IIT खड़गपुर की बड़ी पहल: अब AI ट्यूटर से करें पढ़ाई, GATE-JAM की तैयारी होगी मुफ्त

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13 Oct 2026
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News Synopsis

भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) खड़गपुर ने छात्रों के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर आधारित एक नए ट्यूटर और GATE-JAM परीक्षाओं की तैयारी के लिए मुफ्त ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की शुरुआत की है। इन दोनों पहलों का उद्देश्य देशभर के विद्यार्थियों तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी से जुड़ी सुविधाएं आसानी से पहुंचाना है। खास तौर पर उन विद्यार्थियों को इससे मदद मिलने की उम्मीद है, जिनके पास महंगी कोचिंग या बेहतर शैक्षणिक संसाधनों तक पहुंच नहीं है।

भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) खड़गपुर Indian Institute of Technology (IIT) Kharagpur की ओर से जारी एक बयान के अनुसार, इन दोनों पहलों का शुभारंभ सोमवार को कोलकाता के राजारहाट स्थित IIT खड़गपुर रिसर्च पार्क में केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री सुकांत मजूमदार ने किया। यह कार्यक्रम संस्थान के प्लेटिनम जुबली समारोह के तहत आयोजित किया गया। इन पहलों के माध्यम से IIT खड़गपुर अपनी शैक्षणिक विशेषज्ञता और डिजिटल तकनीक का लाभ अधिक से अधिक विद्यार्थियों तक पहुंचाना चाहता है।

IIT खड़गपुर का AI ट्यूटर क्या है? (What Is IIT Kharagpur’s AI Tutor?)

IIT खड़गपुर ने Fermi AI के सहयोग से NDLI-FERMI AI Tutor विकसित किया है। इसे नेशनल डिजिटल लाइब्रेरी ऑफ इंडिया (NDLI) National Digital Library of India (NDLI) के साथ जोड़ा गया है। यह ट्यूटर पंजीकृत उपयोगकर्ताओं को बिना किसी शुल्क के व्यक्तिगत शैक्षणिक सहायता उपलब्ध कराएगा।

इस AI ट्यूटर की खास बात यह है कि यह केवल सवालों के सीधे जवाब देने तक सीमित नहीं है। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को किसी विषय की अवधारणा समझने, अपनी गलतियों को पहचानने और समस्याओं को स्वयं हल करने के लिए प्रोत्साहित करना है। इसके लिए यह विद्यार्थियों को सवालों, संकेतों और विषय से जुड़ी जानकारी के माध्यम से मार्गदर्शन देता है।

आमतौर पर AI आधारित कई टूल किसी सवाल का उत्तर तुरंत उपलब्ध करा देते हैं। हालांकि, NDLI-FERMI AI Tutor का तरीका इससे अलग है। यह विद्यार्थियों को सोचने और समाधान तक पहुंचने की प्रक्रिया में सहायता देने पर जोर देता है। इससे छात्रों में विषयों की गहरी समझ विकसित करने और स्वतंत्र रूप से सीखने की क्षमता बढ़ाने में मदद मिल सकती है।

AI ट्यूटर की ‘Scan & Ask’ सुविधा (The AI Tutor’s ‘Scan & Ask’ Feature)

इस ट्यूटर में ‘Scan & Ask’ नाम की एक उपयोगी सुविधा भी दी गई है। इसकी मदद से विद्यार्थी भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान, गणित और जीव विज्ञान से जुड़े सवालों पर सहायता मांग सकते हैं।

इस सुविधा के जरिए छात्र किसी समस्या को सामने रखकर उसके समाधान के बारे में मार्गदर्शन प्राप्त कर सकते हैं। ट्यूटर उन्हें यह समझने में मदद करेगा कि सवाल हल करते समय गलती कहां हुई और उसे किस तरह सुधारा जा सकता है।

इसका उद्देश्य केवल सही उत्तर बताना नहीं, बल्कि समस्या को हल करने की प्रक्रिया को आसान बनाना है। उदाहरण के लिए, यदि किसी विद्यार्थी से गणित का सवाल हल करते समय गलती हो जाती है, तो AI ट्यूटर संकेतों और संदर्भ के आधार पर उसे गलती पहचानने तथा सही तरीका समझने में मदद कर सकता है।

इस तरह की सहायता से विद्यार्थियों को अपनी कमजोरियों पर काम करने और अभ्यास के जरिए सीखने का अवसर मिल सकता है।

नेशनल डिजिटल लाइब्रेरी ऑफ इंडिया से जुड़ी नई सुविधा (New Facility Integrated with the National Digital Library of India)

NDLI-FERMI AI Tutor को नेशनल डिजिटल लाइब्रेरी ऑफ इंडिया से जोड़ा गया है। यह भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय द्वारा समर्थित एक डिजिटल शैक्षणिक पहल है। इसके माध्यम से विद्यार्थी विभिन्न विषयों से जुड़ी अध्ययन सामग्री और अन्य शैक्षणिक संसाधनों तक पहुंच सकते हैं।

जारी बयान के अनुसार, NDLI की सेवाओं का लाभ एक करोड़ से अधिक विद्यार्थी और अन्य शिक्षार्थी उठा रहे हैं। इसके संग्रह में 13 करोड़ से अधिक अध्ययन संसाधन उपलब्ध हैं। इतने बड़े डिजिटल संग्रह के साथ AI ट्यूटर को जोड़ने से विद्यार्थियों को पढ़ाई के दौरान अतिरिक्त सहायता मिल सकती है।

इस पहल का एक महत्वपूर्ण पहलू यह है कि डिजिटल शिक्षा के संसाधनों को केवल बड़े शहरों या चुनिंदा संस्थानों तक सीमित रखने के बजाय अधिक लोगों तक पहुंचाने की कोशिश की जा रही है। मुफ्त शैक्षणिक सहायता मिलने से विद्यार्थियों को अपनी पढ़ाई के दौरान सवालों को समझने और अभ्यास करने के लिए एक अतिरिक्त साधन मिल सकता है।

GATE और JAM की तैयारी के लिए मुफ्त ऑनलाइन प्लेटफॉर्म (Free Online Platform for GATE and JAM Preparation)

IIT खड़गपुर ने दूसरी पहल के रूप में GATE और JAM परीक्षाओं की तैयारी के लिए एक मुफ्त ऑनलाइन प्लेटफॉर्म भी शुरू किया है। इसका उद्देश्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले विद्यार्थियों को व्यवस्थित अध्ययन सामग्री और डिजिटल शैक्षणिक संसाधन उपलब्ध कराना है।

GATE का पूरा नाम ग्रेजुएट एप्टीट्यूड टेस्ट इन इंजीनियरिंग (Graduate Aptitude Test in Engineering) है। वहीं, JAM का अर्थ जॉइंट एडमिशन टेस्ट फॉर मास्टर्स (Joint Admission Test for Masters) है। इन परीक्षाओं के जरिए विद्यार्थी उच्च शिक्षा से जुड़े विभिन्न अवसरों की दिशा में आगे बढ़ सकते हैं।

इन परीक्षाओं की तैयारी के लिए कई विद्यार्थी निजी कोचिंग संस्थानों का सहारा लेते हैं। हालांकि, महंगी फीस के कारण सभी विद्यार्थियों के लिए ऐसी सुविधाओं का लाभ उठाना आसान नहीं होता। IIT खड़गपुर का मुफ्त ऑनलाइन प्लेटफॉर्म इस चुनौती को कम करने की दिशा में एक कदम है।

ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों पर विशेष ध्यान (Focus on Rural and Economically Disadvantaged Students)

इस प्लेटफॉर्म का उद्देश्य खास तौर पर ग्रामीण क्षेत्रों और आर्थिक रूप से कमजोर पृष्ठभूमि से आने वाले विद्यार्थियों के लिए तैयारी के अवसर बढ़ाना है। संस्थान की शैक्षणिक विशेषज्ञता और डिजिटल संसाधनों का उपयोग करके विद्यार्थियों को परीक्षा की तैयारी के लिए एक व्यवस्थित माध्यम उपलब्ध कराने की योजना है।

ऑनलाइन सुविधा होने से विद्यार्थियों को पढ़ाई से जुड़ी सामग्री तक पहुंचने के लिए किसी विशेष शहर या संस्थान में जाने पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। इससे दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाले छात्रों को भी तैयारी के संसाधनों का लाभ उठाने का अवसर मिल सकता है।

हालांकि, इस पहल से मिलने वाले वास्तविक लाभ इस बात पर भी निर्भर करेंगे कि प्लेटफॉर्म पर कौन-कौन से अध्ययन संसाधन उपलब्ध हैं और विद्यार्थियों को उनका उपयोग किस तरह करने का अवसर मिलता है।

शिक्षा में AI के जिम्मेदार इस्तेमाल पर जोर (Emphasis on Responsible Use of AI in Education)

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री सुकांत मजूमदार ने शिक्षा के क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के जिम्मेदार इस्तेमाल की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि तकनीक का उद्देश्य विद्यार्थियों को तुरंत जवाब उपलब्ध कराना भर नहीं होना चाहिए, बल्कि उन्हें स्वतंत्र रूप से सोचने और सीखने के लिए प्रोत्साहित करना भी होना चाहिए।

उन्होंने कहा कि यह पहल राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 (National Education Policy 2020) की भावना के अनुरूप है। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को उनकी भौगोलिक स्थिति और सामाजिक-आर्थिक परिस्थितियों से परे व्यक्तिगत शैक्षणिक सहायता उपलब्ध कराने में मदद करना है।

शिक्षा में AI का उपयोग पढ़ाई को अधिक व्यक्तिगत और सुविधाजनक बना सकता है। हालांकि, इसका सही उपयोग तभी संभव है, जब विद्यार्थी तकनीक पर पूरी तरह निर्भर होने के बजाय अपनी समझ और विश्लेषण करने की क्षमता को भी विकसित करें।

IIT खड़गपुर ने बताई अपनी व्यापक जिम्मेदारी (IIT Kharagpur Highlights Its Wider Responsibility)

IIT खड़गपुर के निदेशक सुमन चक्रवर्ती ने कहा कि संस्थान की जिम्मेदारी केवल अपने परिसर तक सीमित नहीं है। उनके अनुसार, शैक्षणिक उत्कृष्टता का लाभ अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचना चाहिए और शिक्षा के संसाधनों तक पहुंच की कमी किसी विद्यार्थी के लिए बाधा नहीं बननी चाहिए।

उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि AI ट्यूटर विद्यार्थियों को गंभीरता से सोचने और स्वतंत्र रूप से सीखने के लिए सक्षम बनाए। इसे सोचने की प्रक्रिया का विकल्प नहीं बनना चाहिए।

निदेशक के अनुसार, दोनों पहल संस्थान की शैक्षणिक क्षमताओं और ज्ञान को व्यापक जनहित में उपयोग करने की दिशा में उठाए गए कदम हैं। मुफ्त AI ट्यूटर और GATE-JAM तैयारी प्लेटफॉर्म के माध्यम से संस्थान डिजिटल शिक्षा के अवसरों को अधिक व्यापक बनाने का प्रयास कर रहा है।

छात्रों के लिए क्या मायने रखती हैं ये पहल? (What Do These Initiatives Mean for Students?)

IIT खड़गपुर की दोनों पहलों का मुख्य उद्देश्य शिक्षा और परीक्षा की तैयारी से जुड़े संसाधनों को अधिक सुलभ बनाना है। AI ट्यूटर विद्यार्थियों को विषय समझने, सवाल हल करने और अपनी गलतियों से सीखने में मदद कर सकता है। वहीं, मुफ्त GATE-JAM प्लेटफॉर्म प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए डिजिटल संसाधनों तक पहुंच बढ़ाने का प्रयास करता है।

इन सुविधाओं से उन विद्यार्थियों को विशेष लाभ मिलने की संभावना है, जो महंगी कोचिंग का खर्च नहीं उठा सकते या जिनके आसपास पर्याप्त शैक्षणिक सहायता उपलब्ध नहीं है। फिर भी, बेहतर परिणामों के लिए नियमित अभ्यास, विषयों की बुनियादी समझ और स्वयं अध्ययन करना जरूरी रहेगा।

कुल मिलाकर, IIT खड़गपुर की ये पहल शिक्षा में AI और डिजिटल संसाधनों के उपयोग को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। इनका वास्तविक प्रभाव इस बात से तय होगा कि विद्यार्थी इन सुविधाओं का कितना उपयोग कर पाते हैं और इससे उनकी सीखने की क्षमता तथा परीक्षा की तैयारी में कितना सुधार होता है।

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