वर्ष फ्रांस में Bharat Innovates 2026 जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से भारतीय Deep-Tech Startups और वैश्विक नवाचार संस्थानों के बीच संपर्क बढ़ाने की पहल भी हुई।
दोनों देशों ने विद्यार्थियों, शिक्षकों और शोधकर्ताओं के बीच शैक्षणिक आवागमन को बढ़ावा देने के उपायों पर चर्चा की। विभिन्न देशों के शिक्षण संस्थानों के बीच विद्यार्थियों और शोधकर्ताओं की आवाजाही से उन्हें अलग-अलग शिक्षा प्रणालियों, शोध पद्धतियों और नए ज्ञान से परिचित होने का अवसर मिलता है।
भारत और फ्रांस मौजूदा साझेदारियों को आगे बढ़ाने के साथ-साथ संयुक्त शैक्षणिक कार्यक्रम, संस्थागत आदान-प्रदान और शोध गतिविधियों के नए अवसर तलाश रहे हैं। इससे दोनों देशों के विश्वविद्यालयों को समान रुचि वाले विषयों पर मिलकर काम करने का अवसर मिल सकता है।
बैठक में जीवन विज्ञान, सामाजिक विज्ञान और मानविकी जैसे विभिन्न क्षेत्रों में शोध सहयोग बढ़ाने पर भी विचार किया गया। दोनों पक्षों ने संस्थागत संपर्क, संयुक्त शैक्षणिक गतिविधियों और शोध परियोजनाओं के लिए नए रास्ते तलाशने पर जोर दिया।
दोनों देशों ने मौजूदा संस्थागत सहयोग को आगे बढ़ाने और नई ज्ञान साझेदारी विकसित करने की संभावनाओं पर चर्चा की। इससे विश्वविद्यालयों, शोध संस्थानों और शोधकर्ताओं के बीच लंबे समय तक चलने वाली साझेदारियों को बढ़ावा मिल सकता है।
2026 में भारत और फ्रांस के प्रमुख उच्च शिक्षण संस्थानों के बीच सहयोग के अन्य प्रयास भी सामने आए हैं। जून 2026 में IITs, IISc और फ्रांस के Udice विश्वविद्यालय समूह के बीच सहयोग की घोषणा हुई थी, जिसमें संयुक्त शोध, विद्यार्थी-शिक्षक आदान-प्रदान और शैक्षणिक गतिविधियों को बढ़ावा देने की बात कही गई थी।
बैठक में भाषा सीखने और शिक्षक शिक्षा को मजबूत करने के तरीकों पर भी चर्चा हुई। दोनों देशों ने भाषा से जुड़े शैक्षणिक अनुभव और विशेषज्ञता साझा करने की संभावनाओं पर विचार किया।
भाषा कौशल विद्यार्थियों और शोधकर्ताओं के लिए अंतरराष्ट्रीय शिक्षा तथा शैक्षणिक आवागमन को आसान बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। इसलिए भारत और फ्रांस के बीच भाषा शिक्षा में सहयोग लोगों के बीच संपर्क को और मजबूत कर सकता है।
शिक्षा में तकनीक के बढ़ते इस्तेमाल को देखते हुए दोनों देशों ने Digital Education और तकनीक आधारित सीखने के तरीकों पर भी चर्चा की। दोनों पक्षों ने डिजिटल शिक्षा से जुड़े अनुभव और बेहतर तरीकों को साझा करने की संभावनाओं पर विचार किया।
तकनीक का इस्तेमाल गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की पहुंच बढ़ाने, नए शिक्षण तरीकों को विकसित करने और विद्यार्थियों के लिए सीखने के अवसरों का विस्तार करने में किया जा सकता है।
बैठक में भारत और फ्रांस के बीच Mutual Recognition of Qualifications (MRQ) Agreement में चल रहे संशोधन पर भी विचार किया गया। इस व्यवस्था का उद्देश्य दोनों देशों की शैक्षणिक योग्यताओं की आपसी मान्यता को आसान बनाना है।
योग्यताओं की बेहतर आपसी मान्यता से विद्यार्थियों और पेशेवरों के लिए दूसरे देश में आगे की पढ़ाई या संबंधित शैक्षणिक अवसर तलाशना आसान हो सकता है। दोनों पक्षों ने शिक्षा प्रणालियों और योग्यताओं से जुड़े अनुभव तथा बेहतर तरीकों को साझा करने पर भी चर्चा की।
India-France Year of Innovation 2026 ने दोनों देशों के बीच शिक्षा, विज्ञान, अनुसंधान और तकनीक के क्षेत्र में सहयोग के लिए एक अतिरिक्त मंच उपलब्ध कराया है। भारत और फ्रांस शिक्षा संस्थानों, शोधकर्ताओं, उद्योग और नवाचार से जुड़े संगठनों के बीच संबंध मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।
भारत में फ्रांसीसी विश्वविद्यालयों के संभावित शाखा परिसरों से शिक्षा और उद्योग के बीच संबंधों को बढ़ाने का अवसर मिल सकता है। खासतौर पर उन क्षेत्रों में जहां फ्रांसीसी कंपनियों को विशेष तकनीकी और पेशेवर कौशल वाले लोगों की जरूरत है।
बैठक के दौरान दोनों पक्षों ने उच्च शिक्षा, अनुसंधान, नवाचार, भाषा शिक्षा और डिजिटल सीखने के क्षेत्र में सहयोग को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता दोहराई। शाखा परिसरों, शैक्षणिक आवागमन, संयुक्त शोध और योग्यताओं की मान्यता जैसे विषयों पर चर्चा इस साझेदारी को व्यापक बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण हैं।
भारत में पहले से ही कुछ विदेशी विश्वविद्यालयों के परिसर स्थापित हो चुके हैं। जून 2026 में University of Bristol, University of York और University of New South Wales को भारत में परिसर स्थापित करने के लिए Letter of Approval दिए गए थे। Deakin University और University of Wollongong जैसे संस्थान GIFT City में भी काम कर रहे हैं।
भारत और फ्रांस के बीच उच्च शिक्षा और अनुसंधान सहयोग को विस्तार देने के लिए कई क्षेत्रों पर चर्चा हुई है। French University Campuses, Student and Faculty Mobility, Joint Research, Language Education, Digital Learning और Qualification Recognition इस सहयोग के प्रमुख हिस्से हैं।
GIFT City और फ्रांसीसी कंपनियों की मौजूदगी वाले क्षेत्रों में शाखा परिसरों की संभावनाओं पर चर्चा से शिक्षा और उद्योग के बीच नए संबंध विकसित हो सकते हैं। वहीं, भारत-फ्रांस नवाचार वर्ष 2026 दोनों देशों को शोध, नवाचार और उभरती तकनीकों में सहयोग के लिए अतिरिक्त अवसर प्रदान कर रहा है। आने वाले समय में इन चर्चाओं से जुड़ी संस्थागत पहलें भारत और फ्रांस के शिक्षा तथा ज्ञान-साझेदारी संबंधों को और व्यापक बना सकती हैं।