एशियन पैरा गेम्स 2026 में भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए देश के लिए अब तक का सर्वश्रेष्ठ पदक रिकॉर्ड बनाया है। भारत ने इस प्रतियोगिता में कुल 114 पदक जीते, जिनमें 30 स्वर्ण, 35 रजत और 49 कांस्य पदक शामिल हैं। इस उपलब्धि के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारतीय पैरा-एथलीटों को बधाई दी और उनके शानदार प्रदर्शन की सराहना की।
प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया मंच एक्स (X) पर साझा किए गए संदेश में इस सफलता को देश के लिए गर्व और खुशी का क्षण बताया। उन्होंने भारतीय खिलाड़ियों के दृढ़ संकल्प, मेहनत और जज्बे की प्रशंसा करते हुए कहा कि दल के प्रत्येक खिलाड़ी ने इस ऐतिहासिक उपलब्धि में योगदान दिया और देश के अनगिनत लोगों को प्रेरित किया।
जापान के आइची-नागोया में आयोजित इन खेलों में भारत पदक तालिका में चौथे स्थान पर रहा। भारतीय खिलाड़ियों का यह प्रदर्शन इसलिए भी खास है, क्योंकि देश ने 2023 में हांगझोऊ एशियन पैरा गेम्स में जीते गए अपने पिछले सर्वश्रेष्ठ 111 पदकों के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया।
एशियन पैरा गेम्स 2026 में भारत ने कुल 114 पदक जीतकर नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाया। भारतीय दल ने प्रतियोगिता के दौरान 30 स्वर्ण, 35 रजत और 49 कांस्य पदक अपने नाम किए। इस प्रदर्शन के साथ भारत ने कुल पदकों के मामले में अपना पिछला रिकॉर्ड तोड़ दिया और समग्र पदक तालिका में चौथा स्थान हासिल किया।
भारत का पिछला सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन वर्ष 2023 में चीन के हांगझोऊ में आयोजित एशियन पैरा गेम्स में आया था। उस प्रतियोगिता में भारतीय खिलाड़ियों ने 29 स्वर्ण, 31 रजत और 51 कांस्य सहित कुल 111 पदक जीते थे। उस समय भारत पदक तालिका में पांचवें स्थान पर रहा था।
2026 में भारत ने न केवल कुल पदकों की संख्या बढ़ाई, बल्कि स्वर्ण और रजत पदकों की संख्या में भी सुधार किया। यह उपलब्धि भारतीय पैरा-खेलों में खिलाड़ियों की बढ़ती क्षमता, बेहतर तैयारी और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मजबूत होती मौजूदगी को दर्शाती है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारतीय पैरा-एथलीटों की उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त की। एक्स पर अपने संदेश में उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों ने अपने प्रदर्शन से पूरे देश को गौरवान्वित किया है।
प्रधानमंत्री ने खिलाड़ियों के दृढ़ संकल्प और मेहनत की सराहना करते हुए उनके योगदान को ऐतिहासिक बताया। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि भारतीय दल के हर सदस्य ने इस सफलता में अपनी भूमिका निभाई। खिलाड़ियों की उपलब्धियां केवल पदक जीतने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे देश के लाखों लोगों के लिए प्रेरणा भी बनती हैं।
पैरा-खेलों में खिलाड़ियों को कई तरह की शारीरिक चुनौतियों के बावजूद उच्च स्तर पर प्रतिस्पर्धा करनी होती है। ऐसे में उनका प्रदर्शन साहस, निरंतर अभ्यास, आत्मविश्वास और मजबूत इच्छाशक्ति का उदाहरण प्रस्तुत करता है।
भारतीय दल की ऐतिहासिक सफलता में पैरा एथलेटिक्स का सबसे बड़ा योगदान रहा। इस खेल में भारत ने कुल 65 पदक जीते, जिनमें 22 स्वर्ण पदक शामिल थे। पैरा एथलेटिक्स में खिलाड़ियों ने अलग-अलग स्पर्धाओं में शानदार प्रदर्शन करते हुए देश की पदक संख्या बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई।
भारत के बाकी आठ स्वर्ण पदक पैरा तीरंदाजी, पैरा बैडमिंटन और पैरा शूटिंग में आए। इन खेलों में भारतीय खिलाड़ियों ने अपनी तकनीक, सटीकता और प्रतिस्पर्धी क्षमता का परिचय दिया।
इन नतीजों से पता चलता है कि भारत की सफलता किसी एक खेल तक सीमित नहीं रही। एथलेटिक्स के साथ-साथ तीरंदाजी, बैडमिंटन और निशानेबाजी जैसे खेलों में भी भारतीय खिलाड़ियों ने अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई।
भारतीय दल के कई खिलाड़ियों ने व्यक्तिगत स्तर पर भी शानदार प्रदर्शन किया। शीतल देवी भारत की प्रमुख पदक विजेताओं में शामिल रहीं। उन्होंने प्रतियोगिता में कुल तीन पदक जीते, जिनमें दो स्वर्ण और एक रजत पदक शामिल था।
थुलासिमथी मुरुगेसन, रवि कार्तिक और हिमांशु नंदल ने भी तीन-तीन पदक जीतकर देश की सफलता में योगदान दिया। थुलासिमथी ने एक स्वर्ण और दो रजत पदक जीते। रवि कार्तिक ने दो रजत और एक कांस्य पदक हासिल किया, जबकि हिमांशु नंदल ने तीन कांस्य पदक अपने नाम किए।
इसके अलावा मोना अग्रवाल, निषाद कुमार, प्रणव सोरमा, सिमरन और दिलीप गावित ने भी दो-दो स्वर्ण पदक जीते। इन खिलाड़ियों की उपलब्धियों ने भारतीय दल की पदक तालिका को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
एक ही प्रतियोगिता में कई पदक जीतना खिलाड़ियों की निरंतरता और तैयारी को दर्शाता है। अलग-अलग स्पर्धाओं में सफलता हासिल करने वाले इन खिलाड़ियों ने दिखाया कि सही प्रशिक्षण, अनुशासन और दृढ़ इच्छाशक्ति के साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शानदार प्रदर्शन किया जा सकता है।
एशियन पैरा गेम्स 2026 में भारतीय खिलाड़ियों ने पदक जीतने के साथ-साथ कई रिकॉर्ड भी बनाए। भाला फेंक की पुरुष एफ37/38 स्पर्धा में हने ने 60.49 मीटर का थ्रो करके विश्व रिकॉर्ड स्थापित किया।
पुरुषों की 400 मीटर टी64 स्पर्धा में संदीप ने 52.28 सेकंड का समय लेकर विश्व रिकॉर्ड बनाया। वहीं, मोना अग्रवाल ने महिलाओं की 50 मीटर राइफल थ्री पोजिशन एसएच1 स्पर्धा में विश्व रिकॉर्ड कायम किया।
पैरा तीरंदाजी में भी भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया। शीतल देवी और तोमन कुमार की जोड़ी ने कंपाउंड मिश्रित टीम क्वालिफिकेशन राउंड में 1,402 अंक हासिल किए। यह स्कोर इस स्पर्धा में विश्व स्तर पर सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन रहा।
इन उपलब्धियों ने दिखाया कि भारतीय पैरा-एथलीट केवल पदक जीतने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शन के नए मानक भी स्थापित कर रहे हैं।
दो बार के पैरालंपिक चैंपियन सुमित अंतिल ने भाला फेंक में अपना खिताब सफलतापूर्वक बरकरार रखा। उनकी जीत भारत के लिए एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि रही।
इस स्पर्धा में भारत ने तीनों पदक जीतकर पोडियम पर अपना दबदबा बनाया। महेंद्र गुर्जर ने रजत पदक हासिल किया, जबकि संदीप संजय सरगर ने कांस्य पदक जीता। इस तरह भारतीय खिलाड़ियों ने स्वर्ण, रजत और कांस्य—तीनों पदक अपने नाम किए।
भारत ने पुरुषों की शॉट पुट एफ46, डिस्कस थ्रो एफ43/एफ44/एफ62/एफ64 और हाई जंप टी42/टी63 स्पर्धाओं में भी तीनों पदक जीतने की उपलब्धि हासिल की।
किसी एक स्पर्धा में तीनों पदक जीतना भारतीय खिलाड़ियों की प्रतिस्पर्धी क्षमता और संबंधित खेलों में उनकी मजबूत तैयारी को दर्शाता है। इन सफलताओं ने भारत के ऐतिहासिक प्रदर्शन को और खास बना दिया।
एशियन पैरा गेम्स का पांचवां संस्करण एक बड़े बहु-खेल आयोजन के रूप में आयोजित किया गया। इसमें 45 राष्ट्रीय पैरालंपिक समितियों के खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया और कुल 18 खेलों में प्रतिस्पर्धा की।
भारत की ओर से खिलाड़ियों ने 11 खेलों में भाग लिया। विभिन्न स्पर्धाओं में उनकी उपलब्धियों ने देश को पदक तालिका में चौथा स्थान दिलाने में मदद की।
इस प्रतियोगिता ने एशिया के पैरा-खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने का अवसर दिया। भारतीय दल का रिकॉर्ड प्रदर्शन देश में पैरा-खेलों के विकास और खिलाड़ियों की उपलब्धियों को सामने लाने के लिहाज से महत्वपूर्ण रहा।
एशियन पैरा गेम्स 2026 में भारत का 114 पदकों का प्रदर्शन देश के पैरा-खेल इतिहास की बड़ी उपलब्धियों में शामिल है। 30 स्वर्ण, 35 रजत और 49 कांस्य पदकों के साथ भारत ने अपना पिछला रिकॉर्ड तोड़ा और चौथा स्थान हासिल किया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खिलाड़ियों को बधाई देते हुए उनके साहस, मेहनत और दृढ़ संकल्प की सराहना की। पैरा एथलेटिक्स में 65 पदकों से लेकर विश्व रिकॉर्ड और कई स्पर्धाओं में तीनों पदक जीतने तक, भारतीय खिलाड़ियों ने प्रतियोगिता में अपनी क्षमता का प्रभावशाली प्रदर्शन किया। यह सफलता आने वाले समय में देश के पैरा-खेलों को और प्रोत्साहन देने के साथ-साथ नए खिलाड़ियों को भी प्रेरित कर सकती है।