Meta ने अपने अब तक के सबसे सक्षम AI मॉडल बताए जा रहे Muse Wonder और Muse Wonder Full पेश किए हैं। कंपनी के अनुसार, इन मॉडलों को व्यक्तिगत और पेशेवर कामों में मदद करने वाले AI एजेंट के लिए तैयार किया गया है। इनका उद्देश्य जटिल कामों को समझना, जरूरी जानकारी का विश्लेषण करना और उपयोगकर्ताओं को बेहतर परिणाम देना है।
यह लॉन्च Meta के AI विकास कार्यक्रम का अगला चरण है। इससे पहले कंपनी ने अप्रैल में Muse Spark और सितंबर में Muse पर्सनल AI एजेंट पेश किया था। Meta का कहना है कि उसने लगभग 14 महीने पहले अपनी AI रणनीति को नए सिरे से विकसित करना शुरू किया था। दोनों नए मॉडल कंपनी के गीगावॉट स्तर की क्षमता वाले Prometheus डेटा सेंटर में प्रशिक्षित किए गए हैं।
Meta के मुताबिक, दोनों मॉडल रोजमर्रा और पेशेवर जीवन के जटिल कामों में सहायता कर सकते हैं। उदाहरण के लिए, ये बीमा दावे की प्रक्रिया समझने, किराये के समझौते की शर्तों का विश्लेषण करने और व्यक्तिगत वित्त से जुड़ी जानकारी को समझने में मदद कर सकते हैं।
कंपनी ने कानून, वित्त, स्वास्थ्य और कोडिंग जैसे क्षेत्रों में इन मॉडलों की क्षमताओं पर विशेष जोर दिया है। इनका उद्देश्य केवल सवालों के जवाब देना नहीं, बल्कि कई चरणों वाले कामों को समझकर उन्हें पूरा करने में सहायता करना भी है।
इन मॉडलों में दो प्रमुख सुविधाएं दी गई हैं। पहली, Active Memory, जो अलग-अलग बातचीत के दौरान जरूरी संदर्भ को याद रखने में मदद करती है। इससे उपयोगकर्ता को हर बार पूरी जानकारी दोबारा बताने की जरूरत कम हो सकती है।
दूसरी सुविधा Active Focus है। यह मॉडल को कठिन कामों पर ध्यान बनाए रखने में मदद करती है। यदि कोई तरीका सफल नहीं होता, तो मॉडल दूसरे विकल्प आजमा सकता है, अपनी गलतियों से उबरने की कोशिश कर सकता है और महत्वपूर्ण कदम उठाने से पहले उपयोगकर्ता से पुष्टि मांग सकता है।
Meta के अनुसार, दोनों मॉडलों में एक मिलियन टोकन की कॉन्टेक्स्ट विंडो है। इसका अर्थ है कि मॉडल एक बार में बहुत बड़ी मात्रा में जानकारी को संदर्भ के रूप में संभाल सकते हैं। ये टेक्स्ट, तस्वीरें, वीडियो, ऑडियो और PDF फाइलों से इनपुट ले सकते हैं, जबकि उनका आउटपुट टेक्स्ट के रूप में मिलता है।
सुरक्षा के मामले में Meta का दावा है कि Muse Wonder में रासायनिक, जैविक, रेडियोलॉजिकल, परमाणु और साइबर दुरुपयोग से जुड़े खतरों के खिलाफ उसके अब तक के सबसे मजबूत सुरक्षा उपाय शामिल हैं। कंपनी के अनुसार, इन सुरक्षा उपायों के साथ रक्षात्मक साइबर सुरक्षा से जुड़ी क्षमताओं को भी बनाए रखा गया है। यह काम Meta के Superintelligence Scaling Framework के तहत किया गया है।
Meta ने अपने बेंचमार्क चार्ट में Muse Wonder और Wonder Full की तुलना Claude Opus 5.5, Claude Fable 5.1 और GPT-6 Astra जैसे मॉडलों से की है। अलग-अलग परीक्षणों में इन मॉडलों का प्रदर्शन एक जैसा नहीं रहा।
स्वतंत्र परीक्षण संस्था Artificial Analysis के अनुसार, Muse Wonder Full ने Intelligence Index पर 56 अंक हासिल किए। इस स्कोर के साथ उसने Claude Sonnet 5.5 के बराबर प्रदर्शन किया और GPT-6 Astra, Gemini 4 Argon तथा Claude Fable 5.1 के 53 अंकों से आगे रहा। हालांकि, Claude Opus 5.5 ने 58 अंकों के साथ इससे बेहतर स्कोर हासिल किया। वहीं, सामान्य Muse Wonder मॉडल को 52 अंक मिले।
लंबे समय तक चलने वाले कोडिंग कार्यों में Wonder Full ने बेहतर प्रदर्शन दिखाया। SWE-Marathon परीक्षण में इसे 57.5 अंक मिले, जबकि Claude Opus 5.5 को 46.3 और GPT-6 Astra को 42.5 अंक प्राप्त हुए।
हालांकि, हर परीक्षण में Wonder Full आगे नहीं रहा। Terminal-Bench 4.0 में Claude Opus 5.5 और GPT-6 Astra दोनों ने इससे बेहतर प्रदर्शन किया। स्वास्थ्य संबंधी सवालों के मामले में भी Claude Opus 5.5 आगे रहा।
इन परिणामों से पता चलता है कि किसी AI मॉडल की क्षमता का आकलन केवल एक स्कोर से नहीं किया जा सकता। कोडिंग, स्वास्थ्य संबंधी जानकारी और अन्य जटिल कामों में अलग-अलग मॉडलों की ताकत अलग हो सकती है।
Muse Wonder को Meta Model API और Muse Code के माध्यम से उपलब्ध कराया गया है। रिपोर्टों के अनुसार, यह OpenRouter पर भी उपलब्ध है।
डेवलपर पेजों पर दी गई जानकारी के मुताबिक, इसकी कीमत प्रति दस लाख इनपुट टोकन 4 डॉलर और प्रति दस लाख आउटपुट टोकन 20 डॉलर है। यह दर Claude Opus 5.5 की कीमत के बराबर बताई गई है।
इनपुट टोकन का संबंध उस जानकारी से है, जिसे मॉडल को दिया जाता है, जबकि आउटपुट टोकन मॉडल द्वारा तैयार किए गए जवाब का हिस्सा होते हैं। इसलिए वास्तविक खर्च इस बात पर निर्भर करेगा कि कोई उपयोगकर्ता कितनी जानकारी भेजता है और मॉडल से कितना उत्तर तैयार करवाता है।
Muse Wonder Full के लिए फिलहाल सार्वजनिक API उपलब्ध नहीं है। रिपोर्टों के अनुसार, इसका इस्तेमाल केवल Muse Code के कुछ सशुल्क ग्राहकों तक सीमित है। इसमें 50 डॉलर प्रति माह वाला Power प्लान और 200 डॉलर प्रति माह वाला Maximum प्लान शामिल बताए गए हैं।
इस सीमित उपलब्धता का मतलब है कि फिलहाल डेवलपर और सामान्य उपयोगकर्ता दोनों मॉडलों का इस्तेमाल समान तरीके से नहीं कर सकते। Wonder को API के माध्यम से इस्तेमाल करने का विकल्प मिलता है, जबकि Wonder Full तक पहुंच सदस्यता योजनाओं के जरिए दी जा रही है।
Meta का कहना है कि आने वाले समय में Muse Wonder को अपने Muse ऐप की अधिक सुविधाओं में शामिल किया जाएगा। इसकी शुरुआत सशुल्क ग्राहकों से होने की उम्मीद है। बाद में कंपनी इन मॉडलों की मदद से विशेष उद्देश्यों के लिए तैयार किए गए AI मॉडल विकसित करने की योजना बना रही है, जिन्हें सभी Muse उपयोगकर्ताओं के लिए उपलब्ध कराया जा सकता है।
इस रणनीति के जरिए Meta व्यक्तिगत उपयोग और पेशेवर कार्यों के बीच AI की उपयोगिता बढ़ाना चाहता है। Active Memory, Active Focus, लंबी कॉन्टेक्स्ट विंडो और कोडिंग जैसी क्षमताएं इसे जटिल कार्यों के लिए उपयोगी बना सकती हैं।
हालांकि, वास्तविक उपयोग में इन मॉडलों की प्रभावशीलता उनकी सटीकता, सुरक्षा, उपलब्धता और लागत पर निर्भर करेगी। बेंचमार्क के नतीजे शुरुआती तुलना प्रदान करते हैं, लेकिन वे हर तरह के काम में बेहतर प्रदर्शन की गारंटी नहीं देते।
कुल मिलाकर, Muse Wonder और Muse Wonder Full Meta की AI रणनीति में एक महत्वपूर्ण कदम हैं। यदि कंपनी अपनी योजनाओं के अनुसार इन मॉडलों को अधिक उपयोगकर्ताओं तक पहुंचाती है, तो व्यक्तिगत AI एजेंट, कोडिंग और पेशेवर कामों में इनकी भूमिका बढ़ सकती है।