टेक दिग्गज Microsoft बुधवार के बाद एक्सटेंडेड ट्रेडिंग सेशन में 4 ट्रिलियन डॉलर के क्लब में शामिल होने के लिए तैयार है। उम्मीद से बेहतर मुनाफे के साथ माइक्रोसॉफ्ट के शेयरों में 8% की बढ़ोतरी हुई और अब यह चिपमेकर एनवीडिया के साथ शामिल हो जाएगा, जिसने इस महीने की शुरुआत में यह उपलब्धि हासिल की थी।
यह पिछले तीन वर्षों में माइक्रोसॉफ्ट की सबसे तेज़ विस्तार रेट है। Azure क्लाउड कंप्यूटिंग बिज़नेस 18% रेवेनुए ग्रोथ का कारण है। पहली बार Microsoft Azure और अन्य क्लाउड सर्विस की सेल FY25 में 75 बिलियन डॉलर से अधिक हो गई, जो पिछले वर्षों की तुलना में 34% की वृद्धि है।
बुधवार के बंद होने तक, इस साल अब तक Microsoft के शेयरों में 22% की वृद्धि हुई है, जो S&P 500 की 8% वृद्धि से बेहतर प्रदर्शन है। कंपनी 25 जुलाई को 513.71 डॉलर के आल-टाइम उच्च स्तर पर पहुँची, और उसके बाद से कारोबार के बाद के घंटों में इसका शेयर 553 डॉलर से ऊपर चढ़ गया है।
यह मार्केट कैप लीडरबोर्ड पर एक अन्य टेक दिग्गज Apple से माइक्रोसॉफ्ट की बढ़त को भी दर्शाता है। एनवीडिया के बाद माइक्रोसॉफ्ट का स्थान आता है, जिसके शेयरों में इस साल एआई क्षेत्र में लिमिटेड इनोवेशन के कारण 17% की गिरावट आई है।
बुधवार देर रात मेटा के लिए भी ट्रेडिंग सेशन 11% की बढ़त के साथ फलदायी साबित हुआ। इस उछाल से निवेशकों की चिंताएँ कम होंगी, एआई निवेश को बढ़ावा मिलेगा और कम्पटीशन माइक्रोसॉफ्ट और अल्फाबेट के गूगल को कड़ी टक्कर मिलेगी।
मेटा ने अपने एनुअल कैपिटल एक्सपेंडिचर पूर्वानुमान के निचले स्तर को 2 अरब डॉलर तक बढ़ा दिया है, अब खर्च 66 अरब डॉलर से 72 अरब डॉलर के बीच होने का अनुमान है। CEO Mark Zuckerberg ने बताया कि एआई में प्रगति फेसबुक और इंस्टाग्राम पर कंपनी के कोर एडवरटाइजिंग बिज़नेस में उल्लेखनीय प्रगति ला रही है। एक्सपर्ट्स का अनुमान है, कि मेटा इस फाइनेंसियल ईयर के अंत तक एआई पर 120 अरब डॉलर खर्च करने वाला है।
इस साल की शुरुआत में माइक्रोसॉफ्ट ने बड़े पैमाने पर छंटनी का रिकॉर्ड बनाया। शेयर की कीमतों में उछाल के बावजूद सभी भूमिकाओं और टीमों में 9,000 से ज़्यादा कर्मचारियों को नौकरी से निकाला गया है। एआई निवेश को इसका कारण बताते हुए, लागत में कटौती भी इस तरह की छंटनी का एक प्रमुख कारण बन गई है। एच-1बी वीज़ा के लिए बढ़ते आवेदनों की आलोचना के ठीक एक दिन बाद CEO Satya Nadella ने कहा कि कर्मचारियों की संख्या में कोई बड़ा बदलाव नहीं हुआ है। उन्होंने कंपनी की "resilience" की ओर इशारा किया और बताया कि छंटनी एक "tough decision" था। हालाँकि नौकरियों में कटौती सिर्फ़ माइक्रोसॉफ्ट तक ही सीमित नहीं है। इस साल इंटेल, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) और अमेज़न जैसी अन्य कंपनियाँ भी इस लिस्ट में शामिल हैं।