रिलायंस इंडस्ट्रीज की डिजिटल सेवाओं से जुड़ी कंपनी Jio Platforms के बहुप्रतीक्षित IPO को लेकर हलचल तेज हो गई है। खबरों के अनुसार, कंपनी अक्टूबर के अंत तक शेयर बाजार में सूचीबद्ध हो सकती है। बैंकिंग और बाजार से जुड़े सूत्रों का अनुमान है कि Jio Platforms का उद्यम मूल्यांकन करीब 143 से 146 अरब डॉलर यानी 12 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो सकता है।
यदि यह योजना तय समय के अनुसार आगे बढ़ती है, तो Jio Platforms का IPO भारत का अब तक का सबसे बड़ा IPO बन सकता है। कंपनी इस सार्वजनिक निर्गम के जरिए लगभग 3.8 अरब डॉलर जुटा सकती है। ऐसे में निवेशकों की नजर कंपनी के अंतिम मूल्यांकन, शेयर की कीमत और IPO की पूरी संरचना पर रहेगी।
Jio Platforms ने अमेरिका, ब्रिटेन, दुबई, हांगकांग और सिंगापुर जैसे प्रमुख बाजारों में निवेशकों के साथ मुलाकातों का दौर पूरा कर लिया है। अब कंपनी 12 अक्टूबर से शुरू होने वाले सप्ताह में भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड यानी SEBI के पास अपने अंतिम IPO दस्तावेज जमा कर सकती है।
इन विदेशी मुलाकातों का नेतृत्व Jio Platforms के प्रबंध निदेशक और Reliance Jio के चेयरमैन आकाश अंबानी तथा Reliance Retail Ventures की कार्यकारी निदेशक ईशा अंबानी ने किया।
दस्तावेज जमा करने के बाद कंपनी भारत में निवेशकों के लिए अलग से रोडशो भी कर सकती है। इसका उद्देश्य संभावित निवेशकों को कंपनी के कारोबार, वित्तीय स्थिति और भविष्य की विकास योजनाओं की जानकारी देना होगा।
बैंकिंग क्षेत्र से जुड़े सूत्रों के अनुसार, Jio Platforms दशहरा से पहले एंकर निवेशकों के लिए प्रक्रिया शुरू कर सकती है। इसके बाद आम निवेशकों के लिए IPO दशहरा के बाद और 23 अक्टूबर से पहले खुलने की संभावना जताई जा रही है।
यदि यह प्रस्तावित समय-सारणी बिना बदलाव के आगे बढ़ती है, तो Jio Platforms अक्टूबर के अंत से पहले शेयर बाजार में सूचीबद्ध हो सकती है।
SEBI ने 28 अगस्त को कंपनी के IPO प्रस्ताव पर अपनी अंतिम टिप्पणियां जारी की थीं। इससे पहले Jio Platforms ने जून में IPO के मसौदा दस्तावेज जमा किए थे। इस प्रक्रिया के आगे बढ़ने के साथ कंपनी का IPO भारत के सबसे बड़े शेयर बाजार पदार्पण में शामिल होने की दिशा में बढ़ रहा है।
मसौदा विवरण पुस्तिका के अनुसार, Jio Platforms अधिकतम 27 करोड़ नए इक्विटी शेयर जारी करने की योजना बना रही है। ये शेयर IPO के बाद कंपनी की कुल इक्विटी का लगभग 2.9 प्रतिशत होंगे।
बाजार से जुड़े सूत्रों ने इस IPO के जरिए करीब 3.8 अरब डॉलर जुटाए जाने का अनुमान लगाया है। प्रस्तावित आकार और मूल्यांकन को देखते हुए यह भारतीय पूंजी बाजार के सबसे बड़े सार्वजनिक निर्गमों में से एक होगा।
यह IPO ऐसे समय में आ रहा है जब भारत के प्राथमिक बाजार में भी काफी गतिविधि देखने को मिल रही है। 1 जुलाई के बाद दो दर्जन से अधिक IPO घोषित या शुरू हो चुके हैं। यह संख्या 2026 की पहली छमाही में आए 28 IPO के लगभग बराबर है।
Jio Platforms रिलायंस के डिजिटल कारोबारों की मुख्य कंपनी है। इसके तहत Reliance Jio Infocomm प्रमुख दूरसंचार कारोबार का संचालन करती है।
कंपनी भारत के मोबाइल और फिक्स्ड-लाइन बाजार में मजबूत स्थिति रखती है। Jio के पास देश के मोबाइल कनेक्शनों में करीब 39.29 प्रतिशत हिस्सेदारी है और इसके लगभग 50.6 करोड़ ग्राहक हैं।
फिक्स्ड-लाइन कनेक्शनों में भी Jio की हिस्सेदारी करीब 32.89 प्रतिशत है, जहां कंपनी के लगभग 15.79 करोड़ ग्राहक बताए गए हैं। 5G नेटवर्क के तेजी से विस्तार ने भी Jio की स्थिति को और मजबूत किया है।
Jio का कारोबार अब केवल दूरसंचार सेवाओं तक सीमित नहीं है। कंपनी ने क्लाउड कंप्यूटिंग, AI और एंटरप्राइज नेटवर्किंग जैसे तकनीकी क्षेत्रों में भी अपनी मौजूदगी बढ़ाई है।
Jio अपने बड़े ग्राहक आधार, डिजिटल ढांचे और नेटवर्क क्षमता का इस्तेमाल नए बाजारों में विस्तार के लिए कर रहा है। कंपनी का दावा है कि उसका 5G नेटवर्क भारत के वायरलेस डेटा ट्रैफिक का लगभग 60 प्रतिशत संभालता है।
इसके अलावा, फिक्स्ड वायरलेस एक्सेस के क्षेत्र में भी Jio की मजबूत उपस्थिति है। कंपनी के आंकड़ों के अनुसार, इस सेवा के लगभग 1.5 करोड़ ग्राहक हैं।
वित्त वर्ष 2025-26 यानी FY26 में Jio Platforms ने मजबूत वित्तीय प्रदर्शन दर्ज किया। कंपनी का कर कटौती के बाद मुनाफा यानी Profit After Tax 15 प्रतिशत बढ़कर 30,053 करोड़ रुपये हो गया।
इसी अवधि में कंपनी की सालाना आय 14.5 प्रतिशत बढ़कर 1,46,885 करोड़ रुपये पहुंच गई।
Nuvama Research के विश्लेषकों का अनुमान है कि Reliance Jio का Profit After Tax वित्त वर्ष 2026 से वित्त वर्ष 2030 के बीच लगभग 18 प्रतिशत की चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर (CAGR) से बढ़ सकता है। यह अनुमान IPO के समय कंपनी के मूल्यांकन को समझने वाले निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण हो सकता है।
Jio Platforms को पहले से ही कई बड़े वैश्विक तकनीकी और वित्तीय संस्थानों का समर्थन प्राप्त है। वर्ष 2020 में Meta ने 43,574 करोड़ रुपये का निवेश कर 9.99 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीदी थी। वहीं Google ने 33,737 करोड़ रुपये के निवेश के बदले 7.73 प्रतिशत हिस्सेदारी हासिल की थी।
इसके अलावा Silver Lake, Vista Equity Partners, General Atlantic, KKR, Mubadala, Abu Dhabi Investment Authority, TPG, L Catterton, Intel Capital और Qualcomm Ventures जैसे निवेशकों ने भी कंपनी में निवेश किया।
इन निवेशकों ने सामूहिक रूप से करीब 74,745 करोड़ रुपये लगाए और लगभग 15.2 प्रतिशत हिस्सेदारी हासिल की।
IPO के मसौदा दस्तावेजों के अनुसार, Reliance Industries के पास Jio Platforms की करीब 66.4 प्रतिशत हिस्सेदारी है, जबकि Meta और Google की संयुक्त हिस्सेदारी लगभग 17.7 प्रतिशत है।
Jio Platforms का IPO केवल भारतीय शेयर बाजार के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे Reliance समूह के लिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यह 2008 के बाद समूह का पहला IPO होगा। साथ ही, यह समूह के किसी उपभोक्ता-केंद्रित कारोबार से जुड़ा पहला IPO भी होगा।
Jio Platforms के विशाल ग्राहक आधार, 5G नेटवर्क, डिजिटल सेवाओं में विस्तार, मजबूत वित्तीय प्रदर्शन और वैश्विक निवेशकों के समर्थन के कारण इसके IPO को लेकर बाजार में काफी उत्सुकता है।
हालांकि, निवेशकों के लिए केवल कंपनी का बड़ा आकार ही महत्वपूर्ण नहीं होगा। IPO के अंतिम मूल्यांकन, शेयर की कीमत, जारी किए जाने वाले शेयरों की संख्या और बाजार में सूचीबद्ध होने के बाद कंपनी के प्रदर्शन पर भी नजर रहेगी।
Jio Platforms की संभावित अक्टूबर में होने वाली सूचीबद्धता भारतीय IPO बाजार के लिए एक महत्वपूर्ण घटना बन सकती है। करीब 146 अरब डॉलर तक के संभावित मूल्यांकन और लगभग 3.8 अरब डॉलर के अनुमानित IPO के साथ यह भारत के सबसे बड़े सार्वजनिक निर्गमों में शामिल हो सकता है।
अब निवेशकों की निगाहें कंपनी के अंतिम IPO दस्तावेज, मूल्य निर्धारण और शेयर बाजार में पदार्पण की तारीख पर टिकी हैं। यदि प्रस्तावित समय-सारणी के अनुसार प्रक्रिया आगे बढ़ती है, तो अक्टूबर के अंत तक Jio Platforms का बहुप्रतीक्षित IPO भारतीय पूंजी बाजार में एक नया रिकॉर्ड बना सकता है।