जियो प्लेटफॉर्म्स IPO ने बनाया विश्व रिकॉर्ड, एक करोड़ से ज्यादा आवेदन मिलने से बढ़ा उत्साह

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24 Oct 2026
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News Synopsis

रिलायंस इंडस्ट्रीज की डिजिटल सेवा कंपनी Jio Platforms के शुरुआती सार्वजनिक निर्गम (IPO) ने निवेशकों की जबरदस्त दिलचस्पी के बीच वैश्विक रिकॉर्ड बना दिया है। शुक्रवार को इश्यू बंद होने में पांच घंटे बाकी रहते ही इसे एक करोड़ से अधिक आवेदन मिल चुके थे। सूत्रों के अनुसार, इस उपलब्धि के साथ Jio Platforms दुनिया में एक करोड़ आवेदन का आंकड़ा पार करने वाला पहला सार्वजनिक निर्गम बन गया।

इससे पहले आवेदन के मामले में सबसे बड़ा रिकॉर्ड Waaree Energies के नाम था, जिसे लगभग 97 लाख आवेदन मिले थे। Jio Platforms ने इस आंकड़े को पीछे छोड़ दिया। कंपनी ने भारत में भी पहले के रिकॉर्ड को पार किया है, जिनमें Bajaj Housing Finance जैसे बड़े IPO शामिल हैं।

Jio Platforms का IPO ऐसे समय में निवेशकों और बाजार विशेषज्ञों का ध्यान खींच रहा है, जब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़ी कंपनियों के शेयरों को लेकर बाजार में ज्यादा जांच-पड़ताल हो रही है। ऐसे माहौल में यह निर्गम दिखाएगा कि बड़े आकार की कंपनियों के शेयर बाजार में सूचीबद्ध होने पर निवेशकों की कितनी मांग बनी हुई है।

Jio Platforms IPO को मिला जबरदस्त समर्थन। (Jio Platforms IPO Attracts Strong Investor Demand)

पेशकश से कई गुना ज्यादा शेयरों के लिए आवेदन। (Applications Exceed Shares on Offer by Several Times)

शुक्रवार दोपहर 12:03 बजे तक Jio Platforms के IPO में कुल 136.32 करोड़ शेयरों के लिए बोली लगाई जा चुकी थी, जबकि निवेशकों के लिए 19.75 करोड़ शेयर उपलब्ध थे। इस तरह इश्यू को कुल मिलाकर लगभग सात गुना अभिदान मिला था। इसका अर्थ है कि उपलब्ध शेयरों की तुलना में निवेशकों ने कई गुना अधिक शेयर खरीदने की मांग दर्ज की।

इस IPO में संस्थागत निवेशकों की मांग सबसे ज्यादा रही। योग्य संस्थागत खरीदारों (QIBs) ने अपने लिए आरक्षित 4.90 करोड़ शेयरों के मुकाबले 70.85 करोड़ शेयरों के लिए बोलियां लगाईं। इस श्रेणी में अभिदान करीब 14.46 गुना रहा।

घरेलू वित्तीय संस्थानों, जिनमें बैंक, वित्तीय संस्थाएं और बीमा कंपनियां शामिल हैं, ने 34.51 करोड़ शेयरों के लिए बोली लगाई। वहीं, विदेशी संस्थागत निवेशकों ने 26.95 करोड़ शेयरों की मांग दर्ज की। म्यूचुअल फंड की ओर से 4.40 करोड़ शेयरों के लिए बोलियां आईं।

गैर-संस्थागत निवेशकों (NIIs) की श्रेणी में भी मांग मजबूत रही और इस हिस्से को 9.45 गुना अभिदान मिला। ये आंकड़े बताते हैं कि बड़े निवेशकों के साथ-साथ अन्य निवेशक समूहों ने भी इस IPO में रुचि दिखाई।

खुदरा निवेशकों और कर्मचारियों की भागीदारी। (Participation of Retail Investors and Employees)

खुदरा व्यक्तिगत निवेशकों (RIIs) ने अपने लिए उपलब्ध 8.50 करोड़ शेयरों के मुकाबले 17.19 करोड़ शेयरों के लिए आवेदन किया। इस श्रेणी में अभिदान 2.02 गुना रहा। यानी खुदरा निवेशकों की ओर से उपलब्ध शेयरों से लगभग दोगुनी मांग आई।

रिलायंस इंडस्ट्रीज के मौजूदा शेयरधारकों के लिए आरक्षित हिस्से को 5.68 गुना अभिदान मिला, जबकि कर्मचारियों के लिए आरक्षित हिस्से में 2.48 गुना मांग दर्ज की गई। एक्सचेंज के आंकड़ों के अनुसार, शुक्रवार को खुदरा निवेशकों का हिस्सा लगभग दो गुना, कर्मचारी कोटा करीब ढाई गुना और मौजूदा रिलायंस शेयरधारकों का हिस्सा लगभग 5.7 गुना अभिदान प्राप्त कर चुका था।

ये आंकड़े इश्यू बंद होने से पहले की स्थिति को दर्शाते हैं। अंतिम अभिदान और आवंटन की स्थिति अलग हो सकती है।

IPO से जुटाए जाएंगे 30,213 करोड़ रुपये। (IPO to Raise ₹30,213 Crore)

पूरा इश्यू नए शेयरों पर आधारित। (The Offering Consists Entirely of Fresh Shares)

Jio Platforms का IPO पूरी तरह नए शेयर जारी करने पर आधारित है। इसके तहत कंपनी 27 करोड़ नए शेयर जारी कर रही है। तय मूल्य दायरे के ऊपरी स्तर पर शेयर जारी करने से कंपनी को लगभग 30,213 करोड़ रुपये जुटाने की उम्मीद है। इस कीमत के आधार पर कंपनी का अनुमानित मूल्यांकन करीब 108 अरब डॉलर बैठता है।

इस इश्यू में रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड या कंपनी के अन्य मौजूदा शेयरधारक अपने शेयर नहीं बेच रहे हैं। इसका मतलब है कि IPO से जुटाई जाने वाली रकम नए शेयर जारी करने के जरिए कंपनी के लिए आएगी।

IPO से पहले Jio Platforms ने 19 अक्टूबर को 212 एंकर निवेशकों से लगभग 8,110 करोड़ रुपये जुटाए थे। एंकर निवेशकों को 1,119 रुपये प्रति शेयर की दर से शेयर आवंटित किए गए थे, जो तय मूल्य दायरे का ऊपरी स्तर था।

रिपोर्ट के मुताबिक, एंकर निवेशकों की ओर से 2.5 लाख करोड़ रुपये से अधिक की बोलियां मिली थीं। यह उपलब्ध आवंटन से 30 गुना से भी ज्यादा था। निवेशकों में BlackRock, Fidelity Investments, GIC और Abu Dhabi Investment Authority जैसे वैश्विक परिसंपत्ति प्रबंधक और सरकारी निवेश कोष शामिल थे।

जुटाई गई रकम का इस्तेमाल कहां होगा? (How Will the Proceeds Be Used?)

Jio Platforms की योजना IPO से मिलने वाली रकम में से अधिकतम 27,500 करोड़ रुपये अपनी पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी Reliance Jio Infocomm के कर्ज चुकाने में इस्तेमाल करने की है। बची हुई रकम का उपयोग पूंजीगत खर्च, तकनीक और डिजिटल सेवाओं में निवेश तथा रोजमर्रा के कारोबारी कामकाज के लिए जरूरी कार्यशील पूंजी में किया जाएगा।

कर्ज चुकाने से संबंधित कंपनी की वित्तीय स्थिति को सहारा मिल सकता है, जबकि तकनीक और डिजिटल सेवाओं में निवेश भविष्य की योजनाओं को आगे बढ़ाने में मदद कर सकता है। हालांकि, इन योजनाओं का वास्तविक असर कंपनी के खर्च, कारोबार की वृद्धि और बाजार की परिस्थितियों पर निर्भर करेगा।

Jio की AI और क्लाउड तकनीक पर नजर। (Jio Focuses on AI and Cloud Technology)

आकाश अंबानी ने बताया कंपनी की विकास रणनीति। (Akash Ambani Explains the Company’s Growth Strategy)

Jio Platforms के प्रबंध निदेशक आकाश अंबानी ने हाल ही में कहा था कि कंपनी दूरसंचार कारोबार से आगे बढ़कर तकनीक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और क्लाउड सेवाओं के जरिए विकास करना चाहती है।

समाचार एजेंसी PTI को दिए एक साक्षात्कार में उन्होंने कहा कि Jio के लिए नेटवर्क ही उसकी तकनीक का आधार है। उन्होंने कंपनी के अपने 5G कोर नेटवर्क, क्लाउड आधारित रेडियो एक्सेस नेटवर्क और सॉफ्टवेयर प्लेटफॉर्म का उल्लेख किया। उनके अनुसार, यह प्लेटफॉर्म 53.33 करोड़ ग्राहकों को सेवाएं दे रहा है।

अंबानी ने बताया कि कंपनी ने सबसे पहले इसी प्लेटफॉर्म पर कनेक्टिविटी सेवाएं विकसित की थीं। अब इसके ऊपर डिजिटल सेवाएं, AI और क्लाउड से जुड़ी सुविधाएं जोड़ी जा रही हैं। यह रणनीति दर्शाती है कि Jio अपनी दूरसंचार पहुंच का इस्तेमाल करके दूसरे डिजिटल कारोबारों का विस्तार करना चाहती है।

रिलायंस समूह की विरासत और Jio का सफर। (The Reliance Legacy and Jio’s Journey)

रिलायंस के शेयरों का लंबा प्रदर्शन। (Reliance Shares’ Long-Term Performance)

Jio, मुकेश अंबानी के नेतृत्व वाले रिलायंस समूह का हिस्सा है। भारतीय निवेशकों के बीच रिलायंस इंडस्ट्रीज को लंबे समय से एक महत्वपूर्ण कंपनी के रूप में देखा जाता रहा है। LSEG के आंकड़ों के अनुसार, 2006 से रिलायंस के शेयरों ने लगभग 900 प्रतिशत का रिटर्न दिया है, जबकि इसी अवधि में प्रमुख बाजार सूचकांक Nifty का रिटर्न करीब 685 प्रतिशत रहा।

Jio का दूरसंचार कारोबार 2016 में शुरू हुआ था। कंपनी ने मुफ्त वॉइस कॉल और डेटा सेवाएं देकर बाजार में बड़ा बदलाव किया। इससे Bharti Airtel और Vodafone Idea जैसी प्रतिस्पर्धी कंपनियों पर दबाव बढ़ा और दूरसंचार क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा तेज हुई।

आज एक ही देश में ग्राहकों की संख्या के आधार पर Jio के 50 करोड़ से अधिक उपयोगकर्ता हैं। वैश्विक स्तर पर इस मामले में कंपनी चीन की China Mobile के बाद दूसरे स्थान पर बताई जाती है।

धीरूभाई अंबानी की कारोबारी विरासत। (Dhirubhai Ambani’s Business Legacy)

रिलायंस की स्थापना आकाश अंबानी के दादा धीरूभाई अंबानी ने की थी। वर्ष 2002 में उनका निधन हुआ। 1980 के दशक में मुंबई के खुले मैदानों में बड़े स्तर पर आयोजित शेयरधारक बैठकों के जरिए उन्होंने कंपनी और उसके निवेशकों के बीच मजबूत संबंध बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।

रिलायंस की वेबसाइट के अनुसार, 1977 में कंपनी की शेयर बाजार में सूचीबद्धता ने इतिहास रचा और भारत में आम लोगों के बीच शेयरों में निवेश की संस्कृति को बढ़ावा दिया। Jio Platforms का मौजूदा IPO इसी कारोबारी विरासत के अगले महत्वपूर्ण चरण के रूप में देखा जा रहा है।

Jio Platforms IPO क्यों है महत्वपूर्ण? (Why Is the Jio Platforms IPO Significant?)

Jio Platforms का IPO भारतीय शेयर बाजार के लिए कई कारणों से महत्वपूर्ण है। एक करोड़ से अधिक आवेदन मिलने का आंकड़ा बड़े सार्वजनिक निर्गमों में निवेशकों की रुचि को दिखाता है। संस्थागत निवेशकों की मजबूत मांग के साथ खुदरा निवेशकों की भागीदारी भी इस इश्यू को चर्चा में बनाए हुए है।

कंपनी का प्रस्तावित मूल्यांकन, कर्ज चुकाने की योजना और AI तथा क्लाउड सेवाओं में विस्तार की रणनीति भी निवेशकों के लिए अहम पहलू हैं। दूसरी ओर, बाजार में सूचीबद्ध होने के बाद कंपनी के प्रदर्शन पर उसकी कमाई, भविष्य की वृद्धि, प्रतिस्पर्धा और तकनीकी निवेश का असर पड़ सकता है।

कुल मिलाकर, Jio Platforms का IPO निवेशकों की मांग और भारत के डिजिटल कारोबार में भविष्य की संभावनाओं को समझने का एक महत्वपूर्ण अवसर बन गया है। हालांकि, अधिक आवेदन मिलना अपने आप में भविष्य में शेयर की कीमत बढ़ने की गारंटी नहीं है। निवेशकों के लिए कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन, मूल्यांकन और जोखिमों को समझना भी जरूरी है।

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