फेसबुक और इंस्टाग्राम की मूल कंपनी मेटा ने चीनी कंपनी बाइटडांस से जुड़े विज्ञापनों पर नई पाबंदियां लागू की हैं। ByteDance ही लोकप्रिय वीडियो मंच TikTok की मालिक कंपनी है। ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के अनुसार, यह प्रतिबंध गुरुवार से लागू हुआ और इसमें अमेरिका सहित कई अंतरराष्ट्रीय बाजार शामिल हैं।
नई नीति के तहत बाइटडांस की ओर से प्रकाशित विज्ञापनों और भुगतान करके किए जाने वाले प्रचार पर रोक लगाई गई है। इसके अलावा, ऐसे तीसरे पक्ष के विज्ञापन भी इस दायरे में आते हैं, जो लोगों को TikTok या बाइटडांस की दूसरी सेवाओं तक पहुंचाते हैं।
यह फैसला ऐसे समय आया है, जब प्रमुख सोशल मीडिया कंपनियों के बीच उपयोगकर्ताओं को आकर्षित करने और उन्हें अपने मंच पर बनाए रखने की प्रतिस्पर्धा बढ़ रही है। Meta और TikTok दोनों ही लोगों का ध्यान आकर्षित करने, विज्ञापन से कमाई बढ़ाने और अपने उपयोगकर्ता आधार का विस्तार करने की कोशिश करते हैं। ऐसे में प्रतिद्वंद्वी मंचों के प्रचार पर रोक लगाने का फैसला डिजिटल बाजार में प्रतिस्पर्धा को और चर्चा में ला सकता है।
Meta की नई नीति प्रभावित देशों में बाइटडांस ByteDance को अपने उत्पादों और सेवाओं का प्रचार Meta के मंचों पर विज्ञापनों के माध्यम से करने से रोकती है। इसका मतलब है कि कंपनी Facebook और Instagram पर विज्ञापन देकर अपने मंचों तक नए उपयोगकर्ताओं को पहुंचाने के सामान्य तरीके का इस्तेमाल नहीं कर सकेगी।
यह प्रतिबंध केवल ByteDance की ओर से सीधे खरीदे गए विज्ञापनों तक सीमित नहीं है। इसमें तीसरे पक्ष के विज्ञापनदाता भी शामिल हो सकते हैं, यदि उनके प्रचार अभियान लोगों को TikTok या ByteDance की दूसरी सेवाओं तक ले जाते हैं।
नई नीति का दायरा व्यापक होने के कारण उन कंपनियों और विज्ञापनदाताओं पर भी असर पड़ सकता है, जो Meta के मंचों का उपयोग करके TikTok से जुड़े प्रचार अभियान चलाते हैं।
उदाहरण के लिए, यदि कोई विज्ञापन किसी अन्य सेवा या सामग्री का प्रचार करते हुए उपयोगकर्ताओं को TikTok पर पहुंचाता है, तो वह भी प्रतिबंध के दायरे में आ सकता है। हालांकि, इसका वास्तविक प्रभाव विज्ञापन के स्वरूप और नीति को लागू करने के तरीके पर निर्भर करेगा।
इस फैसले से प्रभावित देशों में ByteDance की प्रचार रणनीति बदल सकती है। कंपनी को TikTok और अपनी अन्य सेवाओं के प्रचार के लिए दूसरे माध्यमों पर अधिक निर्भर होना पड़ सकता है।
Meta ने अपने फैसले का बचाव करते हुए कहा है कि डिजिटल मंचों के बीच प्रतिस्पर्धा होना स्वाभाविक है। द वर्ज को दिए गए बयान में कंपनी के प्रवक्ता क्रिस्टोफर स्ग्रो ने इस नीति के पीछे का तर्क समझाया।
स्ग्रो के अनुसार, Meta के लिए ऐसे प्रतिस्पर्धी के विज्ञापन चलाना जरूरी नहीं है, जिसका उद्देश्य उसके अपने ऐप से उपयोगकर्ताओं को हटाकर अपने मंच पर ले जाना हो। उन्होंने यह भी कहा कि अलग-अलग उद्योगों में कंपनियां अपने प्रतिस्पर्धियों को प्रचार संबंधी सेवाएं देने से इनकार करती रही हैं।
उनके बयान के मुताबिक, Meta अपने उत्पादों को बेहतर बनाने और उपयोगकर्ताओं को अच्छा अनुभव देने के माध्यम से प्रतिस्पर्धा करना चाहता है।
Meta की इस दलील के पीछे व्यावसायिक हित भी महत्वपूर्ण हैं। Facebook, Instagram और TikTok उपयोगकर्ताओं का समय, विज्ञापन से होने वाली कमाई और लोगों की भागीदारी बढ़ाने के लिए एक-दूसरे से प्रतिस्पर्धा करते हैं।
ऐसी स्थिति में किसी प्रतिद्वंद्वी मंच को अपने ही विज्ञापन नेटवर्क के माध्यम से प्रचार करने की अनुमति देना कंपनी के लिए संवेदनशील विषय हो सकता है। Meta का फैसला इसी प्रतिस्पर्धा को दर्शाता है।
एक रिपोर्ट के अनुसार, यह प्रतिबंध केवल अमेरिका तक सीमित नहीं है। कनाडा, मिस्र, इंडोनेशिया, जापान, थाईलैंड और वियतनाम में भी ByteDance तथा TikTok से जुड़े विज्ञापनों पर रोक लागू की गई है।
इन देशों में भी ByteDance के सीधे विज्ञापनों और ऐसे तीसरे पक्ष के प्रचार अभियानों पर प्रतिबंध लागू होता है, जो उपयोगकर्ताओं को TikTok या ByteDance की अन्य सेवाओं तक पहुंचाते हैं।
कई देशों में एक साथ लागू की गई यह नीति अंतरराष्ट्रीय स्तर पर व्यापक प्रभाव डाल सकती है। इससे ByteDance को अपनी विज्ञापन रणनीति पर दोबारा विचार करना पड़ सकता है। वहीं, TikTok से जुड़े प्रचार पर निर्भर व्यवसायों को भी अपने विज्ञापन अभियान बदलने पड़ सकते हैं।
हालांकि, यह स्पष्ट करना जरूरी है कि Meta के मंचों पर विज्ञापन लगाने पर प्रतिबंध का अर्थ संबंधित देशों में TikTok के संचालन पर प्रतिबंध लगना नहीं है। यह कार्रवाई Meta की विज्ञापन सेवाओं से संबंधित है, न कि अपने आप में TikTok पर पूर्ण प्रतिबंध।
विज्ञापनों पर यह रोक ऐसे समय आई है, जब सोशल मीडिया कंपनियों के बीच ऑनलाइन सुरक्षा और खासकर बच्चों तथा किशोरों की सुरक्षा को लेकर भी मतभेद सामने आते रहे हैं।
दी गई रिपोर्ट के अनुसार, Meta ने TikTok और YouTube से बच्चों की सुरक्षा के लिए समान प्रकार के उपाय अपनाने की मांग की है। रिपोर्ट में 17 अरब डॉलर के भुगतान और किशोरों के लिए अतिरिक्त पाबंदियों से जुड़े एक समझौते का भी उल्लेख किया गया है।
Meta का रुख यह है कि बड़े सोशल मीडिया मंचों को कम उम्र के उपयोगकर्ताओं की सुरक्षा के लिए समान रूप से जिम्मेदार कदम उठाने चाहिए। यह मुद्दा सोशल मीडिया कंपनियों की जवाबदेही और बच्चों पर ऑनलाइन सामग्री के प्रभाव से जुड़ी व्यापक बहस का हिस्सा बन गया है।
रिपोर्ट के अनुसार, TikTok ने विज्ञापनों पर लगाई गई नई पाबंदियों को लेकर सार्वजनिक रूप से कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। इसमें यह दावा भी किया गया है कि TikTok ने बच्चों की सुरक्षा से जुड़े समान समझौतों के लिए Meta की ओर से किए गए विज्ञापन प्रस्तावों को स्वीकार नहीं किया।
इन घटनाओं से संकेत मिलता है कि दोनों कंपनियों के बीच मतभेद केवल विज्ञापन और बाजार में हिस्सेदारी तक सीमित नहीं हैं। बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा और कम उम्र के उपयोगकर्ताओं के लिए नियमों को लेकर भी उनके बीच असहमति हो सकती है।
हालांकि, रिपोर्ट में बताए गए समझौते, भुगतान और दोनों कंपनियों के रुख से जुड़े विवरणों की आधिकारिक बयानों से पुष्टि करना जरूरी है। इन तथ्यों की स्वतंत्र पुष्टि के बिना किसी दावे को अंतिम निष्कर्ष के रूप में प्रस्तुत नहीं किया जाना चाहिए।
Meta का यह कदम दिखाता है कि सोशल मीडिया कंपनियां अपनी विज्ञापन नीतियों के माध्यम से प्रतिस्पर्धा को प्रभावित कर सकती हैं। ByteDance से जुड़ी सेवाओं के प्रचार पर रोक लगाकर Meta ने TikTok के लिए Facebook और Instagram के जरिए संभावित उपयोगकर्ताओं तक पहुंचने का एक रास्ता सीमित कर दिया है।
इससे प्रभावित विज्ञापनदाताओं को अपनी प्रचार रणनीतियों में बदलाव करना पड़ सकता है। उन्हें दूसरे विज्ञापन माध्यमों और प्रचार के विकल्पों पर विचार करना पड़ सकता है। हालांकि, इसका वास्तविक असर इस बात पर निर्भर करेगा कि कंपनियां नई नीति के अनुसार अपने अभियान कैसे बदलती हैं।
यह फैसला व्यावसायिक प्रतिस्पर्धा, मंचों की नीतियों और बच्चों की सुरक्षा जैसे मुद्दों के बीच बढ़ते संबंध को भी सामने लाता है। आने वाले समय में दूसरी सोशल मीडिया कंपनियां भी अपनी विज्ञापन नीतियों और प्रतिस्पर्धियों से जुड़े नियमों की समीक्षा कर सकती हैं।
अमेरिका, कनाडा और कई अन्य देशों में ByteDance तथा TikTok से जुड़े विज्ञापनों पर Meta की ओर से लगाई गई रोक सोशल मीडिया कंपनियों के बीच बढ़ती प्रतिस्पर्धा का एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम है। इस नीति में ByteDance के सीधे प्रचार के साथ उन तीसरे पक्ष के विज्ञापनों को भी शामिल किया गया है, जो लोगों को उसकी सेवाओं तक पहुंचाते हैं।
दूसरी ओर, बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा को लेकर जारी मतभेद इस मामले को और व्यापक बनाते हैं। हालांकि, इस फैसले को TikTok पर पूर्ण प्रतिबंध नहीं समझना चाहिए। इसका वास्तविक प्रभाव नीति के क्रियान्वयन, विज्ञापनदाताओं की प्रतिक्रिया और प्रभावित बाजारों में कंपनियों की आगे की रणनीति पर निर्भर करेगा।