Meta एक बार फिर बड़े स्तर पर कर्मचारियों की छंटनी की तैयारी कर रही है, इस बार कंपनी का निशाना उसका Reality Labs डिविजन है, जो वर्चुअल रियलिटी, मेटावर्स और एक्सपेरिमेंटल हार्डवेयर पर काम करता है, रिपोर्ट के मुताबिक Meta Reality Labs में करीब 10 प्रतिशत कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखाने की योजना बना रही है, इसकी सबसे बड़ी वजह यह है, कि कंपनी अब अपना ज्यादा पैसा और फोकस आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI की तरफ शिफ्ट कर रही है।
Reality Labs में इस वक्त करीब 15,000 कर्मचारी काम कर रहे हैं, ऐसे में 10 प्रतिशत की कटौती का मतलब है, कि 1,000 से ज्यादा लोगों की नौकरी जा सकती है, Meta के कुल वर्कफोर्स, जो लगभग 78,000 कर्मचारियों का है, उसके मुकाबले यह संख्या भले ही कम लगे, लेकिन मेटावर्स यूनिट के अंदर इसका असर काफी गहरा होगा, खासतौर पर वर्चुअल रियलिटी हेडसेट और VR आधारित सोशल प्लेटफॉर्म्स पर काम करने वाली टीमें सबसे ज्यादा प्रभावित हो सकती हैं, रिपोर्ट में यह भी कहा गया है, कि छंटनी का आंकड़ा 10 प्रतिशत से ज्यादा भी हो सकता है।
इस फैसले के पीछे Meta के CEO Mark Zuckerberg की बदली हुई प्राथमिकताएं हैं, बीते एक साल में उन्होंने सीनियर लीडरशिप पर दबाव डाला है, कि भविष्य के बजट में कटौती की जाए, ताकि ज्यादा से ज्यादा संसाधन अगली पीढ़ी के AI सिस्टम बनाने में लगाए जा सकें, OpenAI और Google जैसी कंपनियों से बढ़ती प्रतिस्पर्धा ने Meta को साफ संकेत दे दिया है, कि AI ही आने वाले समय की सबसे बड़ी लड़ाई है, मार्क जुकरबर्ग ने अब AI को Meta की सबसे अहम रणनीतिक प्राथमिकता बना दिया है।
AI की तरफ इस शिफ्ट के चलते Meta पारंपरिक वर्चुअल रियलिटी प्रोडक्ट्स से कुछ फंड हटाकर अपने wearables बिजनेस में लगा रही है, इसमें स्मार्ट ग्लासेस और कलाई पर पहने जाने वाले कंप्यूटिंग डिवाइस शामिल हैं, जो AI फीचर्स के साथ आते हैं, अरबों डॉलर के निवेश के बावजूद Meta के VR हेडसेट्स अब तक आम यूजर्स के बीच खास पकड़ नहीं बना पाए हैं, इसके उलट AI-पावर्ड स्मार्ट ग्लासेस को बेहतर रिस्पॉन्स मिला है, Ray-Ban स्मार्ट ग्लासेस, जिनमें कैमरा और इनबिल्ट AI असिस्टेंट है, अब तक 20 लाख से ज्यादा यूनिट बिक चुके हैं।
अच्छी खबर यह है, कि ऑगमेंटेड रियलिटी यानी AR हार्डवेयर पर काम करने वाली टीमें इस छंटनी से काफी हद तक बची रह सकती हैं, ये टीमें ऐसे ग्लासेस और रिस्टबैंड बना रही हैं, जिनसे यूजर्स आवाज और हाथों के इशारों से डिजिटल मेन्यू कंट्रोल कर सकें, Meta ने हाल ही में यह भी कहा है, कि वह एडवांस डिस्प्ले वाले स्मार्ट ग्लासेस का इंटरनेशनल लॉन्च फिलहाल टाल रही है, क्योंकि सप्लाई सीमित है, और डिमांड उम्मीद से ज्यादा है।
Meta ने इन छंटनियों पर ऑफिसियल टिप्पणी करने से इनकार किया है, कंपनी का कहना है, कि वह मेटावर्स को पूरी तरह छोड़ नहीं रही, लेकिन संकेत साफ हैं, Meta का भविष्य अब वर्चुअल दुनिया से ज्यादा AI-ड्रिवन नजर आ रहा है।