ईरान युद्ध के चलते शेयर बाजार निवेशकों के लिए फरवरी से लेकर मार्च तक का महीना अच्छा नहीं रहा है। बाजार में बड़ी गिरावट से निवेशकों को भारी नुकसान हुआ। बाजार का खराब मूड को भांपते हुए कंपनियों ने आईपीओ लाना रोक दिया। अब जब अमेरिका और ईरान में शांति है, और आगे युद्ध खत्म होने की पूरी उम्मीद है, दुनियाभर समेत भारतीय बाजार मेें तेजी लोटी है। इससे निवेशकों का मूड ठीक हुआ है। इसको देखते हुए अब कंपनियां आईपीओ लाने की तैयारी कर रही है। इस बीच आईपअी निवेशकों के लिए बड़ी खबर आई है। मई महीने में Mukesh Ambani अपने जियो का आईपीओ लाने के लिए सेबी के पास पेपर फाइल कर सकते हैं। आइए इस आईपीओ के बारे में सबकुछ जानते हैं।
सूत्रों के मुताबिक Reliance Industries की टेलीकॉम कंपनी Jio Platforms अपने Initial Public Offering (IPO) के जरिये 40,000-50,000 करोड़ रुपये जुटा सकती है, जो अब तक का सबसे बड़ा फंडरेज़ होगा। कंपनी से उम्मीद है, कि मई महीने में अपना Draft Red Herring Prospectus (DRHP) फाइल कर देगी।
यह IPO नए इश्यू के बजाय Offer for Sale (OFS) होने की संभावना है। नवंबर 2025 में इन्वेस्टमेंट बैंक Jefferies ने Jio का मूल्यांकन लगभग 180 अरब डॉलर (16.72 लाख करोड़ रुपये) किया था, जिसका मतलब है, कि इस ऑफर के जरिए कंपनी में लगभग 2.5-3.5% हिस्सेदारी कम होगी। Reliance Industries के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने सबसे पहले 2019 में IPO लाने का संकेत दिया था, जिसके लिए उन्होंने पांच साल की समय-सीमा तय की थी।
जियो की लिस्टिंग भारत का अब तक का सबसे बड़ा IPO बन सकती है, और लगभग दो दशकों में Reliance की किसी बड़ी इकाई द्वारा पहला पब्लिक ऑफरिंग होगी। इंडस्ट्री सूत्रों के अनुसार Reliance अभी 'साइलेंट पीरियड' में है, क्योंकि अगले हफ्ते उसकी कमाई के आंकड़े जारी होने वाले हैं। ऐसे में इस दौरान कोई भी फाइल जमा किए जाने की संभावना कम है।
दिसंबर तिमाही के लिए Jio ने अपने नेट प्रॉफिट में साल-दर-साल 11% की बढ़ोतरी दर्ज की, जो बढ़कर ₹7,629 करोड़ हो गया। साथ ही ऑपरेशन से होने वाली कमाई में भी लगभग 13% की बढ़ोतरी हुई, जो ₹37,262 करोड़ तक पहुंच गई। इस बढ़ोतरी की मुख्य वजह 'हर यूजर से होने वाली औसत कमाई' (ARPU) में हुई वृद्धि थी, जो बढ़कर ₹213.7 हो गई। इसके अलावा 89 लाख नए सब्सक्राइबर भी कंपनी से जुड़े। अब कंपनी के कुल वायरलेस डेटा ट्रैफिक का आधे से ज्यादा हिस्सा 5G यूज़र्स से आता है, यह एक ऐसा सेगमेंट है, जहां यूजर्स की सक्रियता के मजबूत रुझान देखने को मिल रहे हैं।
Jio एक डिजिटल टेक्नोलॉजी कंपनी के तौर पर काम करती है, जो 4G और 5G कनेक्टिविटी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और क्लाउड इंफ़्रास्ट्रक्चर जैसे क्षेत्रों में अपनी सेवाएं देती है।
रिलायंस ने पिछले महीने ही IPO की तैयारियां औपचारिक रूप से शुरू कर दी थीं। इसके लिए कोटक महिंद्रा कैपिटल, मॉर्गन स्टेनली, गोल्डमैन सैक्स, जेएम फाइनेंशियल, HSBC, बैंक ऑफ अमेरिका और सिटीग्रुप जैसे 19 बड़े बैंकों को एडवाइजर के तौर पर नियुक्त किया गया है। हालांकि IPO के स्ट्रक्चर और सटीक समय को लेकर अभी चर्चा जारी है और इसमें बदलाव संभव है।
जियो सिर्फ एक टेलीकॉम कंपनी नहीं रह गई है, बल्कि यह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डिजिटल सर्विसेज में भी तेजी से विस्तार कर रही है।
कंपनी ने AI इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने के लिए एनवीडिया के साथ पार्टनरशिप की है। बाजार में जियो की सीधी टक्कर एलन मस्क की स्टारलिंक से होने वाली है, जो जल्द ही भारत में सैटेलाइट इंटरनेट सर्विस शुरू करने वाली है।
यह एक कच्चा डॉक्यूमेंट होता है, जो कंपनी सेबी को जमा करती है। इसमें कंपनी के बिजनेस, प्रमोटर्स और वित्तीय सेहत की पूरी जानकारी होती है। सेबी की मंजूरी के बाद ही IPO आता है।