अमेरिका की AI रणनीति में बड़ा बदलाव, ट्रंप ने बनाई नई सुपर इंटेलिजेंस टास्क फोर्स

47
05 Oct 2026
7 min read

News Synopsis

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI के क्षेत्र में अमेरिका की बढ़त बनाए रखने के लिए एक नई “सुपर इंटेलिजेंस फोर्स” बनाने की घोषणा की है। ट्रंप के अनुसार, इस नई टास्क फोर्स का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में अमेरिका दुनिया का नेतृत्व करता रहे।

ट्रंप ने रविवार को इस नए समूह की घोषणा करते हुए कहा कि यह टास्क फोर्स अमेरिकी संघीय सरकार और AI से जुड़े अलग-अलग पक्षों के बीच समन्वय स्थापित करने का काम करेगी। इसमें आम उपभोक्ता, जनहित से जुड़े संगठन, धार्मिक संस्थाएं, बुनियादी ढांचा उपलब्ध कराने वाली कंपनियां और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कंपनियां शामिल हैं।

यह कदम ऐसे समय में सामने आया है जब अमेरिका और दुनिया की अन्य बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के बीच AI तकनीक में बढ़त हासिल करने की होड़ लगातार तेज हो रही है। AI को आने वाले वर्षों में अर्थव्यवस्था, सुरक्षा, कारोबार, प्रशासन और तकनीकी विकास के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

सुपर इंटेलिजेंस टास्क फोर्स में कौन-कौन शामिल होगा? Who Will Lead the Super Intelligence Task Force?

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप US President Donald Trump ने बताया कि नई सुपर इंटेलिजेंस टास्क फोर्स की जिम्मेदारी अमेरिकी सरकार के चार वरिष्ठ अधिकारियों को दी गई है। यह समूह सीधे राष्ट्रपति को रिपोर्ट करेगा और व्हाइट हाउस की चीफ ऑफ स्टाफ सुसी वाइल्स को भी इसकी गतिविधियों की जानकारी दी जाएगी।

टास्क फोर्स की प्रमुख जिम्मेदारियां Key Responsibilities of the Task Force

इस समूह का नेतृत्व चार प्रमुख अधिकारी करेंगे। इनमें नेशनल इंटेलिजेंस के निदेशक जे क्लेटन, फेडरल ट्रेड कमीशन के चेयरमैन एंड्रयू फर्ग्यूसन, पेंटागन के मुख्य प्रौद्योगिकी अधिकारी एमिल माइकल और ऑफिस ऑफ पर्सनेल मैनेजमेंट के निदेशक स्कॉट कुपोर शामिल हैं।

टास्क फोर्स का उद्देश्य केवल सरकारी विभागों के बीच तालमेल बनाना नहीं होगा। यह AI के विकास और इस्तेमाल से जुड़े विभिन्न पक्षों के साथ भी सरकार के संबंधों को बेहतर बनाने की कोशिश करेगी।

इसमें उपभोक्ताओं और जनहित संगठनों से लेकर धार्मिक संस्थाओं, बुनियादी ढांचा उपलब्ध कराने वाली कंपनियों और AI कंपनियों तक के साथ सरकार की भागीदारी शामिल होगी। इस तरह अमेरिका AI से जुड़े नीतिगत और व्यावहारिक मुद्दों पर एक व्यापक व्यवस्था तैयार करने की कोशिश कर रहा है।

व्हाइट हाउस में AI कंपनियों के प्रमुखों के साथ बैठक Trump Recently Met Top AI Executives at the White House

सुपर इंटेलिजेंस टास्क फोर्स बनाने की घोषणा से कुछ ही दिन पहले राष्ट्रपति ट्रंप ने व्हाइट हाउस में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस क्षेत्र की प्रमुख कंपनियों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की थी।

इस बैठक के दौरान AI कंपनियों ने कथित तौर पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मॉडल के अधिक प्रभावी “सेल्फ-पुलिसिंग” यानी स्वयं निगरानी की दिशा में एक प्रतिबद्धता पर हस्ताक्षर किए थे। इसका मतलब यह है कि AI कंपनियां अपने मॉडल के विकास और संचालन में सुरक्षा तथा जिम्मेदारी से जुड़े मानकों की निगरानी खुद बेहतर तरीके से करने की कोशिश करेंगी।

हालांकि, इस चर्चा के साथ AI के नियमन को लेकर हल्के और कम हस्तक्षेप वाले दृष्टिकोण पर भी जोर दिया गया। यानी सरकार AI कंपनियों पर अत्यधिक नियम और नियंत्रण लागू करने के बजाय ऐसी व्यवस्था की ओर बढ़ना चाहती है, जिसमें तकनीकी विकास के लिए पर्याप्त स्वतंत्रता बनी रहे।

AI विकास और सरकारी निगरानी के बीच संतुलन Balancing AI Innovation and Government Oversight

AI तकनीक तेजी से विकसित हो रही है और इसके साथ इसके इस्तेमाल से जुड़े अवसर तथा जोखिम भी बढ़ रहे हैं। ऐसे में सरकारों के सामने एक बड़ी चुनौती यह है कि वे तकनीकी विकास को रोकें बिना सुरक्षा और जिम्मेदारी से जुड़े मानकों को कैसे मजबूत करें।

ट्रंप प्रशासन की नई पहल इसी व्यापक बहस के बीच देखी जा रही है। एक ओर अमेरिका AI में अपनी तकनीकी बढ़त को बनाए रखना चाहता है, वहीं दूसरी ओर सरकार और AI कंपनियों के बीच समन्वय बढ़ाने की कोशिश भी की जा रही है।

‘आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस’ की जगह ‘सुपर इंटेलिजेंस’ शब्द का इस्तेमाल US Government Directed to Use ‘Super Intelligence’ Instead of ‘AI’

AI को लेकर ट्रंप प्रशासन की दिशा में एक और महत्वपूर्ण बदलाव 29 सितंबर को सामने आया था। उस दिन राष्ट्रपति ट्रंप ने एक कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर किए थे, जिसके तहत अमेरिकी सरकार की कार्यकारी शाखा के सभी कामकाज में “Artificial Intelligence” और “AI” शब्दों की जगह “Super Intelligence” और “SI” शब्दों का इस्तेमाल करने का औपचारिक निर्देश दिया गया।

यह फैसला AI को लेकर ट्रंप प्रशासन की अलग सोच को दर्शाता है। सरकार AI को केवल एक सामान्य तकनीकी बदलाव के रूप में नहीं, बल्कि भविष्य की अत्यधिक उन्नत तकनीकी क्षमता के रूप में देखने की दिशा में बढ़ रही है।

अमेरिका की AI रणनीति में बदलाव के संकेत Signs of a Shift in America’s AI Strategy

“Super Intelligence” शब्द का इस्तेमाल यह संकेत देता है कि अमेरिकी प्रशासन भविष्य की अधिक उन्नत और शक्तिशाली AI प्रणालियों पर अपना ध्यान केंद्रित करना चाहता है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में इस नई टास्क फोर्स के लिए किसी विस्तृत तकनीकी कार्यक्रम या अलग-अलग परियोजनाओं का विवरण नहीं दिया गया है।

फिलहाल इसका प्रमुख लक्ष्य संघीय सरकार की AI से जुड़ी गतिविधियों को एक साथ लाना और विभिन्न पक्षों के साथ समन्वय मजबूत करना बताया गया है।

अमेरिका क्यों बना रहा है नई सुपर इंटेलिजेंस फोर्स? Why Is the US Creating a Super Intelligence Force?

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आज दुनिया की सबसे महत्वपूर्ण तकनीकी प्रतिस्पर्धाओं में से एक बन चुका है। अमेरिका में कई बड़ी AI कंपनियां और तकनीकी संस्थाएं इस क्षेत्र में तेजी से विकास कर रही हैं। इसी के साथ चीन और अन्य देशों के साथ तकनीकी बढ़त को लेकर प्रतिस्पर्धा भी बढ़ रही है।

ऐसे माहौल में ट्रंप प्रशासन का लक्ष्य अमेरिका की स्थिति को मजबूत बनाए रखना है। नई टास्क फोर्स सरकार, AI कंपनियों, बुनियादी ढांचा प्रदाताओं और समाज के विभिन्न समूहों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करने का माध्यम बन सकती है।

आगे क्या असर पड़ सकता है? What Could Happen Next?

नई सुपर इंटेलिजेंस टास्क फोर्स की घोषणा अमेरिका की AI नीति में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखी जा सकती है। इससे संघीय सरकार के अलग-अलग विभागों के बीच AI को लेकर समन्वय बढ़ सकता है और AI कंपनियों के साथ सरकार का संवाद भी अधिक व्यवस्थित हो सकता है।

इसके अलावा, उपभोक्ताओं और जनहित संगठनों को चर्चा में शामिल करने से AI के सामाजिक प्रभावों पर भी ध्यान दिया जा सकता है। वहीं AI कंपनियों के साथ सीधा जुड़ाव तकनीकी विकास और सरकारी नीतियों के बीच बेहतर तालमेल बनाने में मदद कर सकता है।

कुल मिलाकर, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की यह पहल बताती है कि अमेरिका आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को अपनी भविष्य की तकनीकी और रणनीतिक प्राथमिकताओं में महत्वपूर्ण स्थान दे रहा है। “Super Intelligence Force” के जरिए ट्रंप प्रशासन का उद्देश्य AI क्षेत्र में अमेरिका की वैश्विक बढ़त को बनाए रखना और सरकार तथा तकनीकी उद्योग के बीच सहयोग को मजबूत करना है। आने वाले समय में यह टास्क फोर्स अमेरिका की AI नीति और उसके वैश्विक तकनीकी नेतृत्व को किस दिशा में ले जाती है, यह देखने वाली महत्वपूर्ण बात होगी।

 

Podcast

TWN Exclusive