भारत सरकार का कपड़ा मंत्रालय स्पेशल कैंपेन 6 के तहत स्वच्छता, सरकारी कामकाज में लंबित मामलों को कम करने, पुराने रिकॉर्ड के बेहतर प्रबंधन और ई-वेस्ट के वैज्ञानिक निपटान पर विशेष ध्यान देगा। यह अभियान 2 अक्टूबर से 31 अक्टूबर 2026 तक चलेगा। इसका व्यापक उद्देश्य सरकारी कार्यालयों में स्वच्छता को केवल एक अभियान तक सीमित न रखकर नियमित कार्य संस्कृति का हिस्सा बनाना और लंबित सरकारी कार्यों को समय पर पूरा करना है।
इस साल के अभियान में ई-वेस्ट यानी इलेक्ट्रॉनिक कचरे के प्रभावी संग्रह, अलग-अलग करने और उचित निपटान को विशेष प्राथमिकता दी गई है। अभियान की तैयारी 15 सितंबर से शुरू हो चुकी है। सरकारी कार्यालयों में लंबित संदर्भों, फाइलों, पुराने रिकॉर्ड, बेकार सामग्री और ऐसे स्थानों की पहचान की जा रही है, जहां सफाई और बेहतर उपयोग की आवश्यकता है।
कपड़ा मंत्रालय के स्पेशल कैंपेन 6 Ministry of Textiles' Special Campaign 6 का मुख्य उद्देश्य सरकारी कार्यालयों में स्वच्छता को संस्थागत रूप देना और कामकाज में लंबित मामलों को कम करना है। इसके साथ ही कार्यालयों में उपलब्ध स्थान का बेहतर उपयोग, रिकॉर्ड प्रबंधन और बेकार सामग्री के निपटान पर भी ध्यान दिया जाएगा।
अभियान में ऐसे लंबित मामलों की पहचान की जाएगी जिनमें सांसदों के संदर्भ, राज्य सरकारों के संदर्भ, अंतर-मंत्रालयी संदर्भ, प्रधानमंत्री कार्यालय से जुड़े संदर्भ, तीन महीने से अधिक समय से लंबित संसदीय आश्वासन, सार्वजनिक शिकायतें और अपील शामिल हैं।
इस प्रक्रिया का उद्देश्य केवल पुरानी फाइलों को हटाना नहीं, बल्कि सरकारी कामकाज को अधिक व्यवस्थित और प्रभावी बनाना है। इससे कार्यालयों में काम करने के लिए बेहतर वातावरण तैयार करने के साथ नागरिकों को मिलने वाली सरकारी सेवाओं के अनुभव को भी बेहतर बनाने पर जोर रहेगा।
Special Campaign 6 की गतिविधियों को अलग-अलग चरणों में आगे बढ़ाया जा रहा है। इसमें तैयारी, मुख्य कार्यान्वयन और बाद में उपलब्धियों की समीक्षा शामिल है।
तैयारी चरण 15 सितंबर से 30 सितंबर 2026 तक चल रहा है। इस दौरान मंत्रालय और उसके संबंधित कार्यालय अभियान के लिए लक्ष्य निर्धारित कर रहे हैं।
इस चरण में लंबित मामलों की सूची तैयार करने के साथ पुराने रिकॉर्ड और फाइलों की समीक्षा की जा रही है। जिन फाइलों की अब आवश्यकता नहीं है, उन्हें नियमानुसार हटाने की प्रक्रिया तय की जाएगी। ई-फाइलों को भी देखा जाएगा और जिन मामलों का निपटारा हो चुका है, उन्हें बंद किया जाएगा।
इसके अलावा कार्यालयों में मौजूद पुराने स्क्रैप, अनुपयोगी सामान और ई-वेस्ट की पहचान की जाएगी, ताकि मुख्य अभियान के दौरान उनका उचित निपटान किया जा सके।
2 अक्टूबर से 31 अक्टूबर तक अभियान का मुख्य कार्यान्वयन चरण चलेगा। इस दौरान निर्धारित लक्ष्यों को जमीन पर लागू किया जाएगा। कार्यालय परिसरों की सफाई, पुराने रिकॉर्ड की छंटाई, लंबित मामलों का निपटारा और अनुपयोगी सामग्री का निपटान किया जाएगा।
ई-वेस्ट के मामले में विशेष रूप से वैज्ञानिक और पर्यावरण-अनुकूल प्रक्रिया अपनाने पर जोर रहेगा। केंद्र सरकार के Special Campaign 6 के लिए जारी दिशानिर्देशों में ई-वेस्ट के प्रभावी संग्रह, पृथक्करण और निपटान को प्रमुख प्राथमिकता दी गई है।
अभियान के बाद 16 से 30 नवंबर 2026 के बीच उपलब्धियों और किए गए कार्यों का मूल्यांकन किया जाएगा। इस दौरान यह देखा जाएगा कि निर्धारित लक्ष्यों में कितनी प्रगति हुई और विभिन्न मंत्रालयों तथा कार्यालयों ने कितने लंबित मामलों का निपटारा किया।
इस वर्ष के अभियान की एक प्रमुख विशेषता ई-वेस्ट का बेहतर प्रबंधन है। सरकारी कार्यालयों में कंप्यूटर, मॉनिटर, प्रिंटर, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और अन्य डिजिटल सामान के उपयोग के कारण समय के साथ इलेक्ट्रॉनिक कचरा भी उत्पन्न होता है।
अभियान के तहत ऐसे ई-वेस्ट को सामान्य कचरे से अलग करने और नियमानुसार निपटाने पर जोर दिया जाएगा। इसका उद्देश्य कार्यालयों को साफ रखने के साथ पर्यावरण पर ई-वेस्ट के संभावित प्रभाव को कम करना भी है।
प्रगति की जानकारी एक समर्पित निगरानी पोर्टल पर नियमित रूप से उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि अभियान के लक्ष्यों और गतिविधियों की निगरानी की जा सके।
Special Campaign 6 को पिछले अभियान की उपलब्धियों के आधार पर आगे बढ़ाया जा रहा है। कपड़ा मंत्रालय के अनुसार, Special Campaign 5 के दौरान मंत्रालय ने 19,376 भौतिक फाइलों की व्यापक समीक्षा की थी।
इस समीक्षा के बाद 6,264 भौतिक फाइलों को नियमानुसार हटाया गया और 274 ई-फाइलें बंद की गईं। इससे कार्यालयों में लगभग 25,498 वर्ग फुट जगह खाली हुई।
अभियान के दौरान स्क्रैप और अन्य अनुपयोगी सामग्री के निपटान से लगभग ₹11.35 लाख का राजस्व भी प्राप्त हुआ। इसके अलावा कुल 200 स्थानों की सफलतापूर्वक सफाई की गई।
पिछले अभियान में मंत्रालय ने लंबित महत्वपूर्ण संदर्भों पर भी कार्रवाई की। उपलब्ध जानकारी के अनुसार 63 वीआईपी संदर्भों का समय पर समाधान किया गया।
इसके अलावा अभियान की शुरुआत में लंबित सार्वजनिक शिकायतों में से मंत्रालय ने 44 शिकायतों का निपटारा कर 100 प्रतिशत लक्ष्य हासिल किया। यह कार्य सरकारी कार्यालयों में लंबित मामलों को कम करने और शिकायतों के समाधान की दिशा में अभियान के महत्व को दर्शाता है।
Special Campaign 6 का उद्देश्य केवल कुछ सप्ताह तक चलने वाली सफाई गतिविधियों तक सीमित नहीं है। इसका एक व्यापक लक्ष्य सरकारी कार्यालयों में स्वच्छता, रिकॉर्ड प्रबंधन, बेहतर स्थान उपयोग और समय पर कार्य निपटाने की आदत को नियमित कार्य संस्कृति का हिस्सा बनाना है।
इस वर्ष ई-वेस्ट प्रबंधन को शामिल करने से अभियान का पर्यावरणीय पक्ष भी मजबूत हुआ है। अलग-अलग मंत्रालय और उनके अधीन कार्यालय अपने निर्धारित लक्ष्यों के अनुसार सफाई, रिकॉर्ड समीक्षा और लंबित मामलों के निपटारे पर काम करेंगे।
Conclusion
कपड़ा मंत्रालय का Special Campaign 6 स्वच्छता और लंबित सरकारी कामों के निपटारे के साथ-साथ ई-वेस्ट प्रबंधन पर विशेष ध्यान केंद्रित करेगा। 15 से 30 सितंबर तक तैयारी, 2 से 31 अक्टूबर तक मुख्य कार्यान्वयन और 16 से 30 नवंबर तक मूल्यांकन की प्रक्रिया के जरिए अभियान को आगे बढ़ाया जाएगा।
Special Campaign 5 में 19,376 फाइलों की समीक्षा, 6,264 फाइलों को हटाना, 274 ई-फाइलों को बंद करना, 25,498 वर्ग फुट जगह खाली करना और ₹11.35 लाख का राजस्व जुटाना जैसी उपलब्धियां दर्ज की गई थीं। अब Special Campaign 6 के माध्यम से इन प्रयासों को आगे बढ़ाने और सरकारी कार्यालयों को अधिक स्वच्छ, व्यवस्थित और कुशल बनाने पर जोर दिया जा रहा है।