भारत सरकार ने Vodafone Idea को बड़ी वित्तीय राहत देते हुए उसके AGR (Adjusted Gross Revenue) बकाया को घटा दिया है। यह कदम कंपनी पर पड़े कर्ज के दबाव को कम करने और उसके दीर्घकालिक पुनर्गठन में मदद करने के उद्देश्य से लिया गया है।
Vodafone Idea को बड़ी राहत देते हुए सरकार ने उसके AGR बकाया में लगभग ₹23,600 करोड़ की कटौती कर दी है। इसके बाद कुल देनदारी लगभग 27% घटकर ₹64,046 करोड़ (31 दिसंबर 2025 तक) रह गई है।
यह संशोधन दूरसंचार विभाग (DoT) द्वारा नियुक्त समिति की विस्तृत पुनर्मूल्यांकन प्रक्रिया के बाद किया गया है। पहले यह राशि ₹87,695 करोड़ तय की गई थी, जिसे अब संशोधित कर कम कर दिया गया है।
कंपनी ने बताया कि DoT ने समिति द्वारा अंतिम रूप से तय की गई संशोधित राशि की जानकारी दी है।
AGR पुनर्मूल्यांकन एक व्यापक समीक्षा प्रक्रिया का हिस्सा था, जिसमें दूरसंचार क्षेत्र की देनदारियों को दोबारा जांचा गया।
पहले ही रिपोर्टों में संकेत दिया गया था, कि समिति Vodafone Idea की देनदारी में ₹20,000 करोड़ से अधिक की कटौती कर सकती है। अब यह अनुमान वास्तविक रूप में सामने आ गया है।
सरकार ने भुगतान की नई संरचना भी तय की है, जिससे कंपनी पर तत्काल वित्तीय दबाव कम हो सके।
यह संरचना भुगतान को लंबे समय तक फैलाकर कंपनी को राहत देती है।
FY18 और FY19 के AGR बकाया, जो सुप्रीम कोर्ट के 2020 के आदेश के बाद तय किए गए थे, ₹124 करोड़ पर अपरिवर्तित रहेंगे।
इस राशि का भुगतान FY26 से FY31 के बीच समान वार्षिक किस्तों में किया जाएगा।
AGR के अलावा कंपनी पर स्पेक्ट्रम से जुड़े बड़े वित्तीय दायित्व भी हैं:
ये देनदारियां कंपनी के कैश फ्लो पर भारी दबाव डालती हैं।
यह पुनर्मूल्यांकन दिसंबर 2025 में Union Cabinet द्वारा मंजूर राहत पैकेज के बाद हुआ है।
इस पैकेज के तहत:
सरकार के पास कंपनी में लगभग 48.9% हिस्सेदारी है, इसलिए वह वित्तीय स्थिरता और बाजार संतुलन दोनों को बनाए रखना चाहती है।
सुप्रीम कोर्ट ने सरकार को FY17 तक के अतिरिक्त AGR दावों की समीक्षा और पुनर्मूल्यांकन की अनुमति दी थी।
इससे DoT को पूरे बकाया की पुनर्गणना करने का अवसर मिला।
2019 के सुप्रीम कोर्ट फैसले के बाद Vodafone Idea पर भारी वित्तीय बोझ बढ़ गया।
शुरुआत में कुल AGR देनदारी ₹53,039 करोड़ थी, जिसमें शामिल था:
बाद में ब्याज और जुर्माने के कारण यह राशि बढ़ती गई।
Vodafone Idea ने हमेशा सरकार की गणना पर सवाल उठाए हैं और इसे त्रुटिपूर्ण बताया है।
कंपनी के अनुसार उसकी स्वयं की गणना के अनुसार AGR देनदारी लगभग ₹21,500 करोड़ है, जो सरकारी आंकड़ों से काफी कम है।
AGR में कटौती और भुगतान स्थगन से कंपनी के नकदी प्रवाह पर दबाव कम होगा।
लेकिन कंपनी अभी भी कई चुनौतियों का सामना कर रही है:
कंपनी अगले तीन वर्षों में लगभग ₹45,000 करोड़ का निवेश करने की योजना बना रही है।
इसके लिए:
निष्कर्ष:
AGR बकाया में यह कटौती Vodafone Idea के लिए एक बड़ी राहत है। हालांकि कंपनी के सामने अभी भी भारी वित्तीय चुनौतियाँ बनी हुई हैं, लेकिन यह फैसला उसे पुनर्गठन और स्थिरता की दिशा में आगे बढ़ने में मदद कर सकता है।