जैसे-जैसे भारत का डिजिटल कॉमर्स इकोसिस्टम विकसित हो रहा है, उपभोक्ता पारंपरिक कीवर्ड सर्च की बजाय पर्सनलाइज्ड रिकमेंडेशन पर अधिक निर्भर होते जा रहे हैं। इसी बदलाव को ध्यान में रखते हुए Meesho ने अपने स्वामित्व वाले आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) फ्रेमवर्क PRISM (Personalised Ranking & Intent Signal Module) के बढ़ते प्रभाव को रेखांकित किया है। यह प्रणाली उत्पाद खोज (Product Discovery) को बेहतर बनाने और उपयोगकर्ताओं के लिए अत्यधिक व्यक्तिगत खरीदारी अनुभव तैयार करने के लिए विकसित की गई है। कंपनी का कहना है कि यह प्लेटफॉर्म अब करोड़ों ग्राहकों के लिए रियल-टाइम में उनकी पसंद और जरूरतों को समझते हुए शॉपिंग अनुभव को बेहतर बना रहा है।
Meesho के अनुसार PRISM को ऐसे कॉमर्स इकोसिस्टम के लिए तैयार किया गया है, जहां ग्राहक सर्च बार में कीवर्ड टाइप करने की बजाय रिकमेंडेशन, ब्राउज़िंग पैटर्न और पर्सनलाइज्ड फीड्स के माध्यम से उत्पादों की खोज करते हैं। यह मॉडल भारतीय उपभोक्ताओं के उस बड़े वर्ग के व्यवहार को दर्शाता है, जो अक्सर किसी विशेष उत्पाद को खोजने के बजाय ब्राउज़िंग के दौरान नए उत्पादों की खोज करता है।
कंपनी ने बताया कि उसके प्लेटफॉर्म पर होने वाले 75 प्रतिशत से अधिक ऑर्डर अब PRISM द्वारा संचालित AI-पावर्ड पर्सनलाइज्ड फीड्स से आते हैं। यह दर्शाता है, कि खरीदारी के निर्णयों को प्रभावित करने और ग्राहकों तक प्रासंगिक उत्पाद पहुंचाने में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की भूमिका लगातार बढ़ रही है।
जैसे-जैसे उपभोक्ताओं की अपेक्षाएं बदल रही हैं, ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म ऐसे बुद्धिमान रिकमेंडेशन सिस्टम में निवेश कर रहे हैं जो उपयोगकर्ताओं के व्यवहार को समझकर उनकी भविष्य की जरूरतों का अनुमान लगा सकें। Meesho का मानना है, कि आने वाले वर्षों में डिस्कवरी-आधारित शॉपिंग प्रमुख मॉडल बन जाएगी, खासकर तब जब करोड़ों नए इंटरनेट उपयोगकर्ता डिजिटल अर्थव्यवस्था से जुड़ेंगे।
PRISM को बेहद बड़े स्तर पर काम करने के लिए विकसित किया गया है। AI इंफ्रास्ट्रक्चर वर्तमान में लगभग 264 मिलियन वार्षिक ट्रांजैक्टिंग यूजर्स को सेवाएं प्रदान कर रहा है, और FY26 की चौथी तिमाही में 717 मिलियन ऑर्डर्स को सपोर्ट कर चुका है।
पर्सनलाइज्ड अनुभव देने के लिए यह सिस्टम प्लेटफॉर्म पर उपयोगकर्ताओं की गतिविधियों से उत्पन्न होने वाले विशाल डेटा का लगातार विश्लेषण करता है। इसमें ब्राउज़िंग आदतें, खरीदारी इतिहास, एंगेजमेंट पैटर्न, उत्पाद प्राथमिकताएं और शॉपिंग सत्रों के दौरान प्राप्त संदर्भात्मक संकेत शामिल हैं।
Meesho का कहना है, कि PRISM का इंटेलिजेंस लेयर इन सभी संकेतों का रियल-टाइम में विश्लेषण करता है, जिससे ग्राहकों को उनकी रुचियों के अनुरूप उत्पाद सुझाव और डायनेमिक रैंकिंग प्रदान की जा सकती है।
PRISM के केंद्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मशीन लर्निंग मॉडल्स का एक उन्नत नेटवर्क मौजूद है। कंपनी के अनुसार, इसकी संरचना 100 से अधिक AI-आधारित रैंकिंग मॉडल्स पर आधारित है, जिन्हें 400 ट्रिलियन से अधिक इनपुट सिग्नल्स पर प्रशिक्षित किया गया है।
ये मॉडल ग्राहक व्यवहार, उत्पाद की प्रासंगिकता, विक्रेता प्रदर्शन और मार्केटप्लेस ट्रेंड्स का मूल्यांकन करते हैं। इन सभी कारकों को मिलाकर यह तय किया जाता है कि किसी विशेष ग्राहक को किसी समय कौन-सा उत्पाद सबसे अधिक आकर्षित कर सकता है।
इसकी कार्यक्षमता का पैमाना भी बेहद बड़ा है। Meesho के अनुसार PRISM प्रतिदिन 6 ट्रिलियन से अधिक AI इनफेरेंस निष्पादित करता है, जिससे यह भारत के ई-कॉमर्स क्षेत्र में संचालित सबसे बड़े AI-आधारित रिकमेंडेशन सिस्टम्स में से एक बन जाता है।
PRISM की प्रमुख विशेषताओं में से एक इसकी बहुभाषी क्षमता है। यह सिस्टम वर्तमान में हिंदी, बंगाली, मराठी, तमिल, तेलुगु, कन्नड़, मलयालम, गुजराती, पंजाबी और ओड़िया सहित 10 से अधिक भारतीय भाषाओं में पर्सनलाइज्ड शॉपिंग अनुभव प्रदान करता है।
इस बहुभाषी समर्थन का उद्देश्य भारत के विविध डिजिटल उपभोक्ता वर्ग, विशेष रूप से छोटे शहरों और कस्बों के उपयोगकर्ताओं को बेहतर अनुभव प्रदान करना है, जो अपनी मातृभाषा में ऑनलाइन प्लेटफॉर्म का उपयोग करना पसंद करते हैं।
कंपनी ने बताया कि PRISM, Meesho के इन-हाउस मशीन लर्निंग इंफ्रास्ट्रक्चर प्लेटफॉर्म BharatMLStack पर आधारित है। यह तकनीकी ढांचा कंपनी को बड़े पैमाने पर AI समाधान उपलब्ध कराने के साथ-साथ भारत की भाषाई और सांस्कृतिक विविधता को भी संबोधित करने में सक्षम बनाता है।
PRISM की भूमिका केवल व्यक्तिगत उत्पाद सुझाव देने तक सीमित नहीं है। यह AI फ्रेमवर्क ट्रेंड फोरकास्टिंग, कैटलॉग समझने और विक्रेता विकास पहलों को भी समर्थन प्रदान करता है।
इस इकोसिस्टम का एक महत्वपूर्ण हिस्सा Trendpulse है, जो Meesho का बड़े भाषा मॉडल (LLM) पर आधारित डिस्कवरी इंजन है। यह प्लेटफॉर्म उपभोक्ता इंटरैक्शन और क्षेत्रीय मांग संकेतों का विश्लेषण कर उभरते हुए खरीदारी ट्रेंड्स की पहचान करता है।
ग्राहकों की बदलती प्राथमिकताओं को समझकर Trendpulse विक्रेताओं को अपनी इन्वेंट्री और उत्पाद रणनीति को बाजार की मांग के अनुरूप ढालने में मदद करता है। इससे व्यापारियों को बेहतर दृश्यता और अधिक बिक्री के अवसर मिलते हैं।
कंपनी का मानना है, कि ट्रेंड इंटेलिजेंस और रियल-टाइम पर्सनलाइजेशन का संयोजन उपभोक्ताओं और विक्रेताओं दोनों के लिए अधिक मजबूत इकोसिस्टम तैयार करता है।
Meesho के चीफ डेटा साइंटिस्ट और हेड ऑफ AI एंड डिमांड इंजीनियरिंग Debdoot Mukherjee ने कहा कि भारत में इंटरनेट उपयोगकर्ताओं की अगली बड़ी लहर सर्च की बजाय डिस्कवरी पर आधारित होगी।
उनके अनुसार भविष्य के इंटरनेट उपयोगकर्ता पारंपरिक सर्च क्वेरी टाइप करने के बजाय वॉयस कमांड, ब्राउज़िंग व्यवहार और सहज डिजिटल अनुभवों के माध्यम से प्लेटफॉर्म के साथ संवाद करेंगे। इस बदलाव के लिए ऐसे तकनीकी ढांचे की आवश्यकता है जो उपयोगकर्ता की जरूरत को उसके स्पष्ट रूप से व्यक्त करने से पहले ही समझ सके।
उन्होंने बताया कि PRISM लगातार उपयोगकर्ताओं, उत्पादों, विक्रेताओं और ब्राउज़िंग यात्राओं से जुड़े व्यवहारिक, लेन-देन संबंधी और संदर्भात्मक संकेतों का विश्लेषण करता है। इससे प्लेटफॉर्म कीवर्ड-आधारित कॉमर्स से आगे बढ़कर उपयोगकर्ता की वास्तविक मंशा के आधार पर उत्पाद सुझाव देने में सक्षम बनता है।
बड़ी सेल और शॉपिंग इवेंट्स के दौरान भी यह AI सिस्टम अत्यधिक ट्रैफिक को संभालने के लिए तैयार किया गया है। कंपनी के अनुसार पीक सेल अवधि में PRISM प्रति सेकंड लगभग 100 मिलियन AI इनफेरेंस प्रोसेस करता है।
Meesho आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को केवल ऑटोमेशन और परिचालन दक्षता का साधन नहीं मानता। कंपनी का विश्वास है कि भविष्य के कॉमर्स प्लेटफॉर्म ऐसे होने चाहिए जो लगातार सीखते रहें, उपभोक्ताओं की जरूरतों का पूर्वानुमान लगाएं और खरीदारी अनुभव को अधिक सहज बनाएं।
PRISM के माध्यम से Meesho ऐसा शॉपिंग वातावरण तैयार करना चाहता है जहां उत्पादों की खोज करना स्वाभाविक और आसान महसूस हो। कंपनी का मानना है कि यह दृष्टिकोण विशेष रूप से गैर-मेट्रो क्षेत्रों और पहली बार इंटरनेट उपयोग करने वाले भारतीय ग्राहकों की बदलती अपेक्षाओं के अनुरूप है।
PRISM का संचालन स्तर भारत के ई-कॉमर्स बाजार में Meesho की बढ़ती उपस्थिति को दर्शाता है। वर्तमान में यह AI इंजन लगभग 263 मिलियन मासिक सक्रिय उपयोगकर्ताओं, प्रतिदिन 17 बिलियन उत्पाद व्यूज़, 1.592 बिलियन रेटिंग्स और 505 मिलियन से अधिक रिव्यूज़ वाले इकोसिस्टम में कार्य कर रहा है।
उपभोक्ताओं की इन विशाल गतिविधियों और फीडबैक डेटा का उपयोग करके PRISM लगातार अपनी क्षमता को बेहतर बना रहा है, जिससे वह ग्राहकों की पसंद को अधिक सटीकता से समझकर प्रासंगिक उत्पाद सुझाव प्रदान कर सके। जैसे-जैसे AI ऑनलाइन रिटेल का महत्वपूर्ण हिस्सा बनता जा रहा है, PRISM जैसे सिस्टम भारत में डिजिटल कॉमर्स के भविष्य को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।