दुनिया की बड़ी टेक कंपनियों में से एक Meta एक बार फिर छंटनी की खबरों को लेकर चर्चा में है। रिपोर्ट्स के मुताबिक मार्क ज़करबर्ग की कंपनी आने वाले समय में लगभग 16,000 कर्मचारियों की नौकरी कम करने की योजना बना सकती है। कहा जा रहा है, कि यह कंपनी के कुल कर्मचारियों का करीब 20% हिस्सा हो सकता है। हालांकि कंपनी ने अभी ऑफिसियल तौर पर इस योजना की पुष्टि नहीं की है। Meta के प्रवक्ता एंडी स्टोन ने कहा है, कि यह रिपोर्ट केवल अटकलों पर आधारित है। फिर भी टेक इंडस्ट्री में इस खबर ने बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है, कि क्या AI के बढ़ते निवेश के कारण नौकरी संकट बढ़ रहा है।
जानकारों का कहना है, कि Meta इस समय Artificial Intelligence (AI) पर भारी निवेश कर रही है। कंपनी बड़े पैमाने पर डेटा सेंटर, AI मॉडल और नई तकनीक पर पैसा खर्च कर रही है। Meta ने यह भी संकेत दिया है, कि वह 2028 तक AI डेटा सेंटर बनाने के लिए लगभग 600 अरब डॉलर निवेश करने की योजना बना रही है। इतना बड़ा निवेश कंपनी की लागत को काफी बढ़ा सकता है। विशेषज्ञों का मानना है, कि इस खर्च को संतुलित करने और काम को अधिक कुशल बनाने के लिए कंपनी कर्मचारियों की संख्या कम करने पर विचार कर सकती है।
Meta के CEO Mark Zuckerberg ने पहले भी संकेत दिया था, कि AI की मदद से अब कई ऐसे काम हो सकते हैं, जिनके लिए पहले बड़ी टीमों की जरूरत पड़ती थी। उन्होंने कहा कि अब कुछ प्रोजेक्ट ऐसे दिख रहे हैं, जिन्हें पहले कई लोग मिलकर करते थे, लेकिन अब उन्हें एक बेहद कुशल व्यक्ति और AI टूल्स की मदद से पूरा किया जा सकता है। यही वजह है, कि कई टेक कंपनियां AI automation की ओर तेजी से बढ़ रही हैं।
Meta के पास अभी लगभग 79,000 कर्मचारी काम करते हैं। यदि कंपनी 20% कर्मचारियों को कम करने का फैसला करती है, तो लगभग 16,000 लोगों की नौकरी प्रभावित हो सकती है। यह Meta के इतिहास की सबसे बड़ी छंटनियों में से एक होगी। इससे पहले कंपनी ने नवंबर 2022 में 11,000 कर्मचारियों को निकाला था, जो उस समय कुल कर्मचारियों का लगभग 13% था। इसके बाद 2023 में भी कंपनी ने 10,000 नौकरियाँ कम करने की घोषणा की थी।
Meta अकेली कंपनी नहीं है, जो इस तरह के बदलाव पर विचार कर रही है। हाल ही में Amazon ने भी लगभग 16,000 कर्मचारियों की नौकरी कम करने की बात कही थी। इसके अलावा फ़िनटेक कंपनी Block ने भी अपने कई कर्मचारियों को निकाल दिया। कंपनी के CEO जैक डोर्सी ने कहा था, कि AI टूल्स की बढ़ती क्षमता के कारण अब छोटी टीमों के साथ भी ज्यादा काम किया जा सकता है।
टेक विशेषज्ञों का मानना है, कि Artificial Intelligence आने वाले वर्षों में काम करने के तरीके को पूरी तरह बदल सकता है। जहां एक तरफ AI नई नौकरियाँ पैदा करेगा, वहीं दूसरी तरफ कई पारंपरिक भूमिकाएँ खत्म भी हो सकती हैं। Meta की संभावित छंटनी की खबर इसी बदलाव का संकेत मानी जा रही है। अब सबकी नजर इस बात पर है, कि क्या Meta वास्तव में इतनी बड़ी छंटनी का फैसला लेती है, या यह सिर्फ रिपोर्ट्स तक ही सीमित रह जाता है
हालांकि मेटा का एआई सफर कुछ खास नहीं है। कंपनी के लामा 4 मॉडल पर भ्रामक नतीजे दिखाने के आरोप लगे हैं। सबसे बड़ा मॉडल बेहेमोथ लॉन्च होने से पहल ही रद्द हो गया। नए मॉडल एवोकाडो का प्रदर्शन भी उम्मीदों से कम रहा। इन झटकों के बावजूद कंपनी एआई में ताबड़तोड़ पैसा लगा रही है, और इसी की कीमत अब उसके कर्मचारियों को चुकानी पड़ सकती है।