भारतीय टेलीकॉम बाजार में अक्टूबर 2025 का महीना कई अहम बदलावों से भरा हुआ रहा, ट्राई की रिपोर्ट के मुताबिक इस अवधि में देश की सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनी रिलायंस जियो ने सबसे ज्यादा नए मोबाइल कस्टमर्स जोड़कर एक बार फिर अपनी मार्केट लीडरशिप को मजबूत कर लिया है, वहीं दूसरी ओर लगातार संघर्ष कर रही Vodafone Idea (Vi) के लिए यह महीना बेहद चुनौतीपूर्ण साबित हुआ, क्योंकि कंपनी ने लाखों ग्राहकों को खो दिया, Airtel और BSNL ने भी उपभोक्ताओं की संख्या में बढ़ोतरी दर्ज की है, जिससे यह साफ होता है, कि भारतीय बाजार में कंपटीशन लगातार तेज हो रही है।
TRAI के मुताबिक अक्टूबर महीने में रिलायंस जियो ने 19.97 लाख नए वायरलेस सब्सक्राइबर जोड़े, यह किसी भी ऑपरेटर द्वारा दर्ज की गई सबसे अधिक मासिक वृद्धि है, इस बढ़त ने जियो को एक बार फिर टेलीकॉम मार्केट का निर्विवाद लीडिंग बना दिया, रिपोर्ट के अनुसार जियो का कुल मोबाइल यूजरबेस अब बढ़कर 48.47 करोड़ हो गया है, जो भारत में मोबाइल उपभोक्ताओं के कुल बाजार का करीब 41 फीसदी हिस्सा है, 4G और 5G नेटवर्क के तेज विस्तार, किफायती प्लान और ग्रामीण इलाकों में मजबूत पकड़ ने जियो की बढ़त में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
जियो की तरह ही भारती एयरटेल ने भी अक्टूबर में अच्छी बढ़त दर्ज की, कंपनी ने 12.52 लाख मोबाइल ग्राहक अपने नेटवर्क से जोड़े, इसके साथ Airtel का कुल सब्सक्राइबर बेस सितंबर के 39.24 करोड़ से बढ़कर 39.36 करोड़ हो गया, पिछले कुछ सालों में Airtel ने प्रीमियम ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए नेटवर्क क्वालिटी और बेहतर 4G/5G सेवाओं पर भारी निवेश किया है, यही वजह है, कि कंपनी भले ही जियो जैसे आंकड़े तक नहीं पहुंच पाई है, लेकिन उसने लगातार स्थिर वृद्धि बनाए रखी है, इसका ARPU अब भी जियो से अधिक है, जो इसे वित्तीय रूप से मजबूत स्थिति में रखता है।
BSNL ने भी अक्टूबर 2025 में 2.69 लाख नए ग्राहकों को अपने नेटवर्क से जोड़ा, इस वृद्धि के साथ BSNL का कुल उपभोक्ता आधार 9.25 करोड़ हो गया, BSNL लंबे समय से अपने नेटवर्क अपग्रेड और 4G-5G लॉन्च को लेकर काम कर रहा है, रिपोर्ट बताती है, कि ग्रामीण क्षेत्रों में BSNL की सेवाएं अभी भी कई लोगों की पहली पसंद बनी हुई हैं, हालांकि निजी कंपनियों की तुलना में BSNL की गति धीमी है, लेकिन धीरे-धीरे कंपनी अपने ग्राहक आधार को पुनर्जीवित करती दिख रही है।
दूसरी तरफ Vodafone Idea के लिए अक्टूबर का महीना निराशाजनक साबित हुआ, कंपनी ने 20.83 लाख ग्राहक खो दिए, जिससे इसका कुल सब्सक्राइबर बेस सितंबर के 20.28 करोड़ से घटकर 20.07 करोड़ रह गया, यह लगातार कई महीनों से Vi के लिए चिंता का विषय बना हुआ है, कंपनी वित्तीय संकट, नेटवर्क निवेश में कमी, कमजोर 4G कवरेज और 5G लॉन्च में धीमी गति जैसी चुनौतियों का सामना कर रही है, इसके कारण नए ग्राहक जुड़ने तो दूर, पुराने ग्राहक भी तेजी से कंपनी का नेटवर्क छोड़ते जा रहे हैं, यह गिरावट कंपनी की दीर्घकालिक स्थिरता पर भी सवाल खड़े करती है।
TRAI के आंकड़ों के अनुसार अक्टूबर 2025 में पूरे देश में मोबाइल (वायरलेस) उपभोक्ताओं की संख्या बढ़कर 118.4 करोड़ हो गई, जो सितंबर की तुलना में 0.19 फीसदी ज्यादा है, भारत दुनिया के उन देशों में शामिल है, जहां मोबाइल यूजर्स की संख्या लगातार बढ़ रही है, इस वृद्धि में जियो और एयरटेल की अहम भूमिका रही है, जबकि BSNL की हल्की बढ़त ने भी योगदान दिया है, दूसरी ओर Vodafone Idea की गिरावट का असर कुल बाजार पर कम दिखाई देता है, क्योंकि अन्य ऑपरेटरों की वृद्धि उससे अधिक है।
TRAI रिपोर्ट बताती है, कि अक्टूबर के अंत तक भारत में कुल 99.98 करोड़ ब्रॉडबैंड ग्राहक हो गए, जो सितंबर के 99.56 करोड़ की तुलना में लगभग 42 लाख अधिक हैं, यह 0.42 फीसदी की बढ़ोतरी है, देश में डिजिटल सेवाओं, ऑनलाइन स्ट्रीमिंग, ई-लर्निंग, UPI पेमेंट और क्लाउड सेवाओं की बढ़ती लोकप्रियता ब्रॉडबैंड यूजर्स की वृद्धि का मुख्य कारण है, आने वाले समय में 5G विस्तार के साथ यह संख्या 100 करोड़ के आंकड़े को पार कर सकती है।
ट्राई की रिपोर्ट बताती है, कि अक्टूबर 2025 में देश में वायरलाइन (लैंडलाइन) उपभोक्ताओं की संख्या बढ़कर 4.675 करोड़ (46.75 मिलियन) हो गई, इसमें 0.14 मिलियन की मासिक वृद्धि दर्ज की गई, जो 0.30 फीसदी की बढ़त दर्शाती है, वायरलाइन इस्तेमाल में शहरी इलाकों का दबदबा है, जहां यह टेली-डेंसिटी 8.16 फीसदी है, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में यह केवल 0.55 फीसदी है, कुल वायरलाइन ग्राहकों में से 89.36 फीसदी शहरी और 10.64 फीसदी ग्रामीण उपभोक्ता हैं, यह डेटा बताता है, कि फाइबर ब्रॉडबैंड और हाई-स्पीड इंटरनेट की मांग फिलहाल शहरों में ही अधिक है।