भारत का ऑटोमोबाइल सेक्टर वैश्विक मंच पर तेजी से अपनी पहचान मजबूत कर रहा है। Mahindra & Mahindra ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए दुनिया के टॉप 25 सबसे मूल्यवान ऑटो ब्रांड्स में जगह बना ली है।
Brand Finance की Automotive Industry 2026 रिपोर्ट के अनुसार भारत के कुल आठ ऑटो ब्रांड्स दुनिया के टॉप 100 में शामिल हुए हैं, जो देश की बढ़ती वैश्विक ताकत को दर्शाता है।
रिपोर्ट के अनुसार वैश्विक ऑटोमोबाइल सेक्टर का कुल ब्रांड वैल्यू लगभग 575.4 बिलियन डॉलर आंका गया है।
इसमें भारतीय कंपनियों की हिस्सेदारी लगातार बढ़ रही है। यह दर्शाता है कि भारत अब केवल घरेलू बाजार तक सीमित नहीं है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी प्रतिस्पर्धा कर रहा है।
Mahindra & Mahindra इस सूची में 25वें स्थान पर पहुंच गया है।
रिपोर्ट के अनुसार Mahindra की सफलता का मुख्य कारण उसकी SUV और इलेक्ट्रिक वाहन (EV) रणनीति है।
Mahindra ने अपने प्रोडक्ट पोर्टफोलियो को SUV और इलेक्ट्रिक वाहनों पर केंद्रित किया है।
इसके अलावा कंपनी का ट्रैक्टर और कृषि उपकरण व्यवसाय भी उसे स्थिरता प्रदान करता है।
Royal Enfield ने शानदार प्रदर्शन करते हुए दुनिया के सबसे मजबूत ऑटो ब्रांड्स में तीसरा स्थान हासिल किया।
इसकी सफलता का श्रेय इसके प्रीमियम मोटरसाइकिल और लाइफस्टाइल ब्रांड इमेज को दिया गया है।
Tata Motors भी दुनिया के सबसे मजबूत ब्रांड्स में पांचवें स्थान पर है।
रिपोर्ट में कहा गया है, कि Tata Motors की ESG (पर्यावरण, सामाजिक और गवर्नेंस) पर मजबूत पकड़ और EV फोकस ने इसकी ब्रांड छवि को मजबूत किया है।
Maruti Suzuki ने 34वां स्थान हासिल किया।
यह प्रदर्शन भारतीय बाजार में कंपनी की विश्वसनीयता और मजबूत ग्राहक आधार को दर्शाता है।
भारत के अन्य ऑटो ब्रांड्स का प्रदर्शन मिश्रित रहा:
यह दर्शाता है, कि सभी कंपनियों का प्रदर्शन समान नहीं रहा।
रिपोर्ट में एक महत्वपूर्ण अंतर बताया गया है—ब्रांड वैल्यू और ब्रांड स्ट्रेंथ के बीच।
भारत के कई ब्रांड्स ब्रांड स्ट्रेंथ में बेहतर हैं, जो उनकी मजबूत पहचान को दर्शाता है।
Ajimon Francis के अनुसार भारतीय ब्रांड्स अब केवल किफायती विकल्प नहीं रहे, बल्कि वैश्विक स्तर पर मजबूत पहचान बना रहे हैं।
उन्होंने कहा कि:
Brand Finance ब्रांड वैल्यू को रॉयल्टी रिलीफ मॉडल के आधार पर मापता है।
जबकि ब्रांड स्ट्रेंथ का आकलन:
यह उपलब्धि भारत के लिए कई मायनों में महत्वपूर्ण है:
भारत का ऑटो सेक्टर आने वाले समय में और तेजी से बढ़ सकता है, खासकर:
Mahindra & Mahindra का टॉप 25 में पहुंचना और भारत के 8 ब्रांड्स का वैश्विक सूची में शामिल होना देश की औद्योगिक प्रगति का बड़ा संकेत है।
यह दिखाता है कि भारतीय कंपनियां अब केवल घरेलू बाजार तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वैश्विक प्रतिस्पर्धा में भी मजबूती से खड़ी हैं।
आने वाले वर्षों में यह रुझान और तेज होने की उम्मीद है।