आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI तेजी से ऐसे काम करने में सक्षम हो रहा है, जिन्हें पहले इंसानों को खुद करना पड़ता था। गणना करने से लेकर होमवर्क में मदद करने और कठिन सवालों को समझाने तक, AI Tools अब छात्रों की पढ़ाई का हिस्सा बनते जा रहे हैं। ऐसे में यह सवाल भी उठ रहा है कि भविष्य में बच्चों को कौन-सी पारंपरिक Skills सीखना जरूरी रहेगा और किन कामों को Technology पर छोड़ा जा सकता है।
एनवीडिया के सीईओ जेन्सेन हुआंग ने हाल ही में The Ezra Klein Show में बातचीत के दौरान इसी बदलते माहौल पर अपनी राय रखी। उन्होंने संकेत दिया कि AI के बढ़ते इस्तेमाल के साथ गणित की कुछ बुनियादी क्षमताएं पहले की तुलना में कम महत्वपूर्ण हो सकती हैं, क्योंकि AI ऐसे कई Routine Calculations तुरंत कर सकता है।
Huang की टिप्पणी ने शिक्षा के भविष्य को लेकर चल रही उस बहस को और बढ़ा दिया है, जिसमें यह सवाल पूछा जा रहा है कि जब Technology कई पारंपरिक काम कर सकती है, तो स्कूलों में बच्चों को किन Skills पर अधिक ध्यान देना चाहिए।
बातचीत के दौरान एनवीडिया के सीईओ जेन्सेन हुआंग Nvidia CEO Jensen Huang ने माना कि बच्चों को गणित की कुछ Fundamental Skills पहले की तुलना में कम याद रह सकती हैं।
उन्होंने विशेष रूप से लंबा भाग, पहाड़े और वर्गमूल निकालने जैसी क्षमताओं का उदाहरण दिया। उनके अनुसार, जैसे-जैसे AI आधारित Tools आसानी से उपलब्ध होते जाएंगे, वैसे-वैसे इन कामों को हाथ से करने की जरूरत कम हो सकती है।
जब जेन्सेन हुआंग से पूछा गया कि अगर बच्चों में ऐसी बुनियादी Mathematical Skills कम हो जाएं तो क्या यह जरूरी रूप से एक समस्या होगी, तो उन्होंने इसे बहुत बड़ी चिंता के रूप में नहीं देखा।
उनका तर्क है कि Technology में बदलाव के साथ इंसानों की क्षमताएं भी बदल सकती हैं। कुछ पुराने Skills का इस्तेमाल कम हो सकता है और उनकी जगह ऐसी क्षमताएं अधिक महत्वपूर्ण हो सकती हैं, जो AI के साथ काम करने वाले समाज के लिए ज्यादा उपयोगी हों।
इस नजरिए के अनुसार, भविष्य में लोगों को हर छोटी गणना खुद याद रखने के बजाय जानकारी को समझने, जोड़ने और उसका सही इस्तेमाल करने पर अधिक ध्यान देना पड़ सकता है।
आज AI Tools गणित के सवाल हल करने, किसी Concept को समझाने, Step-by-Step Solution देने और Homework में सहायता करने में सक्षम हैं।
पहले छात्रों को कई प्रकार के सवालों को हल करने के लिए लंबे समय तक अभ्यास और याद करने की जरूरत होती थी। अब वे कुछ ही समय में AI से किसी सवाल का समाधान और उसका स्पष्टीकरण प्राप्त कर सकते हैं।
हालांकि, Technology की यह सुविधा कुछ नए सवाल भी खड़े करती है।
AI से Homework जल्दी पूरा हो सकता है, लेकिन जल्दी काम पूरा होना हमेशा गहरी Learning का संकेत नहीं होता।
बातचीत में चीन के 26,000 छात्रों से जुड़े एक अध्ययन का भी उल्लेख किया गया। इसमें पाया गया कि AI की मदद से छात्रों ने Homework तेजी से पूरा किया, लेकिन छह महीने की अवधि में उनके परीक्षा अंकों में 20% तक की गिरावट भी देखी गई।
इस तरह के निष्कर्षों ने यह सवाल उठाया है कि यदि छात्र किसी समस्या का उत्तर खुद समझने के बजाय सीधे AI से ले लेते हैं, तो क्या इससे उनके सीखने की प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है।
जेन्सेन हुआंग का मानना है कि AI लोगों को सोचने और काम करने के नए तरीके विकसित करने के लिए प्रेरित कर सकता है।
उनके अनुसार, भविष्य में लोग कुछ छोटे और विस्तृत Mental Tasks खुद करने की क्षमता कम इस्तेमाल कर सकते हैं, लेकिन इसके बदले Systems Thinking जैसी क्षमताओं पर अधिक ध्यान दे सकते हैं।
Systems Thinking का मतलब किसी समस्या या व्यवस्था को केवल एक हिस्से के रूप में देखने के बजाय यह समझना है कि उसके अलग-अलग हिस्से एक-दूसरे से कैसे जुड़े हैं और पूरी व्यवस्था किस तरह काम करती है।
जेन्सेन हुआंग ने अपनी बात समझाने के लिए अपने अनुभव का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि उन्हें हमेशा अपने घर का पता या फोन नंबर जैसी जानकारियां याद नहीं रहतीं।
उन्होंने एक ऐसी स्थिति को भी याद किया जब उन्हें अपना ZIP Code बताना था, लेकिन उस समय उन्हें वह याद नहीं था।
उनके अनुसार, जब Technology की मदद से ऐसी जानकारी जरूरत पड़ने पर तुरंत हासिल की जा सकती है, तो हर छोटी जानकारी को याद रखने की जरूरत पहले जैसी नहीं रह जाती।
जेन्सेन हुआंग की टिप्पणी शिक्षा से जुड़े विशेषज्ञों के सामने एक बड़ा सवाल रखती है। यदि AI कुछ ही सेकंड में जटिल गणनाएं कर सकता है, तो बच्चों को कितनी Arithmetic सीखनी चाहिए?
Basic Mathematics का उद्देश्य केवल सही उत्तर निकालना नहीं है। गणित सीखने से बच्चों को संख्याओं के बीच संबंध समझने, गलतियों को पहचानने और किसी समस्या को व्यवस्थित तरीके से हल करने में मदद मिलती है।
गणित की बुनियादी समझ AI के दौर में भी उपयोगी हो सकती है। यदि किसी छात्र को Mathematical Concepts की सही समझ नहीं है, तो उसके लिए यह पहचानना मुश्किल हो सकता है कि AI ने गलत उत्तर दिया है या किसी गलत आधार पर समाधान तैयार किया है।
इसलिए बहस को केवल Traditional Maths बनाम AI के रूप में देखना जरूरी नहीं है। असली सवाल यह हो सकता है कि गणित के कौन-से Skills बच्चों के लिए जरूरी हैं और किन Routine Tasks में Technology की मदद ली जा सकती है।
AI के बढ़ते इस्तेमाल से स्कूलों में Reasoning, Problem-Solving और Conceptual Understanding पर ज्यादा ध्यान दिया जा सकता है।
इसके तहत छात्रों से हर Calculation को याद कराने के बजाय यह समझने पर जोर दिया जा सकता है कि कोई Mathematical Method काम कैसे करता है और उसे किसी नई परिस्थिति में कैसे इस्तेमाल किया जाए।
AI का इस्तेमाल केवल Homework का उत्तर पाने के लिए करने के बजाय Concepts को समझने, अलग-अलग Solutions को जांचने और कठिन विषयों पर Explanation लेने के लिए किया जा सकता है।
लेकिन इसके साथ छात्रों से यह अपेक्षा भी जरूरी हो सकती है कि वे AI के दिए गए उत्तर को खुद जांचें और उसके सही या गलत होने के कारण को समझें।
जेन्सेन हुआंग की टिप्पणी शिक्षा और रोजगार दोनों में हो रहे व्यापक बदलाव की ओर भी इशारा करती है।
जैसे-जैसे AI Routine Tasks करने में सक्षम होता जा रहा है, वैसे-वैसे कुछ पारंपरिक Skills का महत्व कम हो सकता है। वहीं Critical Thinking, Creativity, Communication और Systems-Level Reasoning जैसी क्षमताओं पर अधिक ध्यान दिया जा सकता है।
AI के साथ काम करने के लिए छात्रों के पास पर्याप्त बुनियादी ज्ञान होना भी जरूरी है। केवल Technology पर निर्भर रहने से छात्र AI के उत्तरों की गुणवत्ता को समझने या उनकी गलतियों को पकड़ने में कठिनाई महसूस कर सकते हैं।
इसलिए चुनौती यह है कि छात्रों को इतना Fundamental Knowledge दिया जाए कि वे AI का इस्तेमाल समझदारी से कर सकें।
जेन्सेन हुआंग की टिप्पणी का अर्थ यह जरूरी नहीं है कि भविष्य में Mathematics की जरूरत खत्म हो जाएगी। उनकी बात मुख्य रूप से इस सवाल को सामने लाती है कि जब Technology बहुत-सी Calculations खुद कर सकती है, तब Mathematical Education में किन Skills को सबसे अधिक महत्व दिया जाना चाहिए।
स्कूलों को संभवतः Foundational Maths Skills और AI के साथ काम करने की क्षमता के बीच संतुलन बनाना होगा।
Technology का उद्देश्य Learning को आसान और प्रभावी बनाना हो सकता है, लेकिन इसके कारण छात्रों की मूल समझ, सवाल पूछने की क्षमता और स्वतंत्र रूप से समस्या हल करने की योग्यता कमजोर नहीं होनी चाहिए।
Nvidia CEO जेन्सेन हुआंग की टिप्पणी ने AI के दौर में Education और Basic Maths की भूमिका को लेकर एक महत्वपूर्ण चर्चा को सामने रखा है।
AI आज कई Routine Calculations और Academic Tasks को तेजी से पूरा कर सकता है। लेकिन Mathematical Understanding केवल उत्तर निकालने तक सीमित नहीं है। यह छात्रों को तर्क करने, संबंधों को समझने, गलतियों को पहचानने और समस्याओं का समाधान करने में मदद करती है।
इसलिए भविष्य की शिक्षा में सवाल केवल यह नहीं होगा कि बच्चों को क्या याद करना चाहिए, बल्कि यह भी होगा कि उन्हें कैसे सोचना, AI का सही इस्तेमाल करना और Technology से मिले परिणामों का मूल्यांकन करना कैसे सिखाया जाए।