ऑनलाइन खरीदारी के क्षेत्र में अब केवल प्रोडक्ट की तस्वीर और उसकी जानकारी ही ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए पर्याप्त नहीं रह गई है। वीडियो के माध्यम से प्रोडक्ट को दिखाना और उसके इस्तेमाल को समझाना भी खरीदारी के अनुभव का महत्वपूर्ण हिस्सा बनता जा रहा है। इसी बदलाव का फायदा ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म मीशो को भी मिल रहा है।
मीशो के कंटेंट कॉमर्स कारोबार की बिक्री वैल्यू पिछले 12 महीनों में सालाना आधार पर 152 प्रतिशत बढ़ी है। इस तेज वृद्धि में क्रिएटर द्वारा बनाए गए वीडियो की बड़ी भूमिका रही है। इन वीडियो के माध्यम से ग्राहक अलग-अलग प्रोडक्ट को देखने, समझने और खोजने में अधिक आसानी महसूस कर रहे हैं। इससे ऑनलाइन खरीदारी केवल जरूरत पूरी करने का माध्यम नहीं रह गई, बल्कि एक सहज और मनोरंजक अनुभव भी बन रही है।
मीशो ने इसके लिए क्रिएटर्स और विक्रेताओं का एक बड़ा नेटवर्क तैयार किया है। प्लेटफॉर्म पर 1.6 लाख से अधिक सक्रिय क्रिएटर्स और 4 लाख से अधिक विक्रेता मिलकर काम कर रहे हैं। इनके जरिए छोटे वीडियो को प्रोडक्ट खोजने और खरीदारी तक पहुंचने के एक महत्वपूर्ण माध्यम के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है।
मीशो Meesho के कंटेंट कॉमर्स मॉडल की लोकप्रियता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि इसके वीडियो हर महीने करीब 7 से 8 करोड़ विजिट आकर्षित करते हैं। फरवरी 2025 में सामने आई जानकारी के अनुसार, इन वीडियो से जुड़ी गतिविधियों में लेनदेन करने वाले कुल ग्राहकों में से 8 प्रतिशत से कुछ अधिक की भागीदारी रही।
यह आंकड़ा बताता है कि ग्राहक अब केवल पारंपरिक तरीके से प्रोडक्ट खोजने के बजाय वीडियो के जरिए भी खरीदारी के विकल्प तलाश रहे हैं। वीडियो में किसी सामान को इस्तेमाल करते हुए देखना ग्राहक को उसकी उपयोगिता और वास्तविक रूप को समझने में मदद करता है।
मीशो के अनुसार, इस पूरे चलन में छोटे शहरों और गैर-मेट्रो इलाकों की महत्वपूर्ण भूमिका है। यहां नैनो क्रिएटर्स बड़ी संख्या में कंटेंट तैयार कर रहे हैं। इनमें छात्र, गृहिणियां और ऐसे लोग शामिल हैं जो अपने रोजमर्रा के अनुभवों के आधार पर प्रोडक्ट के बारे में जानकारी साझा करते हैं।
नैनो क्रिएटर्स की खासियत यह है कि वे अपने आसपास के लोगों और स्थानीय दर्शकों से आसानी से जुड़ पाते हैं। इसलिए उनके द्वारा बनाए गए वीडियो ग्राहकों को अधिक स्वाभाविक और भरोसेमंद लग सकते हैं। इससे छोटे शहरों के ग्राहकों को भी नए प्रोडक्ट खोजने का एक आसान माध्यम मिल रहा है।
पिछले 12 महीनों में मीशो ने पूरे भारत में 1.6 लाख से अधिक सक्रिय क्रिएटर्स का नेटवर्क तैयार किया है। इनमें करीब 81 प्रतिशत क्रिएटर्स गैर-मेट्रो भारत से आते हैं। यह आंकड़ा बताता है कि वीडियो आधारित कॉमर्स का विस्तार केवल बड़े शहरों तक सीमित नहीं है।
इस नेटवर्क में अलग-अलग पृष्ठभूमि के लोग शामिल हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, करीब 40 प्रतिशत क्रिएटर्स गृहिणियां हैं, जबकि लगभग 30 प्रतिशत युवा स्नातक हैं। वहीं, करीब एक-चौथाई क्रिएटर्स ऐसे हैं जो Meesho के प्लेटफॉर्म पर पूरी तरह नए हैं।
क्रिएटर आधारित कॉमर्स ने ऐसे लोगों के लिए भी अवसर तैयार किया है जो पारंपरिक ई-कॉमर्स कारोबार का हिस्सा नहीं रहे हैं। गृहिणियां अपने अनुभव के आधार पर घरेलू उपयोग के सामानों के बारे में वीडियो बना सकती हैं, जबकि युवा स्नातक अपनी पसंद और प्रोडक्ट की जानकारी को दर्शकों के साथ साझा कर सकते हैं।
इस तरह क्रिएटर नेटवर्क केवल ग्राहकों को प्रोडक्ट दिखाने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह आम लोगों को डिजिटल कारोबार की अर्थव्यवस्था से जोड़ने का जरिया भी बन रहा है।
मीशो के कंटेंट कॉमर्स मॉडल में क्रिएटर्स के साथ बड़ी संख्या में विक्रेता भी जुड़े हैं। प्लेटफॉर्म पर 4 लाख से अधिक विक्रेता मौजूद हैं, जिन्हें क्रिएटर वीडियो के माध्यम से संभावित ग्राहकों तक पहुंचने का अवसर मिलता है।
विक्रेताओं के लिए कंटेंट को व्यवस्थित करना और सही ग्राहकों तक पहुंचाना आसान बनाने के लिए प्लेटफॉर्म पर अलग-अलग तकनीकी और AI आधारित टूल का इस्तेमाल किया जा रहा है। इससे विक्रेताओं को हर चरण में अलग से जटिल प्रक्रिया अपनाने की जरूरत कम हो सकती है।
वीडियो आधारित प्रोडक्ट खोज का असर खासतौर पर घर, रसोई, सौंदर्य और फैशन से जुड़े सामानों पर दिखाई दे रहा है। इन श्रेणियों में ग्राहक अक्सर यह देखना चाहते हैं कि कोई सामान वास्तविक रूप में कैसा दिखता है और उसका इस्तेमाल किस तरह किया जाता है।
उदाहरण के लिए, किसी रसोई के सामान का इस्तेमाल करते हुए वीडियो या किसी फैशन प्रोडक्ट को पहनकर दिखाने वाला वीडियो ग्राहक को केवल तस्वीर की तुलना में अधिक जानकारी दे सकता है। इसी वजह से वीडियो प्रोडक्ट खोज और खरीदारी के बीच की दूरी को कम करने में मदद कर रहा है।
मीशो का बढ़ता कंटेंट कॉमर्स कारोबार इस बात का संकेत है कि भारत में ऑनलाइन खरीदारी का तरीका लगातार बदल रहा है। खास तौर पर छोटे शहरों और गैर-मेट्रो इलाकों में क्रिएटर्स की बढ़ती भागीदारी से यह बदलाव और तेज हो रहा है।
152 प्रतिशत की वृद्धि, 1.6 लाख से अधिक सक्रिय क्रिएटर्स, 4 लाख से अधिक विक्रेताओं और हर महीने 7 से 8 करोड़ वीडियो विजिट जैसे आंकड़े बताते हैं कि क्रिएटर आधारित वीडियो अब केवल मनोरंजन का साधन नहीं रह गए हैं। वे प्रोडक्ट खोज, ग्राहक जुड़ाव और ऑनलाइन खरीदारी की प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा बनते जा रहे हैं।
आने वाले समय में जैसे-जैसे छोटे शहरों में इंटरनेट और डिजिटल खरीदारी का विस्तार होगा, क्रिएटर वीडियो आधारित कॉमर्स की भूमिका और बढ़ सकती है। Meesho का मॉडल यह भी दिखाता है कि स्थानीय स्तर पर बनाए गए सरल और उपयोगी वीडियो किस तरह ग्राहकों और विक्रेताओं के बीच एक नया डिजिटल संपर्क बना सकते हैं।