मारुति सुजुकी ग्रीन हाइड्रोजन प्रोजेक्ट: मानेसर में 300 किलोवाट इलेक्ट्रोलाइजर प्लांट शुरू

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26 Sep 2026
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News Synopsis

मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड ने अपने मानेसर विनिर्माण प्लांट में 300 किलोवाट क्षमता वाला ग्रीन हाइड्रोजन (GH2) इलेक्ट्रोलाइजर प्लांट शुरू किया है।कंपनी ने इसे एक पायलट परियोजना के रूप में शुरू किया है, जिसका उद्देश्य औद्योगिक गतिविधियों में नवीकरणीय ऊर्जा के इस्तेमाल की संभावनाओं को बढ़ाना और उत्पादन प्रक्रिया में स्वच्छ ऊर्जा के नए विकल्पों का परीक्षण करना है।

इस परियोजना के तहत Manesar संयंत्र में पैदा होने वाली सौर ऊर्जा का उपयोग करके Green Hydrogen तैयार किया जाएगा। इसके बाद इस हाइड्रोजन का इस्तेमाल विनिर्माण गतिविधियों में किया जाएगा। यह पहल Maruti Suzuki की कार्बन उत्सर्जन कम करने की व्यापक रणनीति का हिस्सा है। कंपनी इसके साथ अपने ऊर्जा स्रोतों में विविधता लाने और विनिर्माण प्रक्रिया में नवीकरणीय ऊर्जा की हिस्सेदारी बढ़ाने की दिशा में भी काम कर रही है।

विनिर्माण कार्यों में ग्रीन हाइड्रोजन का इस्तेमाल Use of Green Hydrogen in Manufacturing Operations

Manesar संयंत्र में Electrolyzer के माध्यम से तैयार होने वाले Green Hydrogen को प्राकृतिक गैस के साथ मिलाकर विनिर्माण प्रक्रिया में ईंधन के रूप में इस्तेमाल किया जाएगा। इस तरह कंपनी मौजूदा ईंधन व्यवस्था में Green Hydrogen को शामिल करके औद्योगिक ऊर्जा इस्तेमाल से होने वाले उत्सर्जन को कम करने की संभावनाओं का परीक्षण कर रही है।

यह परियोजना कंपनी को विनिर्माण गतिविधियों में हाइड्रोजन आधारित ईंधन के इस्तेमाल का व्यावहारिक अनुभव भी देगी। पायलट परियोजना के दौरान कंपनी यह समझने का प्रयास करेगी कि Green Hydrogen को मौजूदा औद्योगिक प्रक्रियाओं में किस तरह प्रभावी ढंग से शामिल किया जा सकता है।

प्राकृतिक गैस के साथ हाइड्रोजन का मिश्रण Blending Hydrogen with Natural Gas

Green Hydrogen को प्राकृतिक गैस के साथ मिलाने का उद्देश्य मौजूदा ईंधन ढांचे में स्वच्छ ईंधन की हिस्सेदारी बढ़ाना है। इससे कंपनी को बिना पूरी ईंधन व्यवस्था बदले हाइड्रोजन के औद्योगिक इस्तेमाल की संभावनाओं का अध्ययन करने में मदद मिलेगी।

इस परीक्षण से प्राप्त अनुभव भविष्य में बड़े स्तर पर स्वच्छ ईंधन अपनाने की रणनीति तैयार करने में उपयोगी हो सकता है।

सौर ऊर्जा को बनाया गया परियोजना का आधार Solar Energy at the Centre of the Project

Maruti Suzuki की इस पहल का एक प्रमुख उद्देश्य Manesar संयंत्र में पैदा होने वाली सौर ऊर्जा का अधिकतम उपयोग करना है। कंपनी पहले से ही अपने विनिर्माण संयंत्रों में नवीकरणीय बिजली की हिस्सेदारी बढ़ाने के लिए कई कदम उठा रही है।

इनमें अपने स्तर पर Solar Power Generation, सरकारी स्रोतों से Renewable Electricity की खरीद और बाहरी ऊर्जा प्रदाताओं के साथ Power Purchase Agreements शामिल हैं।

कंपनी को Solar और Wind Energy दोनों से पैदा होने वाली बिजली तक पहुंच मिल रही है। इससे उसके विनिर्माण कार्यों में नवीकरणीय बिजली का इस्तेमाल बढ़ाने में मदद मिल रही है।

मारुति सुजुकी की क्लीन एनर्जी स्ट्रैटेजी का विस्तार Expansion of Maruti Suzuki’s Clean Energy Strategy

Green Hydrogen परियोजना Maruti Suzuki की व्यापक स्वच्छ ऊर्जा रणनीति का एक हिस्सा है। कंपनी अपने विनिर्माण नेटवर्क में केवल एक ही नवीकरणीय ऊर्जा स्रोत पर निर्भर रहने के बजाय अलग-अलग विकल्पों को अपनाने की दिशा में काम कर रही है।

कंपनी के Managing Director और Chief Executive Officer Hisashi Takeuchi के अनुसार, Electrolyzer पायलट परियोजना Solar Power, Biogas और Battery Energy Storage System से जुड़े कंपनी के मौजूदा प्रयासों को आगे बढ़ाती है।

Maruti Suzuki इन पहलों को भारत सरकार के Green Hydrogen Mission के साथ भी जोड़ रही है। इस मिशन का उद्देश्य देश में Green Hydrogen के उत्पादन और इस्तेमाल को बढ़ावा देना तथा इससे जुड़ा पूरा औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र विकसित करना है।

खरखौदा में 10 टीपीडी बायोगैस प्लांट की तैयारी 10 TPD Biogas Plant Planned at Kharkhoda

Green Hydrogen के साथ-साथ Maruti Suzuki Biogas आधारित ऊर्जा समाधानों पर भी काम कर रही है। कंपनी अपने Kharkhoda Manufacturing Facility में 10 टन प्रतिदिन यानी 10 Tonnes Per Day (TPD) क्षमता वाला Biogas Plant स्थापित करने के उन्नत चरण में है।

यह संयंत्र वित्त वर्ष 2026-27 के दौरान शुरू होने की उम्मीद है। इसका उद्देश्य विनिर्माण प्रक्रिया में नवीकरणीय ईंधन के इस्तेमाल को बढ़ाना और कंपनी के उत्सर्जन कम करने से जुड़े अन्य प्रयासों को सहयोग देना है।

बायोगैस से ऊर्जा स्रोतों में विविधता Diversifying Energy Sources Through Biogas

Biogas को औद्योगिक ईंधन के रूप में इस्तेमाल करने से कंपनी के ऊर्जा मिश्रण में एक और नवीकरणीय विकल्प जुड़ता है। इससे पारंपरिक ईंधनों पर निर्भरता को कम करने और वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों के इस्तेमाल का अनुभव हासिल करने में मदद मिल सकती है।

खरखौदा में बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम भी चालू Battery Energy Storage System Also Operational at Kharkhoda

Kharkhoda संयंत्र में Maruti Suzuki ने 1 MWh क्षमता वाला Battery Energy Storage System यानी BESS भी शुरू किया है। यह प्रणाली नवीकरणीय बिजली के बेहतर उपयोग में मदद कर सकती है।

Battery Storage System में जरूरत के समय इस्तेमाल के लिए बिजली को संग्रहीत किया जा सकता है। इससे Renewable Electricity की उपलब्धता और उसके इस्तेमाल के समय के बीच बेहतर तालमेल बनाने में सहायता मिलती है।

कंपनी ने अपने संयंत्रों में Compressed Biogas यानी CBG को Process Fuel के रूप में इस्तेमाल करना भी शुरू किया है।

चार CBG परियोजनाओं को मंजूरी Four CBG Projects Approved

Maruti Suzuki ने अपनी व्यापक नवीकरणीय ऊर्जा योजना के तहत चार CBG परियोजनाओं को मंजूरी दी है। इन परियोजनाओं के लिए कंपनी ने 561 करोड़ रुपये यानी लगभग 59.07 मिलियन अमेरिकी डॉलर का निवेश निर्धारित किया है।

इन परियोजनाओं का उद्देश्य औद्योगिक गतिविधियों में वैकल्पिक ईंधन स्रोतों का इस्तेमाल बढ़ाना है। CBG और Biogas जैसे ईंधन कंपनी के ऊर्जा मिश्रण को अधिक विविध बनाने के साथ-साथ नवीकरणीय ईंधन से जुड़े बुनियादी ढांचे के विकास में भी योगदान दे सकते हैं।

सुजुकी मोटर कॉर्पोरेशन भी बायोगैस परियोजनाओं पर काम कर रही है Suzuki Motor Corporation Also Expands Biogas Projects

Maruti Suzuki की मूल कंपनी Suzuki Motor Corporation (SMC) भी भारत में Biogas आधारित परियोजनाओं को बढ़ावा दे रही है। SMC ने National Dairy Development Board (NDDB) और डेयरी क्षेत्र से जुड़े संघों के साथ मिलकर देशभर में 10 Biogas Plants स्थापित करने की योजना पर काम किया है।

इनमें से तीन संयंत्र गुजरात में पहले से चालू हैं। बाकी परियोजनाएं व्यापक विस्तार योजना का हिस्सा हैं।

यह पहल ऊर्जा उत्पादन को डेयरी क्षेत्र से जोड़ती है। डेयरी गतिविधियों से उत्पन्न जैविक सामग्री का इस्तेमाल Biogas उत्पादन में किया जा सकता है, जिससे नवीकरणीय ऊर्जा के लिए एक वैकल्पिक रास्ता तैयार होता है।

एक साथ कई रिन्यूएबल एनर्जी सॉल्यूशंस पर जोर Focus on Multiple Renewable Energy Solutions

Maruti Suzuki की ऊर्जा रणनीति में केवल एक नवीकरणीय तकनीक पर निर्भरता के बजाय कई विकल्पों को शामिल किया जा रहा है। कंपनी Solar Power, Green Hydrogen, Biogas, CBG और Battery Storage जैसी तकनीकों को अपने विनिर्माण कार्यों से जोड़ रही है।

Manesar का Green Hydrogen Electrolyzer जहां हाइड्रोजन आधारित औद्योगिक ईंधन के इस्तेमाल की संभावनाओं का परीक्षण कर रहा है, वहीं Kharkhoda में Biogas Plant और BESS परियोजना नवीकरणीय ऊर्जा के दूसरे विकल्पों को आगे बढ़ा रही हैं।

स्वच्छ ऊर्जा के अलग-अलग विकल्पों का संयोजन Combining Different Clean Energy Options

ऊर्जा के अलग-अलग स्रोतों का संयोजन कंपनी को अपनी विनिर्माण जरूरतों के अनुसार अधिक लचीली ऊर्जा व्यवस्था विकसित करने में मदद कर सकता है। Solar Power से बिजली उत्पादन, Battery Storage से ऊर्जा का भंडारण और Green Hydrogen तथा Biogas से वैकल्पिक ईंधन की उपलब्धता इस रणनीति के अलग-अलग हिस्से हैं।

विनिर्माण क्षेत्र में उत्सर्जन कम करने पर ध्यान Focus on Reducing Manufacturing Emissions

ऊर्जा की अधिक खपत करने वाले औद्योगिक क्षेत्रों में कंपनियां अब उत्सर्जन कम करने के लिए अलग-अलग तकनीकों और ईंधन विकल्पों की तलाश कर रही हैं। Maruti Suzuki भी अपने विनिर्माण नेटवर्क में Renewable Electricity, Alternative Fuels और Energy Storage को बढ़ाने की दिशा में काम कर रही है।

Manesar में Green Hydrogen पायलट, Kharkhoda में 10 TPD Biogas Plant, 1 MWh BESS और चार CBG परियोजनाएं कंपनी के इसी व्यापक प्रयास का हिस्सा हैं।

निष्कर्ष Conclusion

Maruti Suzuki का 300 kW Green Hydrogen Electrolyzer Plant भारत में स्वच्छ ऊर्जा आधारित औद्योगिक विनिर्माण की संभावनाओं को तलाशने वाली एक पायलट पहल है। Manesar में Solar Power से Green Hydrogen तैयार कर उसे प्राकृतिक गैस के साथ Process Fuel के रूप में इस्तेमाल करने का परीक्षण कंपनी को हाइड्रोजन आधारित ऊर्जा के व्यावहारिक उपयोग का अनुभव देगा।

इसके साथ Kharkhoda में Biogas Plant, Battery Energy Storage System और CBG परियोजनाएं कंपनी की ऊर्जा रणनीति को और व्यापक बनाती हैं। Solar, Green Hydrogen, Biogas, CBG और Battery Storage को एक साथ अपनाने का प्रयास Maruti Suzuki के विनिर्माण क्षेत्र में नवीकरणीय ऊर्जा और वैकल्पिक ईंधनों की भूमिका बढ़ाने की दिशा को दर्शाता है।

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