एप्पल और जियो ने मिलकर iPhone पर RCS (Rich Communication Services) मैसेजिंग शुरू करने का ऐलान किया है। यह सुविधा SMS से कहीं अधिक एडवांस है और इसमें रीड रिसीट्स, हाई-क्वालिटी फोटो-वीडियो शेयरिंग, ग्रुप चैट्स और डॉक्यूमेंट शेयरिंग जैसी सुविधाएँ शामिल होंगी।
काफी समय से एप्पल RCS फीचर को केवल iMessage तक सीमित रख रहा था। लेकिन रेगुलेटरी दबाव और इंडस्ट्री डिमांड के चलते, एप्पल ने 2024 में iOS 18 अपडेट के साथ iPhone पर RCS सपोर्ट शुरू किया। जियो के साथ यह साझेदारी भारत के iPhone यूज़र्स के लिए खास मायने रखती है।
RCS फीचर से iPhone यूज़र्स को अब ये सुविधाएँ मिलेंगी:
हाई-रेज़ोल्यूशन फोटो और वीडियो शेयरिंग
टाइपिंग इंडिकेटर और रीड रिसीट्स
ग्रुप चैट और सिंकिंग
फाइल और डॉक्यूमेंट शेयरिंग
जियो-एप्पल पार्टनरशिप से कंपनियों को अपने ग्राहकों तक सीधे प्रमोशनल वीडियोज़, प्रोडक्ट इमेजेज़ और डॉक्यूमेंट्स भेजने की सुविधा मिलेगी। इससे SMS और ईमेल की तुलना में ज़्यादा एंगेजमेंट और ओपन रेट मिल सकता है।
एयरटेल ने अभी तक RCS इंटीग्रेशन को सपोर्ट नहीं किया है। कंपनी का कहना है कि इससे स्पैम बढ़ सकता है। जब तक TRAI RCS के लिए एंटी-स्पैम नियम नहीं लाता, एयरटेल इस सुविधा से दूर रहेगा।
पहले iPhone पर Android यूज़र्स से SMS करने पर ग्रीन बबल और iMessage पर ब्लू बबल दिखता था। लेकिन अब RCS से यह फर्क काफी हद तक खत्म हो जाएगा और मैसेजिंग अनुभव दोनों प्लेटफ़ॉर्म पर समान हो जाएगा।
एप्पल ने घोषणा की है कि वह 9 सितंबर 2025 को अपना बड़ा इवेंट आयोजित करेगा। इसमें iPhone 17 सीरीज़, नए Apple Watch और AI फीचर्स लॉन्च होने की उम्मीद है।
जियो के साथ साझेदारी एप्पल की भारत में बढ़ती दिलचस्पी को दिखाती है। एप्पल भारत में iPhone प्रोडक्शन भी बढ़ा रहा है और यह साझेदारी कंपनी के इकोसिस्टम को मज़बूत करने में मदद करेगी।
जियो और एप्पल की यह साझेदारी भारत में डिजिटल कम्युनिकेशन को एक नए स्तर पर ले जाने वाली है। iPhone यूज़र्स अब iMessage जैसी एडवांस सुविधाओं का अनुभव कर सकेंगे, जैसे हाई-क्वालिटी फोटो और वीडियो शेयरिंग, ग्रुप चैट, टाइपिंग इंडिकेटर और रीड रिसीट्स।
इसके अलावा, व्यवसायों के लिए यह साझेदारी ग्राहकों तक सीधे रिच मीडिया कंटेंट भेजने का एक प्रभावी माध्यम साबित होगी, जिससे ब्रांड एंगेजमेंट और ओपन रेट दोनों बढ़ेंगे। एयरटेल के अभी तक शामिल न होने के कारण जियो के iPhone यूज़र्स इस सुविधा का लाभ सबसे पहले उठा पाएंगे।
भविष्य में, इस साझेदारी से भारत में एप्पल के इकोसिस्टम को और मजबूती मिलेगी, साथ ही टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में नए इनोवेशन को बढ़ावा मिलेगा। यह कदम दिखाता है कि कैसे एप्पल और जियो मिलकर भारतीय डिजिटल कम्युनिकेशन को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बना सकते हैं और यूज़र्स और व्यवसायों दोनों के लिए नई संभावनाएँ खोल सकते हैं।