FMCG दिग्गज Nestlé India ने FY26 में अपने स्विस पैरेंट कंपनी को रॉयल्टी भुगतान में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की है। यह बढ़ोतरी मजबूत बिक्री और ग्लोबल टेक्नोलॉजी, ब्रांड और इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी के निरंतर उपयोग को दर्शाती है। हालांकि शेयरधारकों ने रॉयल्टी बढ़ाने के प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया था, फिर भी कंपनी ने मजबूत वित्तीय प्रदर्शन बनाए रखा।
Nestlé India ने FY26 में अपने पैरेंट कंपनी Société des Produits Nestlé S.A. को ₹1,024.5 करोड़ का रॉयल्टी (जनरल लाइसेंस फीस) भुगतान किया। यह पिछले वित्त वर्ष FY25 के ₹899.41 करोड़ की तुलना में 13.9% अधिक है।
इसके अलावा कंपनी ने रॉयल्टी भुगतान पर ₹102.47 करोड़ का विथहोल्डिंग टैक्स भी चुकाया, जबकि पिछले वर्ष यह ₹89.71 करोड़ था।
रॉयल्टी में यह वृद्धि बिक्री में बढ़ोतरी और ग्लोबल इनोवेशन व ब्रांड सपोर्ट के उपयोग को दर्शाती है।
Nestlé India अपने स्विस पैरेंट कंपनी को निम्नलिखित सुविधाओं के उपयोग के लिए रॉयल्टी देती है:
इस व्यवस्था के तहत भारतीय यूनिट वैश्विक स्तर के उत्पादों का निर्माण और बिक्री कर पाती है।
वर्तमान में कंपनी नेट सेल्स के 4.5% की दर से रॉयल्टी का भुगतान करती है।
पिछले वर्ष शेयरधारकों ने रॉयल्टी बढ़ाने के प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया था। प्रस्ताव में रॉयल्टी को पांच वर्षों में हर साल 0.15 प्रतिशत अंक बढ़ाकर 5.25% तक ले जाने की योजना थी।
यह वृद्धि 1 जुलाई 2024 से लागू होनी थी, लेकिन इसे मंजूरी नहीं मिली।
इसके बावजूद FY26 में लाइसेंस समझौते की शर्तों में कोई बड़ा बदलाव नहीं किया गया।
कंपनी ने FY26 में मजबूत वित्तीय प्रदर्शन दर्ज किया।
यह वृद्धि मुख्य रूप से कंपनी के लोकप्रिय ब्रांड्स की मजबूत मांग के कारण रही:
FY26 में कंपनी के स्थायी कर्मचारियों की संख्या 8,382 रही, जो FY25 में 8,419 थी।
Nestlé India भारत में अपनी उत्पादन क्षमता बढ़ा रही है, और वर्तमान में देश में अपनी 10वीं मैन्युफैक्चरिंग यूनिट स्थापित कर रही है।
यह विस्तार भविष्य की मांग को पूरा करने और सप्लाई चेन को मजबूत करने में मदद करेगा।
वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर Manish Tiwary का वेतन अनुपात कर्मचारियों की तुलना में 134:1 रहा।
उन्होंने 1 अगस्त 2025 को यह पद संभाला था।
निष्कर्ष:
FY26 में Nestlé India ने मजबूत राजस्व वृद्धि दर्ज की, लेकिन साथ ही स्विस पैरेंट कंपनी को रॉयल्टी भुगतान भी बढ़ा। शेयरधारकों की अस्वीकृति के बावजूद कंपनी ने अपने वैश्विक ब्रांड नेटवर्क और तकनीक का लाभ उठाते हुए मजबूत प्रदर्शन जारी रखा है।