अमेरिका के शेयर बाजार में टेक्नोलॉजी कंपनियों के शेयरों की भारी बिकवाली देखने को मिली। Nasdaq Composite में 5.5 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई, जो अप्रैल 2025 के बाद एक दिन में आई इसकी सबसे बड़ी गिरावट है। इस गिरावट के कारण बाजार से खरबों डॉलर की पूंजी साफ हो गई। निवेशकों के बीच कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) से जुड़े बुनियादी ढांचे में हो रहे भारी निवेश के भविष्य को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं।
नैस्डैक Nasdaq 100 में भी 6.4 प्रतिशत की गिरावट आई। यह सूचकांक शेयर बाजार में सूचीबद्ध कुछ सबसे बड़ी कंपनियों के प्रदर्शन को दर्शाता है। इस गिरावट के कारण कंपनियों के कुल बाजार मूल्य में लगभग 2.5 ट्रिलियन डॉलर की कमी आई।
अमेरिका के मध्यावधि चुनाव में डेमोक्रेटिक पार्टी की बड़ी जीत के बाद बाजार में यह गिरावट देखने को मिली। निवेशकों को आशंका है कि राजनीतिक बदलाव के कारण बड़े डेटा सेंटर बनाने वाली परियोजनाओं पर सरकारी निगरानी और स्थानीय विरोध बढ़ सकता है। इससे AI से जुड़े बुनियादी ढांचे के विस्तार की रफ्तार धीमी पड़ने की संभावना है।
अमेरिका में चुनाव के नतीजों ने डेटा सेंटर के निर्माण और विस्तार को लेकर नई चिंताएं पैदा कर दी हैं। कई राज्यों में गवर्नर पद के चुनावों में डेमोक्रेटिक उम्मीदवारों की जीत के बाद यह उम्मीद बढ़ गई है कि बड़ी परियोजनाओं की जांच और मंजूरी की प्रक्रिया अधिक सख्त हो सकती है।
डेटा सेंटर ऐसे बड़े परिसर होते हैं, जहां कंप्यूटर सर्वर और अन्य तकनीकी उपकरणों के माध्यम से डिजिटल सेवाओं और AI प्रणालियों को चलाया जाता है। इनके संचालन के लिए बड़ी मात्रा में बिजली और पानी की जरूरत होती है। साथ ही, इनके निर्माण के लिए काफी जमीन भी चाहिए।
बाजार रणनीतिकारों का मानना है कि स्थानीय समुदायों का विरोध टेक्नोलॉजी कंपनियों के लिए नई सुविधाओं के निर्माण की मंजूरी हासिल करना मुश्किल बना सकता है। जिन क्षेत्रों में बिजली और पानी की उपलब्धता पहले से सीमित है, वहां नए डेटा सेंटर को लेकर सवाल उठ सकते हैं।
इससे उन परियोजनाओं पर असर पड़ सकता है जिन्हें अभी तक नियामक संस्थाओं से जरूरी मंजूरी नहीं मिली है। UBS के विश्लेषकों के अनुमान के अनुसार, अमेरिका में वर्ष 2028 के दौरान जोड़ी जाने वाली डेटा सेंटर क्षमता का लगभग 30 प्रतिशत हिस्सा संभावित निर्माण रोक या देरी के जोखिम का सामना कर सकता है।
शेयर बाजार में सबसे ज्यादा नुकसान सेमीकंडक्टर बनाने और AI कंप्यूटिंग से जुड़ी सुविधाएं उपलब्ध कराने वाली कंपनियों को हुआ। इन कंपनियों के शेयरों में भारी बिकवाली देखने को मिली।
फिलाडेल्फिया सेमीकंडक्टर इंडेक्स में 12 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। यह सूचकांक छह महीने से भी अधिक समय के अपने सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया। दुनिया की प्रमुख चिप निर्माता कंपनियों में शामिल Nvidia के शेयर 9 प्रतिशत गिर गए, जबकि Advanced Micro Devices (AMD) के शेयरों में 17 प्रतिशत की बड़ी गिरावट आई।
इस गिरावट का असर उन कंपनियों पर भी पड़ा जो AI विकसित करने वाली कंपनियों को क्लाउड कंप्यूटिंग की क्षमता उपलब्ध कराती हैं। इन कंपनियों ने डेटा सेंटर और अन्य तकनीकी सुविधाएं विकसित करने में भारी निवेश किया है। अपने विस्तार के लिए इनमें से कई कंपनियां कर्ज और बाहरी वित्तीय सहायता पर निर्भर रहती हैं।
निवेशकों को चिंता है कि यदि डेटा सेंटर परियोजनाओं में देरी होती है, तो कंपनियों की भविष्य की कमाई और मुनाफे पर असर पड़ सकता है। महंगी परियोजनाओं से मिलने वाले संभावित लाभ को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं।
AI इंफ्रास्ट्रक्चर उपलब्ध कराने वाली कंपनियों CoreWeave और Nebius के शेयरों में भी भारी गिरावट दर्ज की गई। निवेशकों की चिंता इन कंपनियों के कर्ज और भविष्य में धन जुटाने की जरूरतों को लेकर बढ़ी है।
CoreWeave के शेयर 10 प्रतिशत गिर गए। S&P Global Market Intelligence के अनुसार, कंपनी के पांच साल के क्रेडिट डिफॉल्ट स्वैप (CDS) का अंतर बढ़कर रिकॉर्ड 1,267.9 आधार अंक पर पहुंच गया। इस तरह के वित्तीय साधनों से बाजार में किसी कंपनी के कर्ज का जोखिम कितना माना जा रहा है, इसका संकेत मिलता है।
Nebius के शेयरों में भी 15 प्रतिशत की गिरावट आई। Nasdaq Composite के 6 अक्टूबर को अपने रिकॉर्ड बंद स्तर पर पहुंचने के बाद से दोनों कंपनियां अपने बाजार मूल्य का कम से कम आधा हिस्सा गंवा चुकी हैं।
कर्ज से जुड़ी चिंताओं का असर Intel तक पहुंच गया। कंपनी के पांच साल के क्रेडिट डिफॉल्ट स्वैप का अंतर बढ़कर रिकॉर्ड 149.7 आधार अंक पर पहुंच गया।
निवेशक अब इस बात का आकलन कर रहे हैं कि AI से होने वाली संभावित कमाई क्या उन्नत कंप्यूटिंग सुविधाओं के निर्माण और संचालन पर खर्च होने वाली भारी रकम को सही ठहरा सकती है।
शेयर बाजार में गिरावट केवल छोटी AI इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनियों तक सीमित नहीं रही। बड़ी टेक्नोलॉजी कंपनियों के शेयरों पर भी इसका असर देखने को मिला।
Amazon और Alphabet के शेयरों में 2.2 प्रतिशत की गिरावट आई, जबकि Microsoft के शेयर 3.6 प्रतिशत नीचे आ गए। Bloomberg News की एक रिपोर्ट के अनुसार, Microsoft Nebius, IREN और Nscale से जुड़ी कुछ डेटा सेंटर परियोजनाओं की निगरानी भी सख्त कर रहा है।
डेटा सेंटर का संचालन करने वाली कंपनियों Applied Digital, Cipher Digital और IREN के शेयरों में 14 प्रतिशत से अधिक की गिरावट दर्ज की गई।
AI इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र को उपकरण और बिजली उपलब्ध कराने वाली कंपनियों के शेयर भी दबाव में रहे। GE Vernova के शेयर 7.4 प्रतिशत गिर गए, जबकि Constellation Energy के शेयरों में 2.5 प्रतिशत की कमी आई।
इस व्यापक बिकवाली से संकेत मिलता है कि निवेशक अब केवल AI कंपनियों के प्रदर्शन का नहीं, बल्कि पूरे AI इंफ्रास्ट्रक्चर तंत्र से जुड़े जोखिमों का दोबारा आकलन कर रहे हैं।
अमेरिकी शेयर बाजार में बढ़ती अनिश्चितता का असर CBOE Volatility Index (VIX) पर भी दिखाई दिया। इसे आमतौर पर वॉल स्ट्रीट का डर सूचकांक कहा जाता है। इसमें दिसंबर 2024 के बाद सबसे बड़ी बढ़ोतरी दर्ज की गई, जो निवेशकों की बढ़ती चिंता को दर्शाती है।
Nasdaq Composite अपने 6 अक्टूबर के रिकॉर्ड बंद स्तर से लगभग 12 प्रतिशत नीचे आ चुका है। इस तरह यह सूचकांक बाजार में सुधार की स्थिति यानी करेक्शन क्षेत्र में पहुंच गया है। आमतौर पर किसी बाजार सूचकांक में हाल के उच्चतम स्तर से कम से कम 10 प्रतिशत की गिरावट को करेक्शन कहा जाता है।
AI से जुड़ी कंपनियों के शेयरों में लगातार दूसरे कारोबारी सत्र में बिकवाली हुई। विश्लेषकों ने चेतावनी दी है कि इस गिरावट का असर अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी दिखाई दे सकता है। अमेरिकी बाजार में बिकवाली के बाद एशियाई टेक्नोलॉजी कंपनियों के शेयरों पर भी दबाव बढ़ने की आशंका है।
शेयर बाजार में आई इस गिरावट से पता चलता है कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता के क्षेत्र को लेकर निवेशकों की सोच में बदलाव आ रहा है। पहले AI तकनीक के तेजी से विस्तार की उम्मीदों के कारण इससे जुड़ी कंपनियों के शेयरों को काफी समर्थन मिल रहा था। अब निवेशक कंपनियों की वास्तविक कमाई, बुनियादी ढांचे की लागत और कर्ज की जरूरतों पर अधिक ध्यान दे रहे हैं।
AI कंपनी Anthropic के प्रस्तावित शुरुआती सार्वजनिक निर्गम (IPO) को लेकर भी चिंताएं सामने आई हैं। विश्लेषक इस बात पर विचार कर रहे हैं कि बाजार में बढ़ते उतार-चढ़ाव का कंपनी की योजना पर क्या असर पड़ सकता है।
हालांकि, AI को आने वाले वर्षों में तकनीकी विकास का एक महत्वपूर्ण आधार माना जा रहा है, लेकिन मौजूदा गिरावट बताती है कि निवेशक अब इस क्षेत्र की हर कंपनी में आंख बंद करके निवेश करने के बजाय अधिक सावधानी बरत रहे हैं।
अब बाजार का ध्यान केवल AI से मिलने वाले भविष्य के अवसरों पर नहीं, बल्कि उन अवसरों को वास्तविकता में बदलने के लिए जरूरी भारी वित्तीय खर्च पर भी है।